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Jhansi News: 5 जी के दौर में एक गांव के ऐसे हालात... जहां पेड़ और पहाड़ पर चढ़कर होती मोबाइल पर बात

Mon, 08 Jan 2024 02:07 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Mon, 08 Jan 2024 02:07 AM IST
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Such conditions in a village in the era of 5G... where talking on mobile was done while climbing trees and mountains
जतारा (झांसी)। देश में 5 जी का दौर है, लेकिन मध्यप्रदेश का एक गांव ऐसा भी है जहां आज भी लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए पेड़, छत और पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है। कई बार लोग सिग्नल न आने पर मोबाइल को हाथ में लेकर हवा में घुमाते रहते हैं। नेटवर्क न आने से लोग कोई जरूरी सूचना भी नहीं पहुंचा पाते। कोई हादसा और घटना होने पर पुलिस और एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती।
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मध्यप्रदेश के बैदपुर के लोग 5जी के दौर में संचार सेवाओं के लिए भगवान भरोसे हैं। गांव बैदपुर जंगल एवं पहाड़ों से घिरा होने से चलते काफी पिछड़ा है। गांव तक पहुंचने के लिए जंगल के रास्ते पक्की सड़क तो बना दी गई, लेकिन संचार सेवाएं बदहाल हैं। दो हजार लोगों की आबादी वाले इस गांव में एक भी मोबाइल टॉवर नहीं है। हालात यह हैं कि यहां मोबाइल नेटवर्क हवा के सहारे बहकर आता है। लोगों को बात करने के लिए अपने घर की छत, पेड़ और पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है। इसके बाद भी नेटवर्क मिल जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है। लोग घंटों नेटवर्क तलाशने के बाद ही किसी तरह बात कर पाते हैं। गांव के राकेश पस्तोर, पुष्पेंद्र सिंह बताते हैं कि कई बार तो गांव में कोई घटना होने पर पुलिस और एंबुलेंस को सूचना ही नहीं दे पाते हैं। सरपंच बंदन पस्तोर के मुताबिक मोबाइल नेटवर्क न होने से लोग परेशान रहते हैं। कार्यकारी अधिकारी सिद्ध गोपाल वर्मा का कहना है कि इस बारे में शासन को पत्र भेजकर यहां सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
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पहाड़ पर बैठकर भरते हैं ऑनलाइन फार्म



ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क न होने से ग्राम पंचायत के सरकारी फार्म भी उनको पहाड़ी पर चढ़कर भरने पड़ते हैं। पहाड़ी पर बने विद्यालय में जाने के बाद ही ऑनलाइन आवेदन होते हैं।
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कहते हैं लोग



गांव में नेटवर्क आता नहीं है। पहाड़ी पर बने विद्यालय में जाते हैं, तब किसी तरह नेटवर्क आने पर बात हो पाती है। - शेर सिंह घोष







मोबाइल सिग्नल न आने से फोन डिब्बा बन गया है। पेड़ पर चढ़कर बात हो पाती है या छत पर जाना पड़ता है। - करण सिंह







गांव में एक मोबाइल टॉवर लग जाए तो काफी परेशानी दूर हो जाएगी। नेटवर्क न आने से बात नहीं हो पाती। - प्रभु वंशकार







सिग्नल न आने से कई बार गांव में घटना होने पर न तो एंबुलेंस बुला पाते हैं और न ही पुलिस को सूचना दे पाते हैं। - लखन प्रजापति
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