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युवा क्रिकेटरों को ऊर्जा दे रही दद्दा की प्रतिमा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2016 01:07 AM IST
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- फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की हॉकी प्रैक्टिस का गवाह रहा सीपरी बाजार का हीरोज फील्ड हॉकी खिलाड़ियों के साथ-साथ अब नवोदित क्रिकेटरों के लिए भी अभ्यास का नया केंद्र बना हुआ है। महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली बनने की चाहत लिए यहां युवा क्रिकेटर पसीना बहाते नजर आते हैं।
यहां की क्रिकेट अकादमी की ओर से चलाए जा रहे प्रशिक्षण शिविर में आने वाले युवा थकने के बाद मैदान में स्थापित दद्दा की प्रतिमा देखकर फिर से ऊर्जा महसूस कर अभ्यास में जुट जाते हैं। इस मैदान में पूरे दिन क्रिकेटर मैच खेलते देखे जा सकते हैं।
अमन बांगर, कार्तिकेय विश्वकर्मा, प्रफुल्ल तामनकर जैसे नवोदित क्रिकेटर प्रतिदिन खूब मेहनत करते हैं, ताकि विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों की तरह नाम रोशन कर सकें।
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सीमेंट के विकेट पर तेज गेंदबाजी का अभ्यास कर रहे स्वयं थापक बताते हैं कि क्रिकेट में ग्लैमर व पहचान है। उन्हें तेज गेंदबाजी करना पसंद है। ऐसे में वह रनअप के स्टेप्स, सोल्डर क ा उपयोग एवं बाल की सीम पर पकड़ बना रहे हैं। शहजान खान बेहतर क्रिकेटर बनने का सपना लेकर हीरोज फील्ड में पसीना बहाते हैं। वह बताते हैं कि दोनों सत्रों में निरंतर अभ्यास करता हूं।
जब थक जाता हूं तो मैदान स्थापित मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा को निहार लेता हूं। ऐसा करने से ऊर्जा मिलती है और बेहतर प्रयास करने का संबल प्राप्त होता है। बैक फुट डिफेंस व फ्रंट फुट डिफेंस मजबूत करने में जुटे अरहम कहते हैं कि बल्लेबाजी में तकनीकी रूप से इसे सीखना आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश की ओर से कर्नल सीके नायडू क्रिकेट प्रतियोगिता खेल चुके न्यू रायगंज क्रिकेट अकादमी के कोच जितेंद्र दीक्षित बताते हैं कि मैदान में एक ओर हॉकी के खिलाड़ी तो दूसरी ओर क्रिकेट के खिलाड़ी जमकर मेहनत करते हैं। इन खिलाड़ियों में कुछ कर गुजरने की तमन्ना दिखती है।
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यहां की क्रिकेट अकादमी की ओर से चलाए जा रहे प्रशिक्षण शिविर में आने वाले युवा थकने के बाद मैदान में स्थापित दद्दा की प्रतिमा देखकर फिर से ऊर्जा महसूस कर अभ्यास में जुट जाते हैं। इस मैदान में पूरे दिन क्रिकेटर मैच खेलते देखे जा सकते हैं।
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अमन बांगर, कार्तिकेय विश्वकर्मा, प्रफुल्ल तामनकर जैसे नवोदित क्रिकेटर प्रतिदिन खूब मेहनत करते हैं, ताकि विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों की तरह नाम रोशन कर सकें।
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सीमेंट के विकेट पर तेज गेंदबाजी का अभ्यास कर रहे स्वयं थापक बताते हैं कि क्रिकेट में ग्लैमर व पहचान है। उन्हें तेज गेंदबाजी करना पसंद है। ऐसे में वह रनअप के स्टेप्स, सोल्डर क ा उपयोग एवं बाल की सीम पर पकड़ बना रहे हैं। शहजान खान बेहतर क्रिकेटर बनने का सपना लेकर हीरोज फील्ड में पसीना बहाते हैं। वह बताते हैं कि दोनों सत्रों में निरंतर अभ्यास करता हूं।
जब थक जाता हूं तो मैदान स्थापित मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा को निहार लेता हूं। ऐसा करने से ऊर्जा मिलती है और बेहतर प्रयास करने का संबल प्राप्त होता है। बैक फुट डिफेंस व फ्रंट फुट डिफेंस मजबूत करने में जुटे अरहम कहते हैं कि बल्लेबाजी में तकनीकी रूप से इसे सीखना आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश की ओर से कर्नल सीके नायडू क्रिकेट प्रतियोगिता खेल चुके न्यू रायगंज क्रिकेट अकादमी के कोच जितेंद्र दीक्षित बताते हैं कि मैदान में एक ओर हॉकी के खिलाड़ी तो दूसरी ओर क्रिकेट के खिलाड़ी जमकर मेहनत करते हैं। इन खिलाड़ियों में कुछ कर गुजरने की तमन्ना दिखती है।