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Jhansi News: एक साथ पहुंचीं तीनों बच्चों की लाशें, छलनी हो गया मां-बाप और बहनों का कलेजा

Sat, 10 Jun 2023 12:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:13 AM IST
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The dead bodies of the three children reached together, the hearts of the parents and sisters were strained.
गांव के किसी घर में नहीं जले चूल्हे, देर शाम तीनों शवों का कर दिया गया अंतिम संस्कार
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परिवार के इकलौते पुत्र थे हादसे में मारे गए दो किशोर

अमर उजाला ब्यूरो



पूंछ/मोंठ/झांसी। मडोरा खुर्द गांव के लिए शुक्रवार का दिन बहुत भारी रहा। तीन परिवार अपने हंसते-खेलते बच्चों को गवां बैठे। शुक्रवार की शाम जैसे ही तीनों बच्चों के शव गांव पहुंचे, परिजनों का विलाप सुनकर कोई भी अपने आंसू नहीं रोक सका। पड़ोसी मां-बाप को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे लेकिन, बच्चों की मां और बहनों के बहते आंसू देख सभी फफक रहे थे।

हादसे में मारे गए अभिराज (12) और अनुज (17) पक्के दोस्त थे। दोनों अक्सर साथ में घूमने जाते थे। स्कूल बंद होने पर इन लोगों ने कुछ समय पहले ही सुबह की सैर पर जाना शुरू किया था। बच्चों के सैर पर जाने से परिवार के लोग भी खुश थे लेकिन, उनको क्या पता कि यह सुबह की सैर ही उनके लिए काल साबित होगी। अभिराज अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। पिता अमृत गांव में रहकर खेती-किसानी करते हैं। अभिराज सिकंदरा के माताराज दुलारी विद्यालय में सातवीं का छात्र था।
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हादसे में उसकी मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, मां गुड्डी को यकीन ही नहीं हुआ। वह बदहवास होकर भागती हुई बाहर चली गईं। उनके पीछे अभिराज की बहनें शिवी और ईशू भी रोते-बिखलते पहुंच गई। किसी तरह गांव के लोग उन तीनों को पकड़कर वापस घर लेकर आए। अभिनव (14) के परिजनों को भी हादसे के बारे में सुनकर यकीन नहीं हुआ। अभिनव मोंठ के मून इंटरनेशनल स्कूल में नौवीं का छात्र था। हादसे का पता चलते ही उसकी मां बेहोश हो गई।
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परिवार में अभिनव सबसे छोटा था। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, अनुज भी परिवार का इकलौता पुत्र था। अनुज ने इस साल रामस्वरूप डिग्री कॉलेज में बीए में प्रवेश लिया था। बड़ा होकर वह सेना में जाना चाहता था। इसके लिए वह तैयारी कर रहा था। हादसे के बारे में पता चलने पर छोटी बहन दीक्षा और बड़ी बहन आकांक्षा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां गीता को होश ही नहीं आ रहा था।



तीनों के शव घर पहुंचने के बाद देर-शाम परिजनों ने तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव से एक साथ तीन लाशें उठने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव में चूल्हे भी नहीं जले।

इनसेट

वाहन चालक की तलाश में जुटी पुलिस



दर्दनाक हादसे को अंजाम देकर भागे डंपर चालक की तलाश में पुलिस जुट गई है। खलासी को स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया लेकिन, भीड़ द्वारा काफी पिटाई हो जाने की वजह से वह अभी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है। पुलिस अफसरों का कहना है कि खलासी से पूछताछ करके वाहन चालक को पकड़ा जाएगा।


साफ नहीं हुई हादसे की वजह



सर्विस लेन के पास आने के दौरान ही वाहन अचानक अनियंत्रित कैसे हो गया, यह साफ नहीं हो सका। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन काफी तेज रफ्तार में था। यहां पहुंचते ही वह अचानक अनियंत्रित हो उठा। डिवाइडर को तोड़कर वह सर्विस लेन में जा घुसा। आशंका जताई जा रही कि चालक को झपकी आ जाने की वजह से यह हादसा हुआ।
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