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- सकरार में थमी खजुराहो हाईवे की रफ्तार
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झांसी। झांसी-खजुराहो फोरलेन हाईवे के निर्माण की चाल पर सकरार में ब्रेक लग गया है। यहां तीन किलोमीटर के हिस्से में निर्माण बंद पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों के मुद्दों का हल न निकलने की वजह से ये स्थिति बनी हुई है। इससे तय मियाद के एक साल बाद भी हाईवे का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा झांसी से मध्य प्रदेश के खजुराहो तक 186 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। सड़क का निर्माण 2018 में शुरू किया गया था और पूरा नवंबर 2020 में होना था, लेकिन अभी भी काम अधूरा ही पड़ा हुआ है। पहले मध्य प्रदेश के निवाड़ी जनपद में एनएचएआई को समस्या का सामना करना पड़ा था। यहां भी अधिग्रहित जमीन मिलने में देरी हुुई थी।
अब झांसी जिले के सकरार कस्बे में मामला फंसा हुआ है। यहां स्थानीय लोग मुआवजा राशि को कम बता रहे हैं। यहां फ्लाईओवर के निर्माण पर भी स्थानीय लोगों से सहमति नहीं बन पा रही है। फ्लाईओवर के दोनों ओर बनने वाली सर्विस लेन की चौड़ाई को लेकर भी कम करने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों द्वारा ये मुद्दा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री तक ले जाया जा चुका है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्माण में हो रही देरी की शिकायत शासन तक से की जा चुकी है। बावजूद, समस्या का हल नहीं निकल पाया है, जिससे सकरार में तकरीबन तीन किलोमीटर के हिस्से में काम तीन महीने से बंद पड़ा हुआ है।
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मुआवजा राशि का 92 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। शेष की प्रक्रिया भी जारी है। अधिग्रहित जमीन एनएचएआई को सौंपी जा चुकी है। जल्द ही सभी मसलों का हल निकाल लिया जाएगा।
- राम अक्षयवर चौहान, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा झांसी से मध्य प्रदेश के खजुराहो तक 186 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। सड़क का निर्माण 2018 में शुरू किया गया था और पूरा नवंबर 2020 में होना था, लेकिन अभी भी काम अधूरा ही पड़ा हुआ है। पहले मध्य प्रदेश के निवाड़ी जनपद में एनएचएआई को समस्या का सामना करना पड़ा था। यहां भी अधिग्रहित जमीन मिलने में देरी हुुई थी।
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अब झांसी जिले के सकरार कस्बे में मामला फंसा हुआ है। यहां स्थानीय लोग मुआवजा राशि को कम बता रहे हैं। यहां फ्लाईओवर के निर्माण पर भी स्थानीय लोगों से सहमति नहीं बन पा रही है। फ्लाईओवर के दोनों ओर बनने वाली सर्विस लेन की चौड़ाई को लेकर भी कम करने की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों द्वारा ये मुद्दा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री तक ले जाया जा चुका है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्माण में हो रही देरी की शिकायत शासन तक से की जा चुकी है। बावजूद, समस्या का हल नहीं निकल पाया है, जिससे सकरार में तकरीबन तीन किलोमीटर के हिस्से में काम तीन महीने से बंद पड़ा हुआ है।
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मुआवजा राशि का 92 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। शेष की प्रक्रिया भी जारी है। अधिग्रहित जमीन एनएचएआई को सौंपी जा चुकी है। जल्द ही सभी मसलों का हल निकाल लिया जाएगा।
- राम अक्षयवर चौहान, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)