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सुल्तान को अगले माह ही बनना था दरोगा, इसके बाद घर आने का किया था वादा

Sat, 04 Jul 2020 11:24 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 11:24 PM IST
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Sultan next month being inspector after that return home
झांसी। कानपुर में हुई मुठभेड़ में सुल्तान स‌िंह के शहीद होने पर बिलखती पत्नी उर्मिला (नीली साड़ी
झांसी। कानपुर में बदमाशों को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा अगस्त में दरोगा बनकर अपने गांव भोजला आने वाले थे। पंद्रह दिन पहले इस खुशी की खबर सुल्तान ने अपनी पत्नी, पिता व ताऊ को भी दी थी। लेकिन, किसी ने यह सपने में भी नहीं सोेचा था कि दरोगा बनने से पहले ही वह इस दुनिया से विदा हो जाएंगे। उधर, दूसरे दिन गांव में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
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कानपुर में 2 जुलाई की रात पुलिस टीम पर हुए हमले में भोजला गांव निवासी सिपाही सुल्तान सिंह वर्मा भी शहीद हो गए थे। शुक्रवार देर रात पार्थिव शरीर घर पहुंचने के बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। शनिवार को भी गांव में मातम रहा। गांव के लोग सुबह से ही सुल्तान के घर पर पहुंच गए। पिता हरप्रसाद वर्मा व ताऊ कालीचरण वर्मा ने बताया कि सुल्तान अगस्त माह में ही दरोगा बनने वाले थे। इसका जिक्र वह पत्नी व उनके साथ भी कर चुके थे। सुल्तान नेे करीब पंद्रह दिन पहले पिता को फोन पर बताया था कि अब वह दरोगा बनकर गांव में आएंगे। यह सुनकर घर में भी खुशी की लहर दौड़ गई थी। लेकिन, जन्मदिन पर ही सुल्तान के शहीद होने की खबर सुनकर पूरा परिवार शोक में डूब गया। वहीं शनिवार सुबह से ही घर पर जनप्रतिनिधि से लेकर आसपास के गांवों के लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
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- पिता ने मुख्यमंत्री से कहा- ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि कांप उठें अपराधी
सुल्तान के पिता हरप्रसाद ने मुख्यमंत्री से बात कर कहा है कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि अपराधी कांप उठें।
उन्होंने अंतिम संस्कार से पहले मुख्यमंत्री से फोन पर बात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि हत्यारों को ऐसी सजा मिले कि नजीर बन जाए। हत्यारे किसी घटना को अंजाम देने से पहले कई बार सोचें। पिता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर उनको पूरा भरोसा है।
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शहीद गेट और पार्क बनवाने की मांग
पिता ने मांग की है कि उनके पुत्र के नाम पर गांव के मुख्यद्वार पर शहीद गेट व पार्क बनवाया जाए। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने शहीद गेट बनवाए जाने का जल्द आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने भी परिजनों से मिलकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलवान सिंह यादव ने कहा कि वह खुद अपने खर्चे से प्रतिमा लगवाएंगे।

पत्नी भी हैं उच्च शिक्षित
परिजनों ने बताया कि शहीद सुल्तान की पत्नी उच्च शिक्षित हैं। उन्होंने बीएड की भी पढ़ाई कर ली है। वह नौकरी की तैयारी में भी लगी हुई थीं।

झांसी। कानपुर में हुई मुठभेड़ में सुल्तान सिंह के शहीद होने घर के बहार रखे उनके शव को सलामी देते ?

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