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बंद हो गया सदर बाजार का फूड कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2016 12:24 AM IST
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food soop, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। डिस्काउंट कूपन की आड़ में लोगों से लाखों की वसूली करने के बाद सदर बाजार में कुछ माह पूर्व खोला गया फूड कोर्ट बंद हो गया है। इससे कूपन खरीदने वाले लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। कैंट बोर्ड ने लोगों को लजीज खाद्य व तरल पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इसे खोला था। वहीं, अधिकारी इस ठगी से अनजान बने हुए हैं।
कैंट की जमीन पर बने फूड कोर्ट को चलाने के लिए कैंट बोर्ड ने ठेका आगरा की एक कंपनी को चार माह पूर्व दिया था। फूड कोर्ट में फास्ट फूड, कोल ड्रिंग्स, आइसक्रीम, केक, वेज, नॉनवेज समेत खाने की कई स्वादिष्ट चीजें मिलती थीं। लोगों को लुभाने के लिए फूर्ड कोर्ट ने कुछ समय पूर्व डिस्काउंट कूपन की स्कीम शुरू की गई। डिस्काउंट के तहत एक साल तक खरीद में भारी छूट दी गई थी।
झांसे में आकर कइयों ने 600 रुपये देकर कूपन खरीद लिए। अब फूड कोर्ट में ताला लटक जाने के बाद कूपन खरीददार परेशान हैं। एक दिन फूड कोर्ट बंद मिला तो लोग अगले दिन फिरपहुंचे। लगातार कई दिनों तक कोर्ट बंद मिला तो लोग समझ गए कि उन्हें ठगा गया है।
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कभी सौ रुपये तो कभी साथ में खाने के सामान
डिस्काउंट कूपन में कभी ग्राहक को सौ रुपये तो कभी सामान के साथ एक और खाने का आइटम मुफ्त देने की बात लिखी हुई है। इसमें भी खरीददारी की निर्धारित सीमा थी, उसी के अनुसार ग्राहकों को फायदा मिलता था। डिस्काउंट कूपन स्कीम का कुछ ही समय लोग फायदा उठा पाए।
...तो क्या वसूले 4.8 लाख
सुभाषगंज निवासी शैलेश अग्रवाल और बड़ाबाजार निवासी राजेश गुप्ता का कहना है कि छह सौ रुपये देकर उन्होंने डिस्काउंट कूपन खरीदे थे। कूपन की समय सीमा एक साल तक है। हाल ही में जब फूड कोर्ट पहुंचे तो वह बंद मिला। शैलेश के मुताबिक कूपन बांटने वाले सेल्समैन ने बातचीत के दौरान बताया था कि उसे 800 कूपन की बिक्री करनी है। उन्हें दिए गए कूपन नंबर में भी 36वां नंबर दर्ज है। उन्होंने आशंका जताई कि सेल्समैन के जरिए 800 कूपन बेचकर 4.8 लाख रुपये कमाए गए हैं।
ठेकेदार का कहना था कि फूड कोर्ट चलाना उसके लिए संभव नहीं है। इसके बाद 13 मई को फूड कोर्ट बंद कर दिया गया। लोगों को डिस्काउंट कूपन देने की जानकारी नहीं है। जिन्होंने कूपन खरीदे हैं, वो आकर शिकायती पत्र दें।
- अभिमन्यु सिंह, सीईओ कैंट
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कैंट की जमीन पर बने फूड कोर्ट को चलाने के लिए कैंट बोर्ड ने ठेका आगरा की एक कंपनी को चार माह पूर्व दिया था। फूड कोर्ट में फास्ट फूड, कोल ड्रिंग्स, आइसक्रीम, केक, वेज, नॉनवेज समेत खाने की कई स्वादिष्ट चीजें मिलती थीं। लोगों को लुभाने के लिए फूर्ड कोर्ट ने कुछ समय पूर्व डिस्काउंट कूपन की स्कीम शुरू की गई। डिस्काउंट के तहत एक साल तक खरीद में भारी छूट दी गई थी।
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झांसे में आकर कइयों ने 600 रुपये देकर कूपन खरीद लिए। अब फूड कोर्ट में ताला लटक जाने के बाद कूपन खरीददार परेशान हैं। एक दिन फूड कोर्ट बंद मिला तो लोग अगले दिन फिरपहुंचे। लगातार कई दिनों तक कोर्ट बंद मिला तो लोग समझ गए कि उन्हें ठगा गया है।
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कभी सौ रुपये तो कभी साथ में खाने के सामान
डिस्काउंट कूपन में कभी ग्राहक को सौ रुपये तो कभी सामान के साथ एक और खाने का आइटम मुफ्त देने की बात लिखी हुई है। इसमें भी खरीददारी की निर्धारित सीमा थी, उसी के अनुसार ग्राहकों को फायदा मिलता था। डिस्काउंट कूपन स्कीम का कुछ ही समय लोग फायदा उठा पाए।
...तो क्या वसूले 4.8 लाख
सुभाषगंज निवासी शैलेश अग्रवाल और बड़ाबाजार निवासी राजेश गुप्ता का कहना है कि छह सौ रुपये देकर उन्होंने डिस्काउंट कूपन खरीदे थे। कूपन की समय सीमा एक साल तक है। हाल ही में जब फूड कोर्ट पहुंचे तो वह बंद मिला। शैलेश के मुताबिक कूपन बांटने वाले सेल्समैन ने बातचीत के दौरान बताया था कि उसे 800 कूपन की बिक्री करनी है। उन्हें दिए गए कूपन नंबर में भी 36वां नंबर दर्ज है। उन्होंने आशंका जताई कि सेल्समैन के जरिए 800 कूपन बेचकर 4.8 लाख रुपये कमाए गए हैं।
ठेकेदार का कहना था कि फूड कोर्ट चलाना उसके लिए संभव नहीं है। इसके बाद 13 मई को फूड कोर्ट बंद कर दिया गया। लोगों को डिस्काउंट कूपन देने की जानकारी नहीं है। जिन्होंने कूपन खरीदे हैं, वो आकर शिकायती पत्र दें।
- अभिमन्यु सिंह, सीईओ कैंट