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कभी स्कर्ट, कभी हिजाब, लड़कियों के पहनावे पर हंगामा है क्यों बरपा..

Thu, 10 Feb 2022 12:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 12:45 AM IST
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Sometimes skirts, sometimes hijab, there is a ruckus on the clothes of girls, why did it rain..
झांसी। कर्नाटक में हिजाब के विवाद का मामला थम नहीं रहा है। सोशल मीडिया पर इसके ऑडियो-वीडियो वायरल हो रहे हैं। तमाम नेता और सामाजिक संगठन अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। ट्वीट किए जा रहे हैं। ऐसे में शहर की मुस्लिम महिलाएं और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं के बीच भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इनका कहना है कि हिजाब पहनना या न पहनना च्वॉइस का मामला है, इस पर बेकार में हंगामा बरपा है। छात्राओं का कहना है कि हर बार लड़कियों के पहनावे को लेकर ही तमाम फरमान होते हैं, विरोध किया जाता है। कुछ वर्ष पहले स्कूल-कॉलेजों में स्कर्ट की जगह सलवार शूट पहनने का मामला उठा था। अब हिजाब को लेकर राजनीति की जा रही है।
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शहर के मुस्लिम कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं का कहना है कि मुस्लिम परिवार भी शिक्षा का महत्व समझने लगे हैं। अब हिजाब पहनने के लिए लड़कियों पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं है। कुछ लड़कियां अगर स्वेच्छा से हिजाब पहन रही हैं तो इस पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। छात्रा शिफा, अरशी, डॉली, गौसिया और जैनब का कहना है कि सिर्फ हिजाब के लिए छात्रा को कॉलेज में घुसने से मना करना सही नहीं है। यह कोरी राजनीति है। छात्रा फिरदौस, निशा, रेशम, जारा और पायल ने कहा कि हमेशा लड़कियों की ड्रेस को लेकर ही विरोध होता है। कुछ वर्ष पहले स्कर्ट का मामला छाया था, अब कुछ नहीं मिला तो हिजाब का मामला खड़ा हो गया।
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बोलीं शिक्षिकाएं-कर्नाटक में जो हो रहा वह बेवजह का तूल है
शहर का हाफिज सिद्दीकी गर्ल्स कॉलेज, जहां सबसे अधिक मुस्लिम लड़कियां शिक्षा पा रही हैं और सबसे अधिक मुस्लिम शिक्षिकाएं यहां पढ़ा रही हैं। यहां की शिक्षिका डॉ. सुमन अस्थाना और उत्तमा श्रीवास्तव का कहना है कि कॉलेज की सभी लड़कियां कॉलेज ड्रेस में ही आती हैं। कुछ मुस्लिम लड़कियां अपना हिजाब या बुरका साथ लेकर आती हैं और घर से आते-जाते वक्त पहनती हैं। इसलिए कर्नाटक में जो हंगामा हो रहा है वह बेवजह का तूल है। इसी कॉलेज की शिक्षिका निखत, सबा बानो, जबीना और रुखसाना ने कहा कि लड़कियां कॉलेज के नियम फॉलो कर रही हैं, इतना काफी है। पामिला राय और फरीदा बानो ने कहा कि लड़कियों के किसी भी पहनावे पर कोई कमेंट नहीं होना चाहिए।
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कर्नाटक में जो हिजाब का मुद्दा छाया है। असल में ये मामला उठना ही नहीं चाहिए। बेवजह बातें हो रही हैं। हिजाब मुस्लिम कल्चर में है पर इधर, यह लड़कियों की मर्जी पर निर्भर हो गया है। इतना बवाल तो होना ही नहीं चाहिए।
-अंजुम बेगम-प्रिंसिपल, हाफिज सिद्दीकी गर्ल्स कॉलेज
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हिजाब पहनना या न पहनना लड़की की अपनी इच्छा पर निर्भर करता है। लड़कियां आगे बढ़ रही हैं, उन्हें फोर्स करना ठीक नहीं है। वह क्या और कब पहन रही हैं, इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। ये सबकी अपनी इच्छा है।
-फरहा खान, निवासी ताज कंपाउंड, ऊर्दू की शिक्षिका
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लड़कियां अब पढ़ाई और कामकाज के लिए बाहर निकल रही हैं। स्कूल-कॉलेज में ड्रेस कोड फॉलो करना जरूरी है, पर जिन्हें हिजाब पहनना है वह पहनें, ऐसे मुद्दों पर कोई बहस नहीं खड़ी करना चाहिए। ये ठीक नहीं है।

-सबा, अंदर ओरछा गेट, केमेस्ट्री शिक्षिका
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कर्नाटक के एक कॉलेज कैंपस में हुआ यह विवाद आज नेशनल मीडिया पर छाया है। लड़कियों की ड्रेस को लेकर बार-बार बातें की जाती हैं। कोई हिजाब पहन रहा है तो इस पर राजनीति करना बिल्कुल सही नहीं है।
मुबीना, इतवारी गंज, कंप्यूटर टीचर
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