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रेलवे के तत्काल टिकटों पर एजेंटों का कब्जा
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tatkal ticket
झांसी। कोरोना महामारी के बीच साबरमती एक्सप्रेस, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, पुष्पक एक्सप्रेस, गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों में यात्रियों के लिए तत्काल टिकट बनवाना भी मुमकिन नहीं हो पा रहा है। एजेंट पर्सनल आईडी का उपयोग कर दस सेकंड में तत्काल कोटे की सीट खाली कर देते हैं। ऐसे में जो लोग काउंटर पर टिकट बनवाने पहुंच रहे हैं उनको मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
महामारी के चलते रेलवे ने 23 मार्च से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद कर रखा है। देश भर में एक जून से अप और डाउन की सौ एक्सप्रेस ट्रेनों को स्पेशल गाड़ी बनाकर चलाया जा रहा है। साथ ही अप और डाउन की 15 जोड़ी राजधानी स्पेशल ट्रेनें चल रहीं हैं। इनमें झांसी से चार जोड़ी राजधानी और 14 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रहीं हैं। वैसे तो महामारी के कारण आम यात्री अभी ट्रेन में सफर करने से परहेज कर रहे हैं, लेकिन मुंबई, गुजरात और दक्षिण भारत की तरफ मजदूर और कामगारों ने लौटना शुरू कर दिया है। चूंकि, ट्रेेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। इस कारण लोग पहले से ही आरक्षण करा लेते हैं। जो वक्त पर नहीं करा पाते हैं, वे तत्काल टिकट पर निर्भर रहते हैं। मगर इन दिनों आरक्षण काउंटरों पर तत्काल टिकट बनना भी संभव नहीं हो पा रहा है। तत्काल टिकट का टोकन पाने के लिए सुबह से ही कार्यालय पहुंच जाते हैं, लेकिन साबरमती, कुशीनगर, गोरखपुर लोकमान्य तिलक, पुष्पक, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, मंगला एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों में एक नंबर का टोकन लेने वाले यात्री का भी टिकट नहीं बन पा रहा है। दरअसल, रेलवे स्पेशल ट्रेनों के आरक्षण में अतिरिक्त जानकारी मांगने लगा है। यात्री से यह भी भरवाया जा रहा है कि वह कहां जा रहा है, उस राज्य, जिले व पोस्ट ऑफिस का पिन कोड नंबर क्या है? कर्मचारी को इन सब जानकारियों को भरने में वक्त लग जाता है। इसी का फायदा टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एजेंट उठा रहे हैं। वे पर्सनल आईडी का उपयोग कर पहले से ही कंप्यूटर पर डाटा फीड कर लेते हैं और जैसे ही तत्काल का कोटा खुलता है टिकट पा लेते हैं।
तत्काल का समय
एसी कोच के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर के लिए सुबह 11 बजे का समय तय है। इसके पहले पहले तत्काल में टिकट बुक नहीं होता है। तत्काल का टिकट बनवाने के लिए आधे घंटे पहले टोकन लेना पड़ता है। चंद सेकंड में ही टिकटों की बिक्री हो जाती है।
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झांसी से होकर गुजर रहीं ये ट्रेनें
गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, हबीबगंज निजामुद्दीन, पुष्पक एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, सचखंड एक्सप्रेस, नई दिल्ली हैदराबाद एपी एक्सप्रेस, निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस, दरभंगा अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस, वाराणसी अहमदाबाद-साबरमती एक्सप्रेस, गोरखपुर लोकमान्य-तिलक एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-निजामुद्दीन एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस व विशाखापटनम-नई दिल्ली एक्सप्रेस। साथ ही निजामुद्दीन से बिलासपुर, बंगलूरू, चेन्नई और सिकंदराबाद के लिए स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है।
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महामारी के चलते रेलवे ने 23 मार्च से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद कर रखा है। देश भर में एक जून से अप और डाउन की सौ एक्सप्रेस ट्रेनों को स्पेशल गाड़ी बनाकर चलाया जा रहा है। साथ ही अप और डाउन की 15 जोड़ी राजधानी स्पेशल ट्रेनें चल रहीं हैं। इनमें झांसी से चार जोड़ी राजधानी और 14 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रहीं हैं। वैसे तो महामारी के कारण आम यात्री अभी ट्रेन में सफर करने से परहेज कर रहे हैं, लेकिन मुंबई, गुजरात और दक्षिण भारत की तरफ मजदूर और कामगारों ने लौटना शुरू कर दिया है। चूंकि, ट्रेेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। इस कारण लोग पहले से ही आरक्षण करा लेते हैं। जो वक्त पर नहीं करा पाते हैं, वे तत्काल टिकट पर निर्भर रहते हैं। मगर इन दिनों आरक्षण काउंटरों पर तत्काल टिकट बनना भी संभव नहीं हो पा रहा है। तत्काल टिकट का टोकन पाने के लिए सुबह से ही कार्यालय पहुंच जाते हैं, लेकिन साबरमती, कुशीनगर, गोरखपुर लोकमान्य तिलक, पुष्पक, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, मंगला एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों में एक नंबर का टोकन लेने वाले यात्री का भी टिकट नहीं बन पा रहा है। दरअसल, रेलवे स्पेशल ट्रेनों के आरक्षण में अतिरिक्त जानकारी मांगने लगा है। यात्री से यह भी भरवाया जा रहा है कि वह कहां जा रहा है, उस राज्य, जिले व पोस्ट ऑफिस का पिन कोड नंबर क्या है? कर्मचारी को इन सब जानकारियों को भरने में वक्त लग जाता है। इसी का फायदा टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एजेंट उठा रहे हैं। वे पर्सनल आईडी का उपयोग कर पहले से ही कंप्यूटर पर डाटा फीड कर लेते हैं और जैसे ही तत्काल का कोटा खुलता है टिकट पा लेते हैं।
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तत्काल का समय
एसी कोच के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर के लिए सुबह 11 बजे का समय तय है। इसके पहले पहले तत्काल में टिकट बुक नहीं होता है। तत्काल का टिकट बनवाने के लिए आधे घंटे पहले टोकन लेना पड़ता है। चंद सेकंड में ही टिकटों की बिक्री हो जाती है।
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झांसी से होकर गुजर रहीं ये ट्रेनें
गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, हबीबगंज निजामुद्दीन, पुष्पक एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, सचखंड एक्सप्रेस, नई दिल्ली हैदराबाद एपी एक्सप्रेस, निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस, दरभंगा अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस, वाराणसी अहमदाबाद-साबरमती एक्सप्रेस, गोरखपुर लोकमान्य-तिलक एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-निजामुद्दीन एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस व विशाखापटनम-नई दिल्ली एक्सप्रेस। साथ ही निजामुद्दीन से बिलासपुर, बंगलूरू, चेन्नई और सिकंदराबाद के लिए स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है।