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किले की खुदाई में निकले पत्थर में दर्ज है झांसी के नाम का सबूत

Sun, 30 Oct 2022 11:42 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2022 11:42 PM IST
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The evidence of the name of Jhansi is recorded in the stone excavated for the fort.
झांसी। झांसी का इतिहास छह सौ साल से भी ज्यादा पुराना है। 2008 में रानी लक्ष्मीबाई के किले में खुदाई के दौरान मिले पत्थर में झांसी के नाम का सबूत है। इस समय ये पत्थर लखनऊ के संग्रहालय में रखा हुआ है। रविवार को पत्रकार वार्ता में ये बात इतिहासकार ओमशंकर असर ने कही।
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95 वर्षीय इतिहासकार ने बताया कि ‘झांसी क्रांति की काशी’ किताब में भी इस बात का जिक्र किया है कि झांसी का नाम 1613 में पड़ा। नगर निगम द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में झांसी शहर की जन्मतिथि 7 फरवरी 2002 बताकर भद्दा मजाक किया गया है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि झांसी के साथ लगातार षडयंत्र हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अफसर अपनी गलती मानें वरना मानहानि का मुकदमा किया जाएगा। नगर निगम की इस लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखेंगे। वरिष्ठ पत्रकार मोहन नेपाली ने भी विचार रखे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, अनिल रिछारिया, मजहर अली, विनय उपाध्याय, अमीर चंद, बशीर अहमद मौजूद रहे। ब्यूरो
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