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Jhansi: कोच के चंगुल में फंसने से बची छात्रा, शतरंज खिलाने के बहाने बीना से बरगलाकर लाया झांसी
Thu, 02 Apr 2026 02:11 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 02:11 AM IST
सार
कोच ने छात्रा को झांसा दिया कि उसे झांसी में अच्छा शतरंज खिलाकर ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे लेकिन ट्रेन के अंदर पुलिस को देख वह भाग निकला। आरपीएफ ने छात्रा को चाइल्ड लाइन भेज दिया।
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बाल कल्याण समिति, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के बीना जिले की एक नाबालिग छात्रा अपने ही कोच के चंगुल में फंसते-फंसते बच गई। कोच ने झांसा दिया था कि उसे झांसी में अच्छा शतरंज खिलाएंगे। ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे लेकिन पुलिस के डर से उसे ट्रेन में छोड़कर भाग निकला। छात्रा को बाल कल्याण समिति में पेश किया गया। यहां से उसे पिता के सुपुर्द किया गया।
बीना जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित एक गांव की 12 वर्षीय छठवीं की छात्रा सरकारी स्कूल में पढ़ती है। गांव का ही 23 वर्षीय कोच धर्मेंद्र उसे कई महीनों से शतरंज सिखा रहा था, लेकिन उसकी नीयत खराब हो गई। उसने दो दिन पहले छात्रा से कहा कि तुम बहुत अच्छा शतरंज खेलती हो। झांसी चलते हैं। यहां अच्छे लोगों से मुलाकात करा देंगे। अच्छे स्तर का शतरंज खिलाएंगे। बहुत आगे जाओगी। उसके परिजनों को सूचना दिए बिना धर्मेंद्र गांव से छात्रा को बाइक पर बैठाकर स्टेशन ले आया और वहां से 30 मार्च की शाम को ट्रेन में बैठाकर उसे लेकर झांसी आ गया। इस दौरान उस पर पुलिस की नजर पड़ गई। डर के मारे धर्मेंद्र छात्रा को ट्रेन में ही छोड़कर भाग निकला। छात्रा ने एक यात्री का मोबाइल लेकर अपने को पिता को फोन लगाया और झांसी बुलाया। वहीं, रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने छात्रा को चाइल्ड लाइन भेज दिया। इसके बाद छात्रा को समिति के सामने पेश किया गया।
बुधवार को समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा व सदस्य परवीन खान, कोमल सिंह, दीप्ति सक्सेना, हरिकृष्ण सक्सेना ने काउंसिलिंग की। इस दौरान छात्रा ने बताया कि शतरंज के कोच उसे कहीं ले जा रहे थे लेकिन ट्रेन में अचानक छोड़कर भाग गए।
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बीना जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित एक गांव की 12 वर्षीय छठवीं की छात्रा सरकारी स्कूल में पढ़ती है। गांव का ही 23 वर्षीय कोच धर्मेंद्र उसे कई महीनों से शतरंज सिखा रहा था, लेकिन उसकी नीयत खराब हो गई। उसने दो दिन पहले छात्रा से कहा कि तुम बहुत अच्छा शतरंज खेलती हो। झांसी चलते हैं। यहां अच्छे लोगों से मुलाकात करा देंगे। अच्छे स्तर का शतरंज खिलाएंगे। बहुत आगे जाओगी। उसके परिजनों को सूचना दिए बिना धर्मेंद्र गांव से छात्रा को बाइक पर बैठाकर स्टेशन ले आया और वहां से 30 मार्च की शाम को ट्रेन में बैठाकर उसे लेकर झांसी आ गया। इस दौरान उस पर पुलिस की नजर पड़ गई। डर के मारे धर्मेंद्र छात्रा को ट्रेन में ही छोड़कर भाग निकला। छात्रा ने एक यात्री का मोबाइल लेकर अपने को पिता को फोन लगाया और झांसी बुलाया। वहीं, रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने छात्रा को चाइल्ड लाइन भेज दिया। इसके बाद छात्रा को समिति के सामने पेश किया गया।
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बुधवार को समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा व सदस्य परवीन खान, कोमल सिंह, दीप्ति सक्सेना, हरिकृष्ण सक्सेना ने काउंसिलिंग की। इस दौरान छात्रा ने बताया कि शतरंज के कोच उसे कहीं ले जा रहे थे लेकिन ट्रेन में अचानक छोड़कर भाग गए।
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