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आठ माह बीते, नहीं बन सका स्टेडियम
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Tue, 19 May 2015 02:38 AM IST
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झांसी। आठ माह पहले प्रशासन द्वारा शासन को भेजी गई बहुउद्देशीय खेल मैदान की फाइल धूल फांक रही है। शासन द्वारा अभी तक बजट नहीं जारी किया गया है। इससे नवोदित खिलाड़ियों की प्रतिभा नहीं निखर पा रही है।
ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ का निर्माण हो जाने से खेल मैदान कम पड़ गया है। इसे देखते हुए खेल विभाग ने पालीटेक्निक में बहुउद्देश्यीय स्टेडियम बनाने के लिए खेल निदेशालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। प्रशासन के निर्देश पर पालीटेक्निक प्रशासन ने चार एकड़ भूमि पर स्टेडियम निर्माण के लिए जमीन देने पर सहमति जता दी थी। मालूम हो कि ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ का निर्माण हो रहा है।
इससे वहां पर एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबाल समेत खेल की गतिविधियां ठप हो गई हैं। मैदान के अभाव में नवोदित खिलाड़ी अन्य ग्राउंड में अभ्यास करने को मजबूर हैं। जबकि, कई बार खेल संगठनों व खेल विभाग ने उच्च अधिकारियों को खिलाड़ियों की समस्याओं से अवगत कराया। बावजूद, आठ माह बीतने के बाद भी शासन ने खिलाड़ियों की समस्या के समाधान के लिए कोई हल नहीं निकाला है।
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प्रस्ताव लंबित होने से खिलाड़ियों में मायूसी
पालीटेक्निक प्रशासन द्वारा अपनी जमीन पर बहुउद्देश्यीय ग्राउंड बनाए जाने की एनओसी प्रशासन को दिए जाने के बाद से खिलाड़ियों के चेहरे खिल गए थे। खेल संगठनों ने खुशी का इजहार करते हुए कहा था कि अब बच्चों को पहले जैसे ही खेल की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। लेकिन शासन द्वारा मैदान के संबंध में कोई गाइड लाइन खेल विभाग को नहीं जारी किए जाने से खिलाड़ियों में मायूसी है।
जिला क्रिकेट संघ सचिव बृजेंद्र यादव के मुताबिक ग्राउंड के अभाव में नवोदित क्रिकेट खिलाड़ियों को सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में अभ्यास कराया जाता है। स्कूलों में इसी माह ग्रीष्म कालीन अवकाश हो जाएगा। इन छुट्टियों में सभी खेल संगठन बच्चों के लिए ध्यानचंद स्टेडियम में समर कैंप आयोजित करते थे। लेकिन इस बार ग्राउंड के अभाव में बच्चों को अभ्यास के लिए भटकना होगा। अन्य ग्राउंड में अभ्यास कराने के लिए भारी भरकम फीस देनी होती है। जबकि, ध्यानचंद स्टेडियम में सरकारी शुल्क जमा करने के बाद सारी खेल की सुविधा नवोदित खिलाड़ियों को आसानी से उपलब्ध होती थी।
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ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ का निर्माण हो जाने से खेल मैदान कम पड़ गया है। इसे देखते हुए खेल विभाग ने पालीटेक्निक में बहुउद्देश्यीय स्टेडियम बनाने के लिए खेल निदेशालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। प्रशासन के निर्देश पर पालीटेक्निक प्रशासन ने चार एकड़ भूमि पर स्टेडियम निर्माण के लिए जमीन देने पर सहमति जता दी थी। मालूम हो कि ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रो टर्फ का निर्माण हो रहा है।
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इससे वहां पर एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबाल समेत खेल की गतिविधियां ठप हो गई हैं। मैदान के अभाव में नवोदित खिलाड़ी अन्य ग्राउंड में अभ्यास करने को मजबूर हैं। जबकि, कई बार खेल संगठनों व खेल विभाग ने उच्च अधिकारियों को खिलाड़ियों की समस्याओं से अवगत कराया। बावजूद, आठ माह बीतने के बाद भी शासन ने खिलाड़ियों की समस्या के समाधान के लिए कोई हल नहीं निकाला है।
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प्रस्ताव लंबित होने से खिलाड़ियों में मायूसी
पालीटेक्निक प्रशासन द्वारा अपनी जमीन पर बहुउद्देश्यीय ग्राउंड बनाए जाने की एनओसी प्रशासन को दिए जाने के बाद से खिलाड़ियों के चेहरे खिल गए थे। खेल संगठनों ने खुशी का इजहार करते हुए कहा था कि अब बच्चों को पहले जैसे ही खेल की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। लेकिन शासन द्वारा मैदान के संबंध में कोई गाइड लाइन खेल विभाग को नहीं जारी किए जाने से खिलाड़ियों में मायूसी है।
जिला क्रिकेट संघ सचिव बृजेंद्र यादव के मुताबिक ग्राउंड के अभाव में नवोदित क्रिकेट खिलाड़ियों को सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में अभ्यास कराया जाता है। स्कूलों में इसी माह ग्रीष्म कालीन अवकाश हो जाएगा। इन छुट्टियों में सभी खेल संगठन बच्चों के लिए ध्यानचंद स्टेडियम में समर कैंप आयोजित करते थे। लेकिन इस बार ग्राउंड के अभाव में बच्चों को अभ्यास के लिए भटकना होगा। अन्य ग्राउंड में अभ्यास कराने के लिए भारी भरकम फीस देनी होती है। जबकि, ध्यानचंद स्टेडियम में सरकारी शुल्क जमा करने के बाद सारी खेल की सुविधा नवोदित खिलाड़ियों को आसानी से उपलब्ध होती थी।