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ऑपरेशन कर बच्चे के पेट के अंदर कीं बाहर निकली आंतें
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दो सप्ताह के अंदर दूसरी बार बच्चे के जन्म के छह घंटे के अंदर दुर्लभ ऑपरेशन किया गया। जन्म के बाद बच्चे के पेट के कुछ हिस्से में खाल न होने के कारण आंतें बाहर निकली हुई थीं। दो घंटे के ऑपरेशन के बाद आंतें पेट के अंदर कर दी गईं।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार की शाम को डिलीवरी के बाद जन्में बच्चे के पेट के छह सेंटीमीटर हिस्से में खाल ही नहीं थी। साथ ही आंतें बाहर निकली हुई थी। जिसने भी बच्चे को देखा वो चौंक गया। आनन-फानन इसकी सूचना सर्जरी और पीडियाट्रिक विभाग को दी गई। डॉक्टरों की टीम बच्चे को देखने पहुंची और रात 12 बजे ही ऑपरेशन करने का फैसला किया। दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आंतों को पेट के अंदर कर दिया। फिर खाल को खींचकर टांके लगा दिए। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। डॉक्टरों ने बताया कि दस लाख बच्चों के जन्म में कोई एक केस ऐसा होता है। ऑपरेशन करने वाली टीम में यूनिट हेड डॉ. राजकुमार वर्मा, पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अंकित सिंह, डॉ. गौतमन, डॉ. प्रदीप, डॉ. शिवम ओमर, डॉ. मुक्तेश, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. प्रशांत साहू, डॉ. शेख मोनज्जम, डॉ. पूजा और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. रूपेश, डॉ. यमुना, डॉ. रूपेंद्र शामिल रहे।
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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बृहस्पतिवार की शाम को डिलीवरी के बाद जन्में बच्चे के पेट के छह सेंटीमीटर हिस्से में खाल ही नहीं थी। साथ ही आंतें बाहर निकली हुई थी। जिसने भी बच्चे को देखा वो चौंक गया। आनन-फानन इसकी सूचना सर्जरी और पीडियाट्रिक विभाग को दी गई। डॉक्टरों की टीम बच्चे को देखने पहुंची और रात 12 बजे ही ऑपरेशन करने का फैसला किया। दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आंतों को पेट के अंदर कर दिया। फिर खाल को खींचकर टांके लगा दिए। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। डॉक्टरों ने बताया कि दस लाख बच्चों के जन्म में कोई एक केस ऐसा होता है। ऑपरेशन करने वाली टीम में यूनिट हेड डॉ. राजकुमार वर्मा, पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अंकित सिंह, डॉ. गौतमन, डॉ. प्रदीप, डॉ. शिवम ओमर, डॉ. मुक्तेश, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. प्रशांत साहू, डॉ. शेख मोनज्जम, डॉ. पूजा और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. रूपेश, डॉ. यमुना, डॉ. रूपेंद्र शामिल रहे।
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