{"_id":"6100680c8ebc3e583a1fd017","slug":"the-bail-application-of-the-video-maker-after-raping-a-minor-was-rejected-jhansi-news-jhs2005563106","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म का वीडियो बनाने वाले की जमानत अर्जी नामंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म का वीडियो बनाने वाले की जमानत अर्जी नामंजूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाने की सनसनीखेज घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त की जमानत अर्जी को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ने खारिज कर दिया है। अभियुक्त की ओर से जमानत के लिए कोर्ट के सामने तमाम दलीलें पेश की गईं, लेकिन सभी खारिज हो गईं।
गरौठा थाना इलाके में पिछले माह नाबालिग के साथ दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में नाबालिग के रिश्तेदार ने बताया था कि 22 जून को 15 वर्षीय बालिका घर में अकेली थी। इसी दरम्यान कौशल श्रीवास, सोनू व सोनू उर्फ आलोक कुमार रावत उसे अगवा कर मऊरानीपुर रोड पर बने एक मकान में ले गए थे। यहां तीनों ने बालिका के साथ गलत काम कर ब्लैकमेल करने की नीयत से वीडियो बना लिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि उक्त तीन में से एक अभियुक्त सोनू उर्फ आलोक कुमार रावत ने अदालत के समक्ष जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसके लिए अभियुक्त की ओर से तमाम दलीलें दी गईं थीं, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
गरौठा थाना इलाके में पिछले माह नाबालिग के साथ दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में नाबालिग के रिश्तेदार ने बताया था कि 22 जून को 15 वर्षीय बालिका घर में अकेली थी। इसी दरम्यान कौशल श्रीवास, सोनू व सोनू उर्फ आलोक कुमार रावत उसे अगवा कर मऊरानीपुर रोड पर बने एक मकान में ले गए थे। यहां तीनों ने बालिका के साथ गलत काम कर ब्लैकमेल करने की नीयत से वीडियो बना लिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि उक्त तीन में से एक अभियुक्त सोनू उर्फ आलोक कुमार रावत ने अदालत के समक्ष जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसके लिए अभियुक्त की ओर से तमाम दलीलें दी गईं थीं, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन