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केंद्रीय जल आयोग की मुहर के बाद तय होगा परियोजना स्थल
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झांसी। बुंदेलखंड की बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा सिंचाई परियेाजना का काम अगले माह से आरंभ होने की उम्मीद है। इसे लेकर उच्च स्तरीय बैठकों का दौर इन दिनों चल रहा है। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि इसी हफ्ते केंद्रीय जल आयोग की टीम को भी यहां पहुंचना है। उसके बाद ही परियोजना स्थल अंतिम रूप से चयनित होगा। उसकी हरी झंडी मिलने के बाद यहां काम शुरू होगा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड का सूखा दूर करने के मामले में गेम चेंजर माना जा रहा है। झांसी के सूखाग्रस्त इलाकों को भी इससे काफी फायदा पहुंचेगा। सिंचाई अभियंताओं का दावा है इसकी मदद से सभी नहर एवं तालाबों को न सिर्फ भरा जा सकेगा बल्कि सपरार, खपरार एवं लखेरी जैसे सूखे रहने वाले बांध भी लबालब हो जाएंगे। इसकी मदद से झांसी के 17488 हेक्टेयर एवं ललितपुर के 3533 हे. रकबे को सिंचाई का पानी मिलेगा।
पिछले करीब 19 साल से यह परियोजना कागजों में फंसी थी लेकिन, केंद्र सरकार की दखल के बाद उप्र एवं मप्र सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने पर राजी हो गईं। अभियंताओं के मुताबिक पन्ना (मध्य प्रदेश) में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। यहां से 221 किलोमीटर लंबा लिंक चैनल निकलेगा। इसके लिए झांसी में बरुआसागर के पास परियोजना की वीयर बनाई जानी है हालांकि यह स्थान अभी तक चयनित नहीं हुआ। इसी स्थान के परीक्षण के लिए अगले सप्ताह केंद्रीय जल आयोग
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(सीडब्ल्यूसी) की टीम को यहां आना है। यह टीम स्थान का परीक्षण करके अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद स्थान अंतिम रूप से तय होगा। अभियंताओं का कहना है दिसंबर माह तक यहां काम आरंभ होने की उम्मीद है। परियोजना के अंतर्गत बरियापुर पिकप वीयर, पारीछा, वीयर, बरूआ सागर में बांध निर्माण कराया जाएगा।
इस संबंध में लगातार उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं। सीडब्ल्यूसी की टीम को भी यहां आना है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही यहां काम आगे बढ़ेगा।
महेश्वरी प्रसाद
मुख्य अभियंता, बेतवा प्रखंड
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केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड का सूखा दूर करने के मामले में गेम चेंजर माना जा रहा है। झांसी के सूखाग्रस्त इलाकों को भी इससे काफी फायदा पहुंचेगा। सिंचाई अभियंताओं का दावा है इसकी मदद से सभी नहर एवं तालाबों को न सिर्फ भरा जा सकेगा बल्कि सपरार, खपरार एवं लखेरी जैसे सूखे रहने वाले बांध भी लबालब हो जाएंगे। इसकी मदद से झांसी के 17488 हेक्टेयर एवं ललितपुर के 3533 हे. रकबे को सिंचाई का पानी मिलेगा।
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पिछले करीब 19 साल से यह परियोजना कागजों में फंसी थी लेकिन, केंद्र सरकार की दखल के बाद उप्र एवं मप्र सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने पर राजी हो गईं। अभियंताओं के मुताबिक पन्ना (मध्य प्रदेश) में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। यहां से 221 किलोमीटर लंबा लिंक चैनल निकलेगा। इसके लिए झांसी में बरुआसागर के पास परियोजना की वीयर बनाई जानी है हालांकि यह स्थान अभी तक चयनित नहीं हुआ। इसी स्थान के परीक्षण के लिए अगले सप्ताह केंद्रीय जल आयोग
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(सीडब्ल्यूसी) की टीम को यहां आना है। यह टीम स्थान का परीक्षण करके अपनी रिपोर्ट देगी। उसके बाद स्थान अंतिम रूप से तय होगा। अभियंताओं का कहना है दिसंबर माह तक यहां काम आरंभ होने की उम्मीद है। परियोजना के अंतर्गत बरियापुर पिकप वीयर, पारीछा, वीयर, बरूआ सागर में बांध निर्माण कराया जाएगा।
इस संबंध में लगातार उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं। सीडब्ल्यूसी की टीम को भी यहां आना है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही यहां काम आगे बढ़ेगा।
महेश्वरी प्रसाद
मुख्य अभियंता, बेतवा प्रखंड