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पानी वाली धर्मशाला के नाले की हुई सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:38 AM IST
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पानी वाली धर्मशाला के नाले की हुई सफाई
- फोटो : demo
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पंचकुइयां से नरिया बाजार की ओर जाने वाले नाले की रोक सफाई कर्मियों ने आखिरकार खोल दी। इससे एक महीने से नाले में भरा पानी निकल गया और पानी वाली धर्मशाला में जा रहा गंदा पानी भी बंद हो गया। अब नगर निगम सभी मकान स्वामियों को नोटिस जारी करेगा, ताकि वह नाले के ऊपर जाली लगवा लें। यदि एक माह में जाली नहीं लगवाई गई, तो जुर्माना लगाया जाएगा तथा नाले के ऊपर मकान बनाकर किया अतिक्रमण तोड़ा जाएगा।
नाले का पानी हुकुम सिंह के मकान के नीचे चोक हो रहा था, जबकि मकान स्वामी ने ताला लगा दिया था। इस पर पुलिस प्रशासन की मदद से ताला खोला गया। अंदर जाकर देखा तो नाले को बंद कर दिया गया था। इस पर खुदाई शुरू की गई और करीब छह फुट खोदने के बाद नाला दिखाई दिया। नीचे देखा तो नाले में पुराने फटे कपड़े, सात - आठ रजाइयां, पॉलीथिन, दौना, पत्तल और गिलास फंसे थे। सफाई कर्मियों ने जैसे ही कचरा को निकाला, नाले में पानी तेजी से आगे निकल गया। इससे गंदा पानी धर्मशाला में जाना बंद हो गया। यह देख लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। दिन में करीब ढाई बजे से गंदे पानी की निकासी शुरू हुई और तीन बजे तक लगातार पानी चलता रही। पानी तेजी से आगे बढ़ा तो खटिकयाना मुहल्ला में नटवली नाला चोक हो गया। इस पर सफाई कर्मियों की टीम वहां गई और नाले को साफ किया, तब कहीं गंदा पानी निकल सका। नाले की सफाई कराई गई तो दो ट्राली कचरा निकला। अभी और सफाई कराई जाएगी, ताकि नाला पूरी तरह से साफ हो जाए।
वर्षों बाद हुई सफाई
यह नाला सफाई के मामले में चुनौती बना हुआ था। पहले दिन जब सफाई कर्मी नाले में घुसे तो सफाई कर्मी कुंदन जहरीली गैस के संपर्क में आने के कारण बेहोश हो गया था। इसके बाद कोई कर्मचारी इसमें घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। नगर आयुक्त ने दस सफाई कर्मियों की नाला गैंग को सफाई करने के निर्देश दिए, लेकिन कर्मचारी सफाई करने आए ही नहीं। इसके बाद सफाई हवलदार अशोक प्याल को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने चुनौती को स्वीकार करते हुए पांच अनुभवी सफाई कर्मियों को काम पर लगाया व दो दिन की मशक्कत के बाद नाले की सफाई करा दी गई। इस नाले की सफाई वर्षों के बाद हो रही है।
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अब उत्साह से जाएंगे वोट डालने
समाजसेवी अनिल दीक्षित सुबह से श्रद्धालुओं के साथ प्रभातफेरी निकालते हैं। उन्हें नाले के गंदे पानी के होकर गुजरना पड़ रहा था। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नाला की सफाई कराने की मांग की थी, अन्यथा की स्थिति में मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। ज्ञापन पर सौ से अधिक लोगों के हस्ताक्षर थे। लेकिन, नाला की सफाई होने के बाद उन्होंने कहा कि अब मतदान के लिए वह पूरे उत्साह से जाएंगे।
पत्थर फंसा था
नाले में नीचे पत्थर फंसा था। इस कारण नाले में आने वाला कचरा भी उस पत्थर में फंस गया। नाले की रोक खुल जाने के बाद छह फुट गहराई तक सफाई हो गई है। अभी और सफाई कराई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न हो।
मकान स्वामियों को एक माह की मोहलत
सभी मकान स्वामी, जिनके मकान नाले के ऊपर बने हैं, वह नाला सफाई के लिए बने चैंबर में जाली लगवा लें। इसके लिए एक माह का समय है। जो चैंबर में जाली नहीं लगवा सकते हैं, वह नगर निगम में सूचना दे दें ताकि विभाग जाली लगवा दे। एक माह बाद फिर से निरीक्षण होगा, यदि किसी मकान स्वामी ने चैंबर बंद किया अथवा जाली नहीं लगवाई तो कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो मकान का अतिक्रमण तोड़ दिया जाएगा।
- रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
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नाले का पानी हुकुम सिंह के मकान के नीचे चोक हो रहा था, जबकि मकान स्वामी ने ताला लगा दिया था। इस पर पुलिस प्रशासन की मदद से ताला खोला गया। अंदर जाकर देखा तो नाले को बंद कर दिया गया था। इस पर खुदाई शुरू की गई और करीब छह फुट खोदने के बाद नाला दिखाई दिया। नीचे देखा तो नाले में पुराने फटे कपड़े, सात - आठ रजाइयां, पॉलीथिन, दौना, पत्तल और गिलास फंसे थे। सफाई कर्मियों ने जैसे ही कचरा को निकाला, नाले में पानी तेजी से आगे निकल गया। इससे गंदा पानी धर्मशाला में जाना बंद हो गया। यह देख लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। दिन में करीब ढाई बजे से गंदे पानी की निकासी शुरू हुई और तीन बजे तक लगातार पानी चलता रही। पानी तेजी से आगे बढ़ा तो खटिकयाना मुहल्ला में नटवली नाला चोक हो गया। इस पर सफाई कर्मियों की टीम वहां गई और नाले को साफ किया, तब कहीं गंदा पानी निकल सका। नाले की सफाई कराई गई तो दो ट्राली कचरा निकला। अभी और सफाई कराई जाएगी, ताकि नाला पूरी तरह से साफ हो जाए।
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वर्षों बाद हुई सफाई
यह नाला सफाई के मामले में चुनौती बना हुआ था। पहले दिन जब सफाई कर्मी नाले में घुसे तो सफाई कर्मी कुंदन जहरीली गैस के संपर्क में आने के कारण बेहोश हो गया था। इसके बाद कोई कर्मचारी इसमें घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। नगर आयुक्त ने दस सफाई कर्मियों की नाला गैंग को सफाई करने के निर्देश दिए, लेकिन कर्मचारी सफाई करने आए ही नहीं। इसके बाद सफाई हवलदार अशोक प्याल को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने चुनौती को स्वीकार करते हुए पांच अनुभवी सफाई कर्मियों को काम पर लगाया व दो दिन की मशक्कत के बाद नाले की सफाई करा दी गई। इस नाले की सफाई वर्षों के बाद हो रही है।
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अब उत्साह से जाएंगे वोट डालने
समाजसेवी अनिल दीक्षित सुबह से श्रद्धालुओं के साथ प्रभातफेरी निकालते हैं। उन्हें नाले के गंदे पानी के होकर गुजरना पड़ रहा था। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नाला की सफाई कराने की मांग की थी, अन्यथा की स्थिति में मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। ज्ञापन पर सौ से अधिक लोगों के हस्ताक्षर थे। लेकिन, नाला की सफाई होने के बाद उन्होंने कहा कि अब मतदान के लिए वह पूरे उत्साह से जाएंगे।
पत्थर फंसा था
नाले में नीचे पत्थर फंसा था। इस कारण नाले में आने वाला कचरा भी उस पत्थर में फंस गया। नाले की रोक खुल जाने के बाद छह फुट गहराई तक सफाई हो गई है। अभी और सफाई कराई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न हो।
मकान स्वामियों को एक माह की मोहलत
सभी मकान स्वामी, जिनके मकान नाले के ऊपर बने हैं, वह नाला सफाई के लिए बने चैंबर में जाली लगवा लें। इसके लिए एक माह का समय है। जो चैंबर में जाली नहीं लगवा सकते हैं, वह नगर निगम में सूचना दे दें ताकि विभाग जाली लगवा दे। एक माह बाद फिर से निरीक्षण होगा, यदि किसी मकान स्वामी ने चैंबर बंद किया अथवा जाली नहीं लगवाई तो कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो मकान का अतिक्रमण तोड़ दिया जाएगा।
- रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त