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एक ही दिन में तीन लोगों ने की आत्महत्या

Wed, 05 Aug 2020 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 01:15 AM IST
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sucide
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झांसी। कोरोना काल में सुसाइड के मामले तेजी से बढ़े हैं। मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली। सामान्य दिनों में एक महीने में औसतन तीन-चार लोग ऐसा करते हैं। तीनों मामलों में कारण सामने नहीं आ सके। हालांकि इन सुसाइड के पीछे तनाव मुख्य कारण माना जा रहा है।
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जिले में सुसाइड के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को एक महिला ने फांसी व दूसरी ने जहर खाकर जान दे दी। जबकि एक युवक ने खेत पर ही फांसी लगाकर जान दे दी। मनोचिकित्सकों के अनुसार कोरोना काल में चारों तरफ निराशा, आर्थिक अनिश्चितता, टीवी पर मरीजों और मौत के बढ़ते आंकड़े, बढ़ती बेरोजगारी का माहौल है। लोग इन सब बातों के बारे में ही सोचते रहते हैं। वे चिड़चिड़े हो रहे हैं। पारिवारिक या सामान्य से कारणों पर भी आत्महत्या कर ले रहे हैं। अवसाद और आवेग में कई बार वे परिजनों तक की हत्या कर दे रहे हैं। जबकि यह कोरोना जनित समस्या कुछ लोगों की नहीं पूरे विश्व की है। इसलिए यह वक्त सकारात्मक सोच रखने और अपनी रुचि के काम करने का है। हालात बदलेंगे धीरे-धीरे सब कुछ पटरी पर आएगा।
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केस 1
- जनपद के थाना चिरगांव के तकियापुरा मोहल्ले में पूजा (35) ने अज्ञात कारणों के चलते जहर खा लिया।
नंबर 2
- कोतवाली के मोहल्ला कुष्टयाना निवासी गीता (30) ने कमरे की छत पर पर फांसी लगा ली।
नंबर 3
- थाना समथर के बेलाकला निवासी सचिन (25) ने खेत में पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। वह पिछले कई दिनों से परेशान चल रहे थे।
55 दिनों के लॉकडाउन में 27 लोग कर चुके हैं खुदकुशी
जिले में खुदकुशी के मामले तेजी से बढ़े हैं। 24 मार्च से लगाए गए लॉकडाउान के बाद 55 दिनों के भीतर जिले में 27 लोगों ने सुसाइड की थी। इनमें अधिकांश लोगों ने परेशानी व अन्य कारणों के चलते कदम उठाया था।
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बचाव के लिए यह करें
- नकारात्मकता पर ध्यान न दें।
- अपने सकारात्मक पहलू के बारे में सोचें।
- दोस्तों या परिजनों या फिर चिकित्सकों से इसके बारे में खुलकर चर्चा करें।
- तनाव में अकेले की बजाय परिवार व मित्राें के साथ अधिक पल गुजारें।
- मनोरंजन या फिर किसी पिकनिक स्पॉट पर चले जाएं।
अधिकांश मामलों में भय, उदासी, नींद की कमी, आवेश, चिड़चिड़ापन, आलस्य की वजह से अवसाद के कारण मानसिक दबाव सहने में अक्षम हो जाना आत्महत्या के प्रमुख लक्षण हैं। आत्महत्या की मनोवृत्ति भी एक बीमारी है। यदि एक महीने से लगातार थकान, सांसों का फूलना, नींद न आना, असमय डायबिटीज, गुस्सा आना और बार-बार मन में आत्महत्या का विचार आ रहा है तो सावधान हो जाएं।
- डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, मनोचिकित्सक।
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