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ताज एक्सप्रेस का नाम वीरांगना झलकारी बाई के नाम पर रखा जाए
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झांसी। शुक्रवार को झांसी रेल मंडल के परिक्षेत्र में आने वाले सांसदों की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने विभिन्न सुझाव रखे। इस दौरान ताज एक्सप्रेस का नाम बदलकर वीरांगना झलकारी बाई एक्सप्रेस रखे जाने का मुद्दा भी उठाया गया।
स्थानीय होटल में हुई बैठक की अध्यक्षता अकबरपुर के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने की। उन्होंने घाटमपुर स्टेशन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। पुखरायां स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस के ठहराव तथा कानपुर-बांदा व झांसी-कानपुर के बीच मेमू सेवा शुरू करने की मांग की। साथ ही कटारा रोड स्टेशन पर यात्री सुविधाएं विकसित करने की मांग की। बैठक में भिंड की सांसद संध्या सुमन ने भिंड से भोपाल तक ट्रेन चलाने की मांग की। भिंड स्टेशन के विकास का मुद्दा भी उठाया। बांदा सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक महत्व के अनुसार स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया जाए। बुंदेलखंड एक्सप्रेस व सारनाथ एक्सप्रेस के ठहराव पहले की तरह किए जाएं। साथ ही बांदा बाईपास से जुड़े रेलवे के कामों को जल्द पूरा करने की मांग की। अनाधिकृत वेंडिंग का भी मुद्दा उठाया। राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने आवारा पशुओं व रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। इसके अलावा सुझाव आया कि ट्रेनों में स्थानीय व्यंजन भी दिए जाएं। गाड़ी संख्या 11125 /26 ग्वालियर-इंदौर-रतलाम एक्सप्रेस को झांसी तक बढ़ाया जाए।
इससे पूर्व उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने सांसदों का शॉल व पौधे भेंट कर स्वागत किया। डीआरएम आशुतोष ने झांसी मंडल में यात्री सुविधाओं के लिए जारी विकास कार्यों की जानकारी दी गई। संचालन उप महाप्रबंधक अंकुर चंद्रा ने किया। इस मौके पर रेलवे के अधिकारी व सांसदों के प्रतिनिधि मौजूद रहे
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13 में से सिर्फ पांच सांसद ही आए
झांसी। रेल मंडल के परिक्षेत्र के सांसदों की बैठक प्रति वर्ष किए जाने की व्यवस्था है। लेकिन, कोरोना की वजह से पिछले दो सालों में बैठक का आयोजन नहीं किया गया। पिछली बैठक 19 सितंबर 2019 को हुई थी। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक को यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। बावजूद, ज्यादातर सांसद इससे कन्नी काटे रहे। बैठक में 13 में से पांच सांसद ही पहुंचे। जबकि, छह ने अपने प्रतिनिधि भेजे। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया व सागर सांसद राजबहादुर न तो खुद पहुंचे और न ही जनप्रतिनिधियों को भेजा।
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स्थानीय होटल में हुई बैठक की अध्यक्षता अकबरपुर के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने की। उन्होंने घाटमपुर स्टेशन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। पुखरायां स्टेशन पर पुष्पक एक्सप्रेस के ठहराव तथा कानपुर-बांदा व झांसी-कानपुर के बीच मेमू सेवा शुरू करने की मांग की। साथ ही कटारा रोड स्टेशन पर यात्री सुविधाएं विकसित करने की मांग की। बैठक में भिंड की सांसद संध्या सुमन ने भिंड से भोपाल तक ट्रेन चलाने की मांग की। भिंड स्टेशन के विकास का मुद्दा भी उठाया। बांदा सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक महत्व के अनुसार स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया जाए। बुंदेलखंड एक्सप्रेस व सारनाथ एक्सप्रेस के ठहराव पहले की तरह किए जाएं। साथ ही बांदा बाईपास से जुड़े रेलवे के कामों को जल्द पूरा करने की मांग की। अनाधिकृत वेंडिंग का भी मुद्दा उठाया। राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने आवारा पशुओं व रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। इसके अलावा सुझाव आया कि ट्रेनों में स्थानीय व्यंजन भी दिए जाएं। गाड़ी संख्या 11125 /26 ग्वालियर-इंदौर-रतलाम एक्सप्रेस को झांसी तक बढ़ाया जाए।
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इससे पूर्व उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने सांसदों का शॉल व पौधे भेंट कर स्वागत किया। डीआरएम आशुतोष ने झांसी मंडल में यात्री सुविधाओं के लिए जारी विकास कार्यों की जानकारी दी गई। संचालन उप महाप्रबंधक अंकुर चंद्रा ने किया। इस मौके पर रेलवे के अधिकारी व सांसदों के प्रतिनिधि मौजूद रहे
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13 में से सिर्फ पांच सांसद ही आए
झांसी। रेल मंडल के परिक्षेत्र के सांसदों की बैठक प्रति वर्ष किए जाने की व्यवस्था है। लेकिन, कोरोना की वजह से पिछले दो सालों में बैठक का आयोजन नहीं किया गया। पिछली बैठक 19 सितंबर 2019 को हुई थी। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक को यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। बावजूद, ज्यादातर सांसद इससे कन्नी काटे रहे। बैठक में 13 में से पांच सांसद ही पहुंचे। जबकि, छह ने अपने प्रतिनिधि भेजे। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया व सागर सांसद राजबहादुर न तो खुद पहुंचे और न ही जनप्रतिनिधियों को भेजा।