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वैष्णो देवी में भगदड़ में फंस गए थे झांसी वाले, बोले-तीन दशकों में भी नहीं देखी ऐसी भीड़

Sun, 02 Jan 2022 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 01:03 AM IST
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The people of Jhansi were trapped in a stampede in Vaishno Devi, said - not seen such a crowd even in three decades
झांसी। जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी भवन में शनिवार देर रात मची भगदड़ में झांसी के भी कई लोग फंस गए। अमर उजाला ने जब फोन पर बात की तो लोगों ने आपबीती सुनाई। बोले कि बाल-बाल जान बच गई। भगदड़ को याद करते हुए वह सिहर उठे। आवाज कंपकंपाने लगी। कहा कि तीन दशकों में कभी ऐसी भीड़ नहीं देखी। पैर रखने की जगह नहीं थी। दम तक घुटने लगा था। किसी तरह बचकर निकल पाए।
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सिविल लाइन के जानकीपुरम निवासी लोहा व्यापारी मनीष नीखरा अपनी पत्नी संगीता, बेटे अर्जुन, बेटी नैंसी व एंजिल, जीजा हरीशंकर गुप्ता, बहन शशि गुप्ता और भांजे शुभम गुप्ता के साथ वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए थे। 31 दिसंबर की रात में आरती में शामिल होने के बाद वो भवन की तरफ लौटने लगे, जहां वो ठहरे हुए थे। मनीष ने बताया कि वह तीस सालों से वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे हैं लेकिन पहली बार इतनी जबरदस्त भीड़ देखी। बताया कि उन्होंने पहले बेटे, फिर बेटियों और दीदी-जीजा को भवन की तरफ भेज दिया था। ऐसे में भीड़ देखकर उन्हें अपनों की चिंता होने लगी। वहां पर एक-एक कदम बढ़ाना मुश्किल हो रहा था। धक्का-मुक्की के बीच कई बार उन्हें और पत्नी का भीड़ में दम तक घुटने लगा। ऐसा लगा कि अब सांसें थम जाएंगी। पुलिस कर्मचारियों के पीछे चलकर वो आगे बढ़ते गए। पल-पल अपनों की चिंता सता रही थी। दिल घबराया हुआ था। जब उन्हें बेटियां दिख गई तब राहत की सांस ली। इसके बाद वो भवन तक पहुंचे तो बेटा और बहन-जीजा भी पहुंच चुके थे। सब लोग एक-दूसरे से मिले, तब जान में जान आई। कुछ ही देर बार एंबुलेंस की आवाजें सुनाई देनी लगीं। बाद में पता चला कि भगदड़ मचने से हादसा हो गया है।
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हादसे की खबर सुनते ही अपनों का हाल जानने को तड़पते रहे
वैष्णो देवी में हुए हादसे की खबर सुनते ही अपनों का हाल जानने के लिए लोग तड़पते रहे। किसी का फोन नहीं उठा तो चिंता सताने लगी। मिशन कंपाउंड निवासी दवा व्यापारी राजू सिरौलिया के बेटे मयंक गुप्ता और भतीजे सौरभ गुप्ता भी 31 दिसंबर की रात को वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए हुए थे। राजू के मुताबिक जब सुबह उन्होंने टीवी पर हादसे की खबर सुनी तो सभी परिजन घबरा गए। फोन लगाना शुरू किया तो रिंग जाती रही लेकिन उठा नहीं। बाद में बैक कॉल आई और जब बात हो गई तब राहत मिली। दोनों ने बताया कि वह सुरक्षित हैं।
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झांसी से हर साल जाते हैं 100 से ज्यादा लोग
नए साल के पहले दिन माता के दर्शन के लिए झांसी से हर साल 100 से ज्यादा लोग जाते हैं। जिला सहकारी बैंक के निदेशक आशीष उपाध्याय ने बताया कि पिछले 20 सालों से वह अपने पांच-छह दोस्तों के साथ वैष्णो देवी दर्शन करने के लिए जाते हैं। बस इसी बार जाना नहीं हो पाया। हालांकि, उनके कुछ मित्र जरूर दर्शन के लिए गए हैं।
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