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तनाव और धूम्रपान बना रहा युवाओं को हार्ट अटैक का शिकार

Sat, 26 Dec 2020 02:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2020 02:08 AM IST
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Tension and frastation for reasion hard attack
झांसी। तनाव और स्मोकिंग के कारण युवा भी दिल की बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। पहले देश में 40 साल के बाद लोगों को दिल का दौरा पड़ता था लेकिन अब रहन-सहन में बदलाव के कारणों की वजह से 18 से 35 साल तक के युवा भी इसके शिकार होने लगे हैं। झांसी में भी कम उम्र में हार्ट अटैक से मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में ह्रदयघात के पीछे बड़ा कारण तनाव और धूम्रपान है।
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कोलेस्ट्रॉल समेत हार्ट अटैक के पांच अहम कारण होते हैं। इसमें हाइपरटेंशन, धूम्रपान, ह्रदय रोग का पारिवारिक इतिहास, मधुमेह रोग से ग्रसित होना भी शामिल है। युवाओं में लगातार धूम्रपान की लत बढ़ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक धूम्रपान की वजह से हार्ट अटैक की संभावना तीन से चार गुना बढ़ जाती है। धूम्रपान की वजह से दिल की नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल के ऊपर की झिल्ली हटने लगती है। इससे रक्त की नलिकाओं में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है। जिससे खून की नलियां सख्त हो जाती हैं, इससे थक्का जमने लगता है। जब पूरी तरह थक्का जम जाता है, तो फिर हार्ट अटैक पड़ जाता है। कई बार नस फट भी जाती है। इससे तुरंत ही मौत भी हो जाती है।
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ऐसे जांचें फैमिली हिस्ट्री
कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार हार्ट अटैक वाली फैमिली हिस्ट्री होने पर भी लोगों को ह्रदयघात की आशंका रहती है। किसी पुरुष परिजन को 55 साल और महिला परिजन को 65 वर्ष की उम्र तक हार्ट अटैक आया हो तो परिवार के लोगों को सतर्क रहना चाहिए। ऐसी फैमिली हिस्ट्री वाले परिवारों में ह्रदय की अनुवांशिक बीमारी होने का खतरा रहता है। 21 साल से इसके रिस्क फैक्टर की स्क्रीनिंग शुरू करा देनी जानी चाहिए।
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सर्दियों में तीन गुना केस बढ़े
सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले तीन गुने बढ़ गए हैं। ह्रदय रोग विशेषज्ञों ने बताया कि सर्दियों से पहले उनके पास रोजाना तीन-चार हार्ट अटैक के मामले आते थे, जो अब बढ़कर दस के करीब पहुंच गए हैं। ऐसे में सीने के दर्द को हल्के में न लें। 10 मिनट से ज्यादा चेस्ट में दर्द बना रहता है तो कार्डियोलॉजिस्ट के पास पहुंचकर जांच जरूर कराएं।
दिल स्वस्थ रखने के लिए ये करें
- पूरी और भरपूर नींद लें।
- ज्यादा कैलोरी वाले खाने से बचना चाहिए।
- नियमित व्यायाम करें ताकि शरीर स्वस्थ रहे।
- दिनभर में ज्यादा चाय और कॉफी का सेवन न करें।
कोलेस्ट्रॉल ही नहीं हार्ट अटैक आने के पीछे हाइपरटेंशन, धूम्रपान, ह्रदय रोग की फैमिली हिस्ट्री, मधुमेह भी शामिल है। युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ने लगे हैं। इसके पीछे का बड़ा कारण धूम्रपान, तनाव है। युवाओं को धूम्रपान से बचना चाहिए। वहीं, जिनकी फैमली हिस्ट्री में हार्ट अटैक के केस हैं, वो सीने के दर्द को हल्के में न लें। - डॉ. निर्देश जैन, कार्डियोलॉजिस्ट।

खराब दिनचार्य, तली-भुनी चीजों का सेवन, व्यायाम न करना, धूम्रपान आदि युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते का अहम कारण है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप, मोटापा, डायबिटीज की बीमारी भी युवाओं में हो रही है। इस कारण उनमें हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। कई बार अचानक मौत हो जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। - डॉ. रजत जैन, ह्रदय रोग विशेषज्ञ।
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