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दोबारा मांगे जाएंगे वाईटीएसके में आवेदन
ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:59 AM IST
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झांसी। रेलवे ने आठ माह पूर्व जेटीबीएस (अनारक्षित टिकट सुविधा केंद्र) की तरह वाईटीएसके (यात्री टिकट सुविधा केंद्र) शुरू करने की योजना तैयार की थी। मगर पहली बार डाले गए टेंडर में महोबा से एक आवेदन आया था। इस कारण अब दोबारा टेंडर मांगने की तैयारी की जा रही है।
भारतीय रेलवे खानपान निगम की वेबसाइट पर आरक्षण की सुविधा ने काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ काफी कम कर दी है। इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने आठ माह पूर्व अनारक्षित टिकट सुविधा केंद्रों की तरह आरक्षण देने के लिए वाईटीएसके योजना शुरू की थी।
उस समय सभी स्टेशनों के लिए आवेदन मांगे गए थे, मगर शर्तें बेहद जटिल होने के कारण महोबा से एक व्यक्ति ने ही आवेदन किया था। इस आवेदन की अभी टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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मालूम हो कि इस व्यवस्था में टेंडर लेने वाले को आधारभूत ढांचा व कर्मचारी खुद लगाने हैं। सिर्फ तकनीकी सुविधाएं रेलवे मुहैया कराएगा। इस केंद्र पर लोग आरक्षित व अनारक्षित दोनों तरह के टिकट ले सकते हैं। लाइसेंस लेने वाले से पांच लाख की धरोहर राशि ली जाएगी, जो वापस नहीं होगी।
जेटीबीएस संचालित कर रहे संचालकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जा रही है। इस संदर्भ में जनसंपर्क अधिकारी गिरीश कंचन ने बताया कि पहली बार टेंडर में अच्छा रिस्पांस नहीं मिला। मगर जल्द ही इसके लिए दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे।
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भारतीय रेलवे खानपान निगम की वेबसाइट पर आरक्षण की सुविधा ने काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ काफी कम कर दी है। इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने आठ माह पूर्व अनारक्षित टिकट सुविधा केंद्रों की तरह आरक्षण देने के लिए वाईटीएसके योजना शुरू की थी।
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उस समय सभी स्टेशनों के लिए आवेदन मांगे गए थे, मगर शर्तें बेहद जटिल होने के कारण महोबा से एक व्यक्ति ने ही आवेदन किया था। इस आवेदन की अभी टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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मालूम हो कि इस व्यवस्था में टेंडर लेने वाले को आधारभूत ढांचा व कर्मचारी खुद लगाने हैं। सिर्फ तकनीकी सुविधाएं रेलवे मुहैया कराएगा। इस केंद्र पर लोग आरक्षित व अनारक्षित दोनों तरह के टिकट ले सकते हैं। लाइसेंस लेने वाले से पांच लाख की धरोहर राशि ली जाएगी, जो वापस नहीं होगी।
जेटीबीएस संचालित कर रहे संचालकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जा रही है। इस संदर्भ में जनसंपर्क अधिकारी गिरीश कंचन ने बताया कि पहली बार टेंडर में अच्छा रिस्पांस नहीं मिला। मगर जल्द ही इसके लिए दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे।