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Jhansi News: पहूज बांध से 13 घंटे बाद बरामद हुआ ममेरे भाई संग बीटेक छात्र का शव
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रील बनाने के चक्कर में पहूज बांध में डूबे बीटेक छात्र ऋषभ और उसके ममेरे भाई अभिषेक का शव करीब 13 घंटे बाद डैम से बरामद हो गया। सोमवार सुबह 7 बजे दोनों के शव गोताखोरों ने बाहर निकाले। शव निकलते ही वहां मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी के भीतर दम घुटने से उनकी मौत होने की पुष्टि हुई है। उनके फेफड़ों में भी पानी भरा था। सांस न मिल पाने से उनकी मौत हो गई।
थाना प्रेमनगर के खाती बाबा निवासी बीटेक छात्र ऋषभ सिजौरिया (26) अपने ममेरे भाई अभिषेक वर्मा (24) एवं दोस्त शिखर पुत्र शिवकुमार के साथ शाम करीब पांच बजे पिकनिक मनाने पहूज बांध गया था। शिखर ने पुलिस को बताया कि उसे तैरना नहीं आता। इस वजह से वह नीचे नहीं गया। ऋषभ और अभिषेक उसे रील बनाने के लिए बाहर छोड़ बांध के अंदर कुछ दूर बने टापू की ओर जाने लगे। वह रील बनाता, इसके पहले ही दोनों अचानक से पानी में समा गए।
इसके बाद से पुलिस दोनों को तलाशने में जुटी थी। रविवार रात भी कई घंटे तक दोनों की तलाश होती रही, लेकिन उनका पता नहीं चला। सोमवार सुबह बांध में करीब 3 फिट पानी कम होने के बाद गोताखोर फिर से उतारे गए। कुछ देर में दोनों का शव घटना स्थल से कुछ दूर पर बरामद हो गया। सीपरी बाजार थाना प्रभारी आनंद सिंह के मुताबिक, दोनों शव बाहर निकाल लिए गए। पानी में डूबने से ही उनकी मौत की पुष्टि हुई है।
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जान की परवाह किए बगैर रील बनाने का शौक पड़ रहा भारी
रील बनाने के शौक में युवा जान को भी दांव पर लगाने से नहीं हिचक रहे। इसी शौक ने दो युवाओं की जिंदगी लील ली। यह कोई पहला मामला नहीं। रोजाना झांसी में युवा रीलबाज स्टंटबाजी करते दिख जाते हैं। वहीं, पुलिस इनको बेखबर देखती रहती है। इस वजह से ऐसे हादसे होते जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से माताटीला, सुकुवां-ढुकुवां, पारीछा बांध समेत बेतवा, पहूज जैसी नदियां उफना रही हैं। बांधों से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी गर्जना ही दहशत पैदा कर देती है। यहां जरा सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है, लेकिन इसकी परवाह किए बिना रील बनाने के लिए दर्जनों लोग माताटीला, सुकुवां-ढुकुवां पहुंचते हैं। यहां पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती। इस वजह से रीलबाजों पर कोई रोक नहीं लग पा रही है।
झांसी। रील बनाने के चक्कर में पहूज बांध में डूबे बीटेक छात्र ऋषभ और उसके ममेरे भाई अभिषेक का शव करीब 13 घंटे बाद डैम से बरामद हो गया। सोमवार सुबह 7 बजे दोनों के शव गोताखोरों ने बाहर निकाले। शव निकलते ही वहां मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी के भीतर दम घुटने से उनकी मौत होने की पुष्टि हुई है। उनके फेफड़ों में भी पानी भरा था। सांस न मिल पाने से उनकी मौत हो गई।
थाना प्रेमनगर के खाती बाबा निवासी बीटेक छात्र ऋषभ सिजौरिया (26) अपने ममेरे भाई अभिषेक वर्मा (24) एवं दोस्त शिखर पुत्र शिवकुमार के साथ शाम करीब पांच बजे पिकनिक मनाने पहूज बांध गया था। शिखर ने पुलिस को बताया कि उसे तैरना नहीं आता। इस वजह से वह नीचे नहीं गया। ऋषभ और अभिषेक उसे रील बनाने के लिए बाहर छोड़ बांध के अंदर कुछ दूर बने टापू की ओर जाने लगे। वह रील बनाता, इसके पहले ही दोनों अचानक से पानी में समा गए।
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इसके बाद से पुलिस दोनों को तलाशने में जुटी थी। रविवार रात भी कई घंटे तक दोनों की तलाश होती रही, लेकिन उनका पता नहीं चला। सोमवार सुबह बांध में करीब 3 फिट पानी कम होने के बाद गोताखोर फिर से उतारे गए। कुछ देर में दोनों का शव घटना स्थल से कुछ दूर पर बरामद हो गया। सीपरी बाजार थाना प्रभारी आनंद सिंह के मुताबिक, दोनों शव बाहर निकाल लिए गए। पानी में डूबने से ही उनकी मौत की पुष्टि हुई है।
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जान की परवाह किए बगैर रील बनाने का शौक पड़ रहा भारी
रील बनाने के शौक में युवा जान को भी दांव पर लगाने से नहीं हिचक रहे। इसी शौक ने दो युवाओं की जिंदगी लील ली। यह कोई पहला मामला नहीं। रोजाना झांसी में युवा रीलबाज स्टंटबाजी करते दिख जाते हैं। वहीं, पुलिस इनको बेखबर देखती रहती है। इस वजह से ऐसे हादसे होते जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से माताटीला, सुकुवां-ढुकुवां, पारीछा बांध समेत बेतवा, पहूज जैसी नदियां उफना रही हैं। बांधों से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसकी गर्जना ही दहशत पैदा कर देती है। यहां जरा सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है, लेकिन इसकी परवाह किए बिना रील बनाने के लिए दर्जनों लोग माताटीला, सुकुवां-ढुकुवां पहुंचते हैं। यहां पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती। इस वजह से रीलबाजों पर कोई रोक नहीं लग पा रही है।