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Jhansi News: रेलवे में घटनाओं की सख्त निगरानी, आईसीएमएस पोर्टल से तय होगी जवाबदेही

Tue, 08 Sep 2026 02:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:20 AM IST
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Strict monitoring of railway incidents; accountability to be determined via ICMS portal.
संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। रेलवे अब सिग्नल फेल होने, पटरियों में दरार और तकनीकी खराबी जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेगा। ये घटनाएं ट्रेनों के परिचालन को बाधित करती हैं और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डाल सकती हैं। रेलवे बोर्ड ने इन समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने और जिम्मेदारी तय करने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की है।
मंडल स्तर पर होने वाली महत्वपूर्ण परिचालन और तकनीकी घटनाओं का ब्योरा आईसीएमएस पोर्टल पर दर्ज होगा। इसमें घटना का समय, सेक्शन, कारण और उसे ठीक करने में लगा समय शामिल होगा। कितनी ट्रेनें प्रभावित हुईं और भविष्य के लिए क्या कदम उठाए गए, इसकी जानकारी भी दर्ज होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य लापरवाही या रखरखाव में कमी का पता लगाना है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। छोटी तकनीकी खामी भी रेल परिचालन में बड़ा व्यवधान पैदा कर सकती है। सिग्नल प्रणाली की खराबी से ट्रेनों को रोकना पड़ता है, जबकि ट्रैक में दरार से गति नियंत्रित करनी पड़ती है। ओएचई तार टूटने या इंजन-कोच में खराबी से भी परिचालन बाधित होता है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आईसीएमएस सीआरआईएस द्वारा विकसित एक ऑनलाइन वेब-आधारित एप्लिकेशन है। इसका उपयोग यात्री ट्रेनों और कोचों को ट्रैक, प्रबंधित और निगरानी करने के लिए होता है।
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आईसीएमएस पोर्टल पर घटनाओं का ब्योरा
आईसीएमएस पोर्टल पर घटनाओं का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे किसी विशेष सेक्शन या उपकरण में बार-बार आ रही समस्या की पहचान हो सकेगी। यदि किसी सेक्शन में सिग्नल संबंधी खराबी बार-बार आती है, तो आंकड़ों के आधार पर आकलन होगा। संबंधित उपकरणों के रखरखाव, बदलाव या उन्नयन की जरूरत तय की जा सकेगी।
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स्थायी समाधान और जवाबदेही
ट्रैक या ओएचई सेक्शन में लगातार समस्या आने पर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। यह प्रणाली परिचालन सुरक्षा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। घटनाओं के विस्तृत रिकॉर्ड से समस्याओं के मूल कारणों का पता चलेगा। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू और सुरक्षित हो सकेगा।
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