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शहर की चंद सड़कों तक सिमटी स्मार्ट सिटी, गलियों में फैली रहती गंदगी

Fri, 17 Dec 2021 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:21 AM IST
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Smart city confined to a few streets of the city, the dirt spreading in the streets
झांसी। महाराष्ट्र समाज का गणेश मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि झांसी की महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहर भी है। यहां रानी लक्ष्मीबाई का राजा गंगाधर राव से विवाह हुआ था। बावजूद, मंदिर के इर्दगिर्द गंदगी जमा रहती है। मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में अतिक्रमण भी लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के इस महत्वपूर्ण हिस्से को भी स्मार्ट बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। यह कहना बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला संवाद’ में आए महाराष्ट्र समाज के लोगों का रहा। इसके अलावा उन्होंने अन्य समस्याएं भी उठाईं और सुझाव भी दिए।
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ग्वालियर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में महाराष्ट्र समाज के प्रबुद्ध जनों ने कहा कि स्मार्ट सिटी की चमक महानगर की चंद सड़कों पर ही नजर आ रही है। गलियों में इसकी भनक तक नहीं है। सड़कों की तो कभी कभार सफाई हो ही जाती है, परंतु नालियों का कचरा सालों साफ नहीं किया जाता है। कारें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पार्किंग का कोई प्रबंध नहीं है। स्पीड ब्रेकर इतने ऊंचे बने हैं कि बोन ब्रेकर साबित हो रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि विकास की परियोजनाएं बनाने में आम जनमानस की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या बढ़ी हुई जनसंख्या है, इस पर नियंत्रण के सरकार को प्रभावी उपाय करने चाहिए। रोजगार के अवसर पुणे, नोएडा, बंगलुरू जैसे शहरों तक सिमट कर रह गए हैं। छोटे शहरों के युवा बेरोजगार मजबूरी में पलायन को विवश हैं। हालात ये हैं कि कई परिवारों में तो केवल वृद्ध ही बचे हैं।
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शहर के भीतरी हिस्सों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नालियों की तो महीनों सफाई नहीं होती है। नालियों से निकाला जाने वाला कचरा कई-कई दिनों तक सड़कों पर पड़ा रहता है।
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- रेखा गोठनकर, अध्यक्ष - लक्ष्मी महिला समाज
झारखड़िया मुहल्ले में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। स्थिति ये है कि बाहर से मेहमानों के आने पर शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। शहर के अंदरूनी हिस्सों का बेहतर रिहायशी माहौल बनाया जाए।
- ऊषा खानवलकर, प्रबंधक - मनुबाई छबीली बालक मंदिर
लोकमान्य तिलक स्कूल बालिकाओं का बड़ा शिक्षण संस्थान है। बावजूद, स्कूल के आसपास भारी गंदगी जमा है। इस क्षेत्र की साफ - सफाई पर कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- उत्तरा खेर, सचिव - लक्ष्मी महिला समाज
अतिक्रमण की वजह से नरिया बाजार में चलना तो दूर, खड़े होने तक की जगह नहीं है। अतिक्रमण और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था न होने की वजह से सभी बाजारों का यही हाल है।
- सुनीता देवधर
स्मार्ट सिटी के तहत पूरे महानगर को स्मार्ट बनाया जाना चाहिए। कुछ एक हिस्सों तक ही विकास सिमट कर नहीं रहना चाहिए। सभी इलाकों की जन सहूलियतें बढ़ाई जानी चाहिए।
- राघव इंदापुरकर
झांसी में रोजगार के इंतजाम नहीं हैं। मजबूरी में यहां के युवा देश के महानगरों की ओर रुख कर रहे हैं। हालात ये हैं कि महाराष्ट्र समाज के कई परिवारों में तो केवल यहां बुजुर्ग ही बचे हैं।
- मिलिंद देसाई, कोषाध्यक्ष - गणेश मंदिर कमेटी
डोर टू डोर कचरा उठान की व्यवस्था मनमाने ढंग से चल रही है। कभी गाड़ी आती है और कभी नहीं। गाड़ी के आने का समय भी निर्धारित नहीं है। अक्सर दोपहर बाद गाड़ी आती है।
- अनिल करंदीकर
शहर के विकास के लिए बनने वाली योजनाओं में स्थानीय लोगों की राय भी शामिल की जानी चाहिए। लोगों की जरूरत के मुताबिक काम होने चाहिए। इससे कम बजट में बेहतर कार्य होंगे।
- सुबोध भागवत
विभागों के बीच आपसी तालमेल का अभाव है। एक विभाग सड़क बनाता है, दूसरा पाइप या केबिल बिछाने के लिए खोद देता है। इससे शहर के तमाम हिस्से खुर्दबुर्द पड़े हुए हैं।
- राहुल खांडेकर, सचिव - महाराष्ट्र समाज
रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं। पहले समाज की संस्थाओं में समाज के लोगों को रोजगार मिल जाते थे, लेकिन अब ये अधिकार भी छीन लिए गए हैं।
- उज्ज्वल देवधर, सह सचिव - महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी
वार्ड नंबर 56 की दशा सबसे ज्यादा खराब है। वार्ड से बाहर निकलने के भी मशक्कत करनी पड़ जाती है। कहीं सड़क खुदी पड़ी है, तो कहीं गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
- संजय तलवलकर
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देश का विकास कुछ महानगरों तक सिमट कर रहा गया है। झांसी जैसे शहरों में रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं। छोटे शहरों से युवाओं को पलायन न करना पड़े, ऐसे इंतजाम होने चाहिए।
- राकेश पाठक, प्रबंधक - एलएमटी इंटर कॉलेज
देश में अंगदान की पॉलिसी बनाई जानी चाहिए, ताकि जरूरतमंदों को ये हर समय मिल सकें। इसके अलावा निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए पेंशन की पॉलिसी लानी चाहिए।
- भास्कर रामचंद्र टेंगशे, उप प्रबंधक एलएमटी इंटर कॉलेज
देश की ज्यादातर समस्याओं के लिए जिम्मेदार तेजी से बढ़ती जनसंख्या है। सरकार को इसके नियंत्रण के प्रभावी उपाय करने चाहिए। इससे देश के विकास को भी गति मिलेगी।

- अविनाश अनवेकर
मानक के विपरीत स्पीड ब्रेकर बना दिए जाते हैं, ये बोन ब्रेकर साबित होते हैं। इसके अलावा चौराहों पर सिग्नल लाइट लगने के बाद भी यातायात व्यवस्था कोई खास सुधार नहीं आया है।
- रजनी आगवेकर, पूर्व प्रधानाचार्य - एलएमटी इंटर कॉलेज
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