{"_id":"62002986e2580c1c4e56b298","slug":"stoppage-of-trains-is-going-on-at-97-stations-jhansi-news-jhs21448933","type":"story","status":"publish","title_hn":"97 स्टेशनों पर बंद चल रहा है ट्रेनों का ठहराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
97 स्टेशनों पर बंद चल रहा है ट्रेनों का ठहराव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों के मद्देनजर रेल प्रशासन द्वारा झांसी रेल मंडल के 97 स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव रोक दिया गया था, जो अब तक शुरू नहीं हो पाया है। अनारक्षित ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर ठहराव फिर से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 22 मार्च 2020 को ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। महीनों रेल यातायात ठप रहने के बाद ट्रेनों का संचालन तो शुरू कर दिया गया था, लेकिन रेल मंडल के 97 स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बंद रखा गया था। इन स्टेशनों पर अब भी ट्रेनें नहीं रुक रही हैं। ये सभी वे स्टेशन हैं, जिनसे कम यात्री निकलते हैं। लेकिन, जो यात्री निकलते हैं, उन्हें अपने गंतव्य के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन या नजदीक के अन्य किसी बड़े स्टेशन पर बस व अन्य साधनों से जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों जाया होता है।
इस संबंध में रेल अधिकारियों का कहना है कि अभी अनारक्षित ट्रेनों की संख्या कम है। इन ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर स्टॉपेज भी बढ़ा दिए जाएंगे।
ठहराव का समय भी किया कम
झांसी। जिन स्टेशनों पर अभी ट्रेनों का ठहराव किया जा रहा है, वहां भी समय कम कर दिया गया है। जहां पांच मिनट के लिए ट्रेन रोकी जाती थी, वहां अब दो-तीन मिनट रुककर ट्रेन आगे बढ़ जाती है। हालांकि, स्टॉपेज कम होने और ठहराव का समय कम होने की वजह से ट्रेनों की गति में खासा सुधार आया है।
विज्ञापन
शॉर्टकट न निकालें कर्मचारी
झांसी। रविवार को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर अरुण कुमार ने वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान वे सिग्नल व दूरसंचार विभाग की सेमिनार में भी शामिल हुए, जिसमें उन्होंने कहा कि सभी संरक्षा से काम करें और किसी भी कीमत पर शॉर्टकट न निकालें। इस मौके पर सीनियर डीएसटीई अमित गोयल, वीएस गुप्ता, नेहा चौधरी, जीआर राजपूत, एसके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 22 मार्च 2020 को ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। महीनों रेल यातायात ठप रहने के बाद ट्रेनों का संचालन तो शुरू कर दिया गया था, लेकिन रेल मंडल के 97 स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बंद रखा गया था। इन स्टेशनों पर अब भी ट्रेनें नहीं रुक रही हैं। ये सभी वे स्टेशन हैं, जिनसे कम यात्री निकलते हैं। लेकिन, जो यात्री निकलते हैं, उन्हें अपने गंतव्य के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन या नजदीक के अन्य किसी बड़े स्टेशन पर बस व अन्य साधनों से जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों जाया होता है।
विज्ञापन
इस संबंध में रेल अधिकारियों का कहना है कि अभी अनारक्षित ट्रेनों की संख्या कम है। इन ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर स्टॉपेज भी बढ़ा दिए जाएंगे।
ठहराव का समय भी किया कम
झांसी। जिन स्टेशनों पर अभी ट्रेनों का ठहराव किया जा रहा है, वहां भी समय कम कर दिया गया है। जहां पांच मिनट के लिए ट्रेन रोकी जाती थी, वहां अब दो-तीन मिनट रुककर ट्रेन आगे बढ़ जाती है। हालांकि, स्टॉपेज कम होने और ठहराव का समय कम होने की वजह से ट्रेनों की गति में खासा सुधार आया है।
विज्ञापन
शॉर्टकट न निकालें कर्मचारी
झांसी। रविवार को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर अरुण कुमार ने वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान वे सिग्नल व दूरसंचार विभाग की सेमिनार में भी शामिल हुए, जिसमें उन्होंने कहा कि सभी संरक्षा से काम करें और किसी भी कीमत पर शॉर्टकट न निकालें। इस मौके पर सीनियर डीएसटीई अमित गोयल, वीएस गुप्ता, नेहा चौधरी, जीआर राजपूत, एसके गुप्ता आदि मौजूद रहे।