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शहर को ‘स्मार्ट’ बनाने में खर्च होंगे 18.68 अरब
Jhansi
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:48 AM IST
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smart city
- फोटो : demo
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महानगर को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए कंपनी फाइनल हो गई है। मुंबई की ‘स्टूप’ कंपनी वोयांट्स और थ्रीआई इंफोटेक कंपनी के साथ मिलकर काम करेगी। कंपनी ने जो डीपीआर बनाई है, उसके हिसाब से 18 अरब 68 करोड़ 31 लाख रुपये से स्मार्ट सिटी का विकास होगा। पैसा पांच साल में खर्च होगा। पेन सिटी में बिजली, ट्रैफिक, पेयजल, टेलीफोन समेत अन्य सुविधाओं के लिए एक ही कार्यालय काम करेगा।
पेन सिटी डेवलेपमेंट के अंतर्गत सेंट्रल कमांड सेंटर एंड सिटीजन डेशबोर्ड बनेगा, जिसमें सभी विभाग एक ही कंट्रोलिंग पावर के अधीन हो जाएंगे। यह सिस्टम सेटेलाइट से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से देखा जा सकेगा कि किस वार्ड की किस सड़क पर जाम लगा है, किस वार्ड की कौन सी गली मेें पानी नहीं पहुंच रहा है, कहां पर स्ट्रीट लाइट खराब है। अरबन वाटर सप्लाई एंड रिसोर्स मैनेजमेंट के माध्यम से पूरे शहर में पानी की सप्लाई का कमांड होगा। इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से सिटी बस चलाने के साथ- साथ ट्रैफिक कंट्रोल होगा, जिससे जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। पेन सिटी प्रोजेक्ट पर चार अरब 60 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च होंगे।
15 अलग-अलग क्षेत्रों में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के काम कराए जाएंगे। पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए टूरिज्म एंड हेरीटेज, ट्रांसपोर्टेशन एंड मोबिलिटी, पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम, सफाई के लिए सेनीटेशन सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट को सक्रिय किया जाएगा, बिजली की बचत के साथ- साथ 24 घंटे आपूर्ति मिले इस पर काम होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य, सभी गरीबों के लिए पक्के मकान बनेंगे, नगरवासियों के आर्थिक स्तर का आकलन होगा, गंदा पानी और सीवर से निकलने वाले पानी को रीसाइकिल कर उसे सिंचाई के लिए उपयोगी बनाया जाएगा तथा पानी का दुरुपयोग न हो, इस पर भी काम होगा। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट पर 14 अरब 07 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च होंगे।
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इनसेट
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पहले चरण में इन वार्डों में होगा काम
स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पहले चरण में मसीहा गंज, तालपुरा प्रथम, खुशीपुरा प्रथम, तालपुरा द्वितीय, सिविल लाइन दक्षिणी भाग प्रथम, सिविल लाइन दक्षिणी भाग द्वितीय, डड़ियापुरा द्वितीय, खंडेराव गेट बाहर, सिविल लाइन पश्चिमी भाग, सिविल लाइन उत्तरी भाग, आजाद गंज, सीपी मिशन कंपाउंड और नानकगंज समेत 13 वार्डों में पेयजल आपूर्ति, बिजली, सफाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए काम होगा, ताकि 24 घंटे यहां के निवासियों को पानी और बिजली मिले। सफाई बेहतर रहे, सभी को स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा मिले। इन वार्डों का क्षेत्रफल 1,527 एकड़ है।
दो चरणों में पूरा होगा काम
मुंबई की स्टूप मुख्य कंपनी है। वोयांट्स कंपनी इनफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए काम करेगी और थ्रीआई इंफोटेक कंपनी साफ्टवेयर से संबंधित काम करेगी। दो चरणों, पेन सिटी और एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के अंतर्गत काम होगा।
- एके शर्मा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
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पेन सिटी डेवलेपमेंट के अंतर्गत सेंट्रल कमांड सेंटर एंड सिटीजन डेशबोर्ड बनेगा, जिसमें सभी विभाग एक ही कंट्रोलिंग पावर के अधीन हो जाएंगे। यह सिस्टम सेटेलाइट से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से देखा जा सकेगा कि किस वार्ड की किस सड़क पर जाम लगा है, किस वार्ड की कौन सी गली मेें पानी नहीं पहुंच रहा है, कहां पर स्ट्रीट लाइट खराब है। अरबन वाटर सप्लाई एंड रिसोर्स मैनेजमेंट के माध्यम से पूरे शहर में पानी की सप्लाई का कमांड होगा। इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से सिटी बस चलाने के साथ- साथ ट्रैफिक कंट्रोल होगा, जिससे जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। पेन सिटी प्रोजेक्ट पर चार अरब 60 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च होंगे।
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15 अलग-अलग क्षेत्रों में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के काम कराए जाएंगे। पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए टूरिज्म एंड हेरीटेज, ट्रांसपोर्टेशन एंड मोबिलिटी, पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम, सफाई के लिए सेनीटेशन सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट को सक्रिय किया जाएगा, बिजली की बचत के साथ- साथ 24 घंटे आपूर्ति मिले इस पर काम होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य, सभी गरीबों के लिए पक्के मकान बनेंगे, नगरवासियों के आर्थिक स्तर का आकलन होगा, गंदा पानी और सीवर से निकलने वाले पानी को रीसाइकिल कर उसे सिंचाई के लिए उपयोगी बनाया जाएगा तथा पानी का दुरुपयोग न हो, इस पर भी काम होगा। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट पर 14 अरब 07 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च होंगे।
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पहले चरण में इन वार्डों में होगा काम
स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पहले चरण में मसीहा गंज, तालपुरा प्रथम, खुशीपुरा प्रथम, तालपुरा द्वितीय, सिविल लाइन दक्षिणी भाग प्रथम, सिविल लाइन दक्षिणी भाग द्वितीय, डड़ियापुरा द्वितीय, खंडेराव गेट बाहर, सिविल लाइन पश्चिमी भाग, सिविल लाइन उत्तरी भाग, आजाद गंज, सीपी मिशन कंपाउंड और नानकगंज समेत 13 वार्डों में पेयजल आपूर्ति, बिजली, सफाई, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए काम होगा, ताकि 24 घंटे यहां के निवासियों को पानी और बिजली मिले। सफाई बेहतर रहे, सभी को स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा मिले। इन वार्डों का क्षेत्रफल 1,527 एकड़ है।
दो चरणों में पूरा होगा काम
मुंबई की स्टूप मुख्य कंपनी है। वोयांट्स कंपनी इनफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए काम करेगी और थ्रीआई इंफोटेक कंपनी साफ्टवेयर से संबंधित काम करेगी। दो चरणों, पेन सिटी और एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के अंतर्गत काम होगा।
- एके शर्मा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम