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Jhansi News: कार के क्षतिग्रस्त होने के बाद भी बीमा कंपनी ने नहीं दिया क्लेम
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कार के क्षतिग्रस्त होने के सात साल पुराने मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को मय ब्याज के धनराशि लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के मद में राशि देने का आदेश दिया है।
परिवाद के मुताबिक, अजय बहादुर सिंह ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी सिविल लाइन झांसी से अपनी कार का बीमा कराया था। 21 दिसंबर 2016 से 20 दिसंबर 2017 तक लगाकार किस्तें भरी गई थीं। इसी बीच अप्रैल 2017 को अजय कार से ओरछा जा रहा था। कार को चालक बालचंद्र अहिरवार चला रहा था। ओरछा तिराहे पर सामने से आ रहे एक भारी वाहन ने कार में टक्कर मार दी थी। इससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
कार में बैठा अजय बहादुर घायल हो गया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। कार की हालत देख सर्वेयर ने तीन लाख 43 हजार रुपये की क्षति बताई थी। बीमा कंपनी ने इस आधार पर क्लेम देने से मना कर दिया था चालक बालचंद अहिरवार के पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस तो है लेकिन हल्के वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं है। इस पर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह सदस्यगण देवेश अग्निहोत्री और ज्योति प्रभा जैन ने निर्णय दिया कि चालक के पास पहले हल्के वाहन चलाने का लाइसेंस है। भारी वाहन चलाने का लाइसेंस भी है। लिहाजा उसे वाहन चलाना तो आता है। इसी आधार पर अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह 2018 से लेकर भुगतान की तिथि तक एक लाख 92 हजार 500 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ अदा करें। इसके साथ ही मानसिक कष्ट के रूप में पांच हजार और वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये भी कार मालिक को अदा करने का आदेश दिया।
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झांसी। कार के क्षतिग्रस्त होने के सात साल पुराने मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को मय ब्याज के धनराशि लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के मद में राशि देने का आदेश दिया है।
परिवाद के मुताबिक, अजय बहादुर सिंह ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी सिविल लाइन झांसी से अपनी कार का बीमा कराया था। 21 दिसंबर 2016 से 20 दिसंबर 2017 तक लगाकार किस्तें भरी गई थीं। इसी बीच अप्रैल 2017 को अजय कार से ओरछा जा रहा था। कार को चालक बालचंद्र अहिरवार चला रहा था। ओरछा तिराहे पर सामने से आ रहे एक भारी वाहन ने कार में टक्कर मार दी थी। इससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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कार में बैठा अजय बहादुर घायल हो गया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। कार की हालत देख सर्वेयर ने तीन लाख 43 हजार रुपये की क्षति बताई थी। बीमा कंपनी ने इस आधार पर क्लेम देने से मना कर दिया था चालक बालचंद अहिरवार के पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस तो है लेकिन हल्के वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं है। इस पर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह सदस्यगण देवेश अग्निहोत्री और ज्योति प्रभा जैन ने निर्णय दिया कि चालक के पास पहले हल्के वाहन चलाने का लाइसेंस है। भारी वाहन चलाने का लाइसेंस भी है। लिहाजा उसे वाहन चलाना तो आता है। इसी आधार पर अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह 2018 से लेकर भुगतान की तिथि तक एक लाख 92 हजार 500 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ अदा करें। इसके साथ ही मानसिक कष्ट के रूप में पांच हजार और वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये भी कार मालिक को अदा करने का आदेश दिया।
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