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आटा, दाल के लिए लग रही सुभाषगंज में ‘बोली’
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झांसी। आटा, दाल समेत किराना के सामान के लिए सुभाषंगज में ‘बोली’ लग रही है। कई बड़े व्यापारी फुटकर दुकानदारों में से अधिक मूल्य देने वाले को सामान दे रहे हैं। इससे महंगाई बढ़ गई है। जनता परेशान है मगर जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं करने से जमकर ओवररेटिंग हो रही है।
कोरोना वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के कारण व्यापारी खूब चांदी काट रहे हैं। सुभाषगंज में जमकर ओवररेटिंग हो रही है। मौजूदा समय में स्थिति ये है कि अरहर की दाल जो 84 रुपये किलो बिक रही है, वो सोमवार को 115 रुपये बिकी। वहीं, 50 किलो वाली आटा की बोरी 1070 की जगह 1250 रुपये किलो में भी नहीं मिल रही है। सुभाषगंज के कई बड़े व्यापारी फुटकर दुकानदारों के साथ सामान देने में मोल भाव कर रहे हैं। फुटकर दुकानदारों में जो ज्यादा पैसे देने को राजी हो जाता है, उसे ही सामान देते हैं। वरना उन्हें सामान नहीं होने की बात कहते हुए लौटा देते हैं। थोक में महंगा मिला हुआ सामान फुटकर में और अधिक दामों पर बिका। जनता की महंगाई से कमर टूटती जा रही है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ओवररेटिंग करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
सुभाषगंज में आई दाल, आटा भी भरपूर
थोक विक्रेता श्याम अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सुभाषंगज में दाल की कमी हो गई थी मगर सोमवार को कुछ ट्रक दाल आ गई। वहीं, आटा भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। हालांकि, अभी मैदा की कमी चल रही है। मैदा से ही ब्रेड बनती है, इसलिए इस पर भी फर्क पड़ा है। इसके पीछे का कारण गैर राज्यों से ट्रांसपोर्ट को अनुमति नहीं मिल पाना है। मिलों में सामान रखा हुआ है, जैसे ही ट्रकों को आवागमन की अनुमति मिलती है, वैसे ही मैदा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएगा।
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जहां से भी कालाबाजारी और ओवररेटिंग की शिकायत मिलती है, तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाती है। मगर ज्यादातर शिकायत करने वाले मौके पर मुकर जाते हैं। कहीं पर भी कोई व्यापारी सामान देने से मना या ओवररेटिंग करता है तो तत्काल सूचना दें। सख्त कार्रवाई होगी। - अनूप कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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कोरोना वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के कारण व्यापारी खूब चांदी काट रहे हैं। सुभाषगंज में जमकर ओवररेटिंग हो रही है। मौजूदा समय में स्थिति ये है कि अरहर की दाल जो 84 रुपये किलो बिक रही है, वो सोमवार को 115 रुपये बिकी। वहीं, 50 किलो वाली आटा की बोरी 1070 की जगह 1250 रुपये किलो में भी नहीं मिल रही है। सुभाषगंज के कई बड़े व्यापारी फुटकर दुकानदारों के साथ सामान देने में मोल भाव कर रहे हैं। फुटकर दुकानदारों में जो ज्यादा पैसे देने को राजी हो जाता है, उसे ही सामान देते हैं। वरना उन्हें सामान नहीं होने की बात कहते हुए लौटा देते हैं। थोक में महंगा मिला हुआ सामान फुटकर में और अधिक दामों पर बिका। जनता की महंगाई से कमर टूटती जा रही है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ओवररेटिंग करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
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सुभाषगंज में आई दाल, आटा भी भरपूर
थोक विक्रेता श्याम अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सुभाषंगज में दाल की कमी हो गई थी मगर सोमवार को कुछ ट्रक दाल आ गई। वहीं, आटा भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। हालांकि, अभी मैदा की कमी चल रही है। मैदा से ही ब्रेड बनती है, इसलिए इस पर भी फर्क पड़ा है। इसके पीछे का कारण गैर राज्यों से ट्रांसपोर्ट को अनुमति नहीं मिल पाना है। मिलों में सामान रखा हुआ है, जैसे ही ट्रकों को आवागमन की अनुमति मिलती है, वैसे ही मैदा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएगा।
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जहां से भी कालाबाजारी और ओवररेटिंग की शिकायत मिलती है, तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाती है। मगर ज्यादातर शिकायत करने वाले मौके पर मुकर जाते हैं। कहीं पर भी कोई व्यापारी सामान देने से मना या ओवररेटिंग करता है तो तत्काल सूचना दें। सख्त कार्रवाई होगी। - अनूप कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।