फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   So that your Jhansi remains healthy.. Somebody planted a garden, then someone is distributing cloth bags

ताकि सेहतमंद रहे अपनी झांसी..किसी ने बगिया लगाई, तो कोई बांट रहा कपड़े के थैले

Fri, 26 Nov 2021 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:51 AM IST
विज्ञापन
So that your Jhansi remains healthy.. Somebody planted a garden, then someone is distributing cloth bags
झांसी। मौजूदा दौर में बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। दिल्ली, नोएडा के वायु गुणवत्ता सूचकांक से झांसी की स्थिति काफी बेहतर भले ही है, लेकिन हालात ठीक नहीं है। बढ़ते वाहनों के शोर और अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ रहा है। कोरोना काल में ऑक्सीजन का संकट बढ़ा तो लोगों को पर्यावरण की अहमियत समझ आई। झांसी को सेहतमंद रखने के लिए पर्यावरण प्रहरी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। किसी ने अपने घर में बगिया बनाकर पर्यावरण संरक्षण की पहल की है, तो कोई पॉलिथीन रोकने के लिए जुटा है। आज पर्यावरण संरक्षण दिवस पर हम आपको कुछ ऐसी ही शख्सियतों से रूबरू करा रहे हैं। जिनका जज्बा आबोहवा को सुधार रहा है।
विज्ञापन

घर में उगा रहे सब्जी, बांटते हैं पौधे
रेलवे कर्मचारी आशीष अग्रवाल ने अपने घर में ही बगिया बनाई हुई है। वे बताते हैं कि उनको शुरू से ही पौधे लगाना अच्छा लगता है। चार साल पहले उन्होंने अपने बगीचे में आम, अमरूद, अंजीर, केला, चेरी, लीची के पेड़ लगाए। आज उनके बगीचे में आम के करीब 30-35 प्रकार के पेड़ हैं। गर्मियों के मौसम में इन पेड़ों से 50-60 किलो आम मिलते हैं। जिन्हें वे जरूरत अनुसार रखकर बाकी बांट देते हैं। अपने बगीचे में उन्होंने किचिन गार्डन भी तैयार कर लिया है। उनका कहना है कि अपने परिचितों को तोहफा न देकर एक पौधा देता हूं। उन्होंने मोर, कबूतर, काकाटिल, लव बर्ड भी पाल रखी हैं, जो उनके इस बगीचे की शान को बढ़ाती हैं।
विज्ञापन

जन्मदिन पर बांटते हैं कपड़े के थैले
कमल सिंह कॉलोनी के लवी अब्राहम को पॉलिथीन से नफरत है। वे अपने जन्मदिन पर कपड़े के थैले बांटते हैं। वे बताते हैं कि जब पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा तो उनको इसके दुष्प्रभाव समझ आए। इसके बाद उन्होंने घर पर ही कपड़े के थैले बनाना शुरू किया। वे बाजार में कुछ खरीदने जाते हैं तो दुकानदार को थैला देकर आते हैं। अपने और बच्चों के जन्मदिन पर चॉकलेट नहीं बल्कि स्वयं से बनाए कपडे़ के थैले बांटते हैं। उन्होंने अपने रिश्तेदारों को कपड़े के थैले दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

58 साल में लगाए 110 पौधे
एक रेलवे कर्मचारी ने पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल की है। कर्मचारी दीपक राय ने हर साल दो पौधे लगाने का संकल्प लिया है। अपनी 58 साल की उम्र में उन्होंने लगभग 110 पौधे लगाए हैं। साथ ही उनकी देखभाल भी करते हैं। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में खाली पड़ी जमीन पर उन्होंने कई प्रकार के फलो के पौधे लगाए। वे बताते हैं कि कार्यालय के पीछे ऊबड़-खाबड़ पड़ी जमीन को सहयोगियों जगदीश, राहुल, आकाश और ज्योति की मदद से हरा-भरा किया। वे कहते हैं कि कोरोना काल में हमने ऑक्सीजन की कमी से हो रही समस्याओं को देखा है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण आवश्यक है।

---------------
सकारात्मक सोच से करें काम
पर्यावरण विभाग के प्राध्यापक विनीत कुमार का कहना है कि पेड़-पौधों के कटने से जलवायु में परिवर्तन आया है। अब समय है अपनी दूरदर्शी और सकारात्मक सोच के साथ पर्यावरण बचाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed