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जानलेवा हमले के आरोपियों ने खुद को घटना के वक्त अस्पताल में भर्ती होना दर्शाया

Sat, 24 Jul 2021 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 01:09 AM IST
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The accused of the deadly attack showed themselves to be hospitalized at the time of the incident
झांसी। दतिया जिले में पिछले माह हुए एक जानलेवा हमले के मामले के तीन आरोपियों ने खुद को घटना वाले दिन महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दाखिल होना दर्शाया था। जबकि, घटना के वक्त के वीडियो में वे घटनास्थल पर ही नजर आ रहे थे। शुक्रवार को एमपी पुलिस की टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर इस मामले की पड़ताल की।
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झांसी से सटे मप्र के दतिया जिले के भांडेर थाना इलाके के गांव खिरिया झांसी निवासी अशोक कुमार यादव पर 20 जून को कुछ लोगों ने लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया था। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर भांडेर थाने में सात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद सात आरोपियों से तीन ने पुलिस को बताया था कि उनका घटना से कोई लेना-देना नहीं है और न ही वे घटना के वक्त घटना स्थल पर मौजूद थे। उन्होंने इसका प्रमाण भी पुलिस को दिया। पुलिस को दिए गए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डिस्चार्ज कार्ड के माध्यम से उन्होंने खुद को 19,20 और 21 जून को अस्पताल में दाखिल होना दर्शाया। इसी बीच पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को घटना के वक्त का वीडियो दिया गया, जिसमें उक्त तीनों घटना स्थल पर नजर आ रहे हैं। इसकी तहकीकात करने शुक्रवार को भांडेर के टीआई रवींद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में एमपी पुलिस की टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां प्राचार्य डा. एनएस सेंगर को पुलिस ने सारा मांजरा बताया और मेडिकल के डिस्चार्ज सर्टिफिकेट की कॉपी भी दी। साथ ही लिखित जवाब भी मांगा।
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फर्जी हैं डिस्चार्ज कार्ड: सेंगर
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. एनएस सेंगर ने बताया कि डिस्चार्ज कार्ड प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए हैं। डिस्चार्ज कार्ड पर उन डॉक्टरों की मुहर लगाई गई है, जो अब यहां तैनात ही नहीं है। कई साल पहले उनका स्थानांतरण हो चुका है। उन्होंने संभावना जताई कि वार्डों में रखे खाली डिस्चार्ज कार्ड को हथियाकर किसी ने मुहर लगाकर दे दिए। हालांकि, इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। सीएमएस से रिपोर्ट मांगी गई है।
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