{"_id":"685078dff59197976005f7eb","slug":"the-responsible-people-are-not-able-to-see-the-deep-potholes-on-the-roads-jhansi-news-c-332-1-ban1001-101366-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: जिम्मेदारों को नजर नहीं आ रहे सड़कों के गहरे गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: जिम्मेदारों को नजर नहीं आ रहे सड़कों के गहरे गड्ढे
विज्ञापन
मऊरानीपुर /बंगरा। मानसून दरवाजे पर खड़ा होकर दस्तक दे रहा है। आने वाले दिनों में झमाझम बारिश के आसार है। इसके बावजूद, अब तक बारिश से निपटने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। बारिश में जल भराव होने पर नाले-नालियां नजर नहीं आते हैं। इसकी अनदेखी करते हुए खुले नालों को अब तक ढका नहीं किया गया है, जो लोगों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
मऊरानीपुर में नारायण टॉकीज के पीछे से निकले नाले को ढक दिया गया था। इस पर जगह-जगह लोहे के जाल लगा दिए गए थे। जाल के पास मोहल्ले के लोग कचरा डालते हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर जाल गलकर टूट गए हैं। तीन साल बीतने के बाद भी यहां पर न तो जाल लगाया गया और न ही गड्ढे को बंद करने के अन्य कोई इंतजाम किए गए। सामने से आने पर ढलान है, जिस पर वाहन तेजी से आते हैं। रात के समय अंधेरा होने पर यह गड्ढा नजर नहीं आता है। गड्ढे के सामने मोड़ पड़ती है, जिससे दुर्घटना होने की हर समय आशंका बनी रहती है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व यहां पर एक दुर्घटना भी हो चुकी है। लेकिन, इसके बाद भी अभी तक न तो इसे बंद किया गया और न इस पर जाल लगाया गया। अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि नाले पर लगे जाल के टूटे होने की जानकारी उन्हें है। जल्द ही उसे बंद कर दिया जाएगा।
वहीं, बंगरा में पुलिस चौकी के पास सड़क पर गड्ढा है, जिसमें कचरा भी जमा है। आए दिन लोग इस गड्ढे में गिरते रहते हैं। बारिश में जल भराव होने पर यह नजर नहीं आता है, जिससे हर समय जोखिम बना रहता है। खास बात यह है कि यह गड्ढा खंड विकास कार्यालय से भी नजदीक है। जहां से प्रतिदिन अधिकारियों का आवागमन होता है, व्यापारियों का कहना है कि इसमें पनप रही गंदगी और बदबू से लोग अलग परेशान हैं। स्थानीय रामजी दीक्षित, भगवानदास भास्कर, कौशल, संजय, संदीप आदि ने जनहित में गड्ढा बंद करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मऊरानीपुर में नारायण टॉकीज के पीछे से निकले नाले को ढक दिया गया था। इस पर जगह-जगह लोहे के जाल लगा दिए गए थे। जाल के पास मोहल्ले के लोग कचरा डालते हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर जाल गलकर टूट गए हैं। तीन साल बीतने के बाद भी यहां पर न तो जाल लगाया गया और न ही गड्ढे को बंद करने के अन्य कोई इंतजाम किए गए। सामने से आने पर ढलान है, जिस पर वाहन तेजी से आते हैं। रात के समय अंधेरा होने पर यह गड्ढा नजर नहीं आता है। गड्ढे के सामने मोड़ पड़ती है, जिससे दुर्घटना होने की हर समय आशंका बनी रहती है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व यहां पर एक दुर्घटना भी हो चुकी है। लेकिन, इसके बाद भी अभी तक न तो इसे बंद किया गया और न इस पर जाल लगाया गया। अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि नाले पर लगे जाल के टूटे होने की जानकारी उन्हें है। जल्द ही उसे बंद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, बंगरा में पुलिस चौकी के पास सड़क पर गड्ढा है, जिसमें कचरा भी जमा है। आए दिन लोग इस गड्ढे में गिरते रहते हैं। बारिश में जल भराव होने पर यह नजर नहीं आता है, जिससे हर समय जोखिम बना रहता है। खास बात यह है कि यह गड्ढा खंड विकास कार्यालय से भी नजदीक है। जहां से प्रतिदिन अधिकारियों का आवागमन होता है, व्यापारियों का कहना है कि इसमें पनप रही गंदगी और बदबू से लोग अलग परेशान हैं। स्थानीय रामजी दीक्षित, भगवानदास भास्कर, कौशल, संजय, संदीप आदि ने जनहित में गड्ढा बंद करने की मांग की है।
विज्ञापन