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समायोजन की मांग पर शासन ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 12:34 AM IST
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राज्य विश्वविद्यालयों में एसएफएस कर्मचारियों का रिक्त पड़े नियमित पदों पर समायोजन समेत कई मांगों पर शासन ने संज्ञान ले लिया है। विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के ज्ञापन को मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव अजय कुमार सिंह ने प्रमुख सचिव व सचिव उच्च शिक्षा को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
उप्र राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की कोषाध्यक्ष डॉ. पुष्पा गौतम ने कुछ दिनों पहले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। इसमें सूचीकारों को सहायक पुस्तकालाध्यक्ष पद पर प्रोन्नत करने, 300 दिनों के अवकाश पर नकदीकरण का शासनादेश जारी करने, विश्वविद्यालय के कार्यभार में वृद्धि के सापेक्ष अतिरिक्त पदों का सृजन करने, मौजूदा लिपिकीय ढांचे का सरकारी कर्मचारियों की तरह पुनर्गठन करने, कैशलेस सुविधा देने, पुस्तकालयों में कार्यरत पुस्तकालय लिपिक को वरिष्ठ पुस्तकालय सहायक पदनाम, वेतन और ग्रेड पे अनुमन्य करने समेत कई मांग शामिल थीं। मुख्य मांग बीयू में रिक्त पड़े करीब 40 नियमित पद पर एसएफएस कर्मचारियों का समायोजन करने की थी। बीयू प्रशासन ने मुख्यमंत्री की प्रमुख सचिव को मांग पत्र भेजा था। अब मामले को संज्ञान में लेते हुए विशेष सचिव सीएम ऑफिस ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को मांगपत्र फॉरवर्ड कर दिया है।
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उप्र राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की कोषाध्यक्ष डॉ. पुष्पा गौतम ने कुछ दिनों पहले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। इसमें सूचीकारों को सहायक पुस्तकालाध्यक्ष पद पर प्रोन्नत करने, 300 दिनों के अवकाश पर नकदीकरण का शासनादेश जारी करने, विश्वविद्यालय के कार्यभार में वृद्धि के सापेक्ष अतिरिक्त पदों का सृजन करने, मौजूदा लिपिकीय ढांचे का सरकारी कर्मचारियों की तरह पुनर्गठन करने, कैशलेस सुविधा देने, पुस्तकालयों में कार्यरत पुस्तकालय लिपिक को वरिष्ठ पुस्तकालय सहायक पदनाम, वेतन और ग्रेड पे अनुमन्य करने समेत कई मांग शामिल थीं। मुख्य मांग बीयू में रिक्त पड़े करीब 40 नियमित पद पर एसएफएस कर्मचारियों का समायोजन करने की थी। बीयू प्रशासन ने मुख्यमंत्री की प्रमुख सचिव को मांग पत्र भेजा था। अब मामले को संज्ञान में लेते हुए विशेष सचिव सीएम ऑफिस ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को मांगपत्र फॉरवर्ड कर दिया है।
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