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दो साल में बनाएंगे छह पार्क
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:07 AM IST
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पार्क
- फोटो : demo
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अटल नवीनीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत) के अंतर्गत शहर में दो साल के भीतर छह पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उन्हीं ठेकेदारों को सौंपी जाएगी, जो इन्हें विकसित करेंगे।
लहरगिर्द में गैस गोदाम के पास 12140 वर्ग मीटर में पार्क बनेगा। इस पर 2.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां फुटपाथ, फव्वारा, लाइटिंग और हरी घास लगाई जाएगी। आधा पैसा केंद्र और आधा पैसा राज्य सरकार देगी। इसी तरह गरिया गांव में 4,200 वर्ग मीटर में पार्क बनाया जाएगा। इस पर 2.8 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह सिविल लाइन स्थित किला रोड पर डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क का भी कायाकल्प किया जाएगा। इस पर 3.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दस दिन पहले पार्कों के टेंडर निकाले गए थे, लेकिन बाद में इन्हें निरस्त कर दिया गया। नई गाइड लाइन के तहत ठेका उसी को दिया जाएगा, जो पार्कों का रखरखाव भी करेगा। अब फिर से पार्कों के टेंडर निकाले गए हैं।
रखरखाव पर भी निर्माण जितना खर्च
तीन पार्कों के निर्माण में लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च आएगा। लगभग इतना ही खर्च रखरखाव में आएगा।
लक्ष्य तय
सबसे पहले लहरगिर्द पार्क, गरियागांव पार्क और डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क का निर्माण और कायाकल्प होगा। इसके बाद रघुनाथ राव महल और सूजे खां खिड़की स्थित पार्क को विकसित किया जाएगा। अगले साल नई तहसील के सामने खाली पड़ी जमीन पर करीब 1.83 करोड़ रुपये की लागत से पार्क बनाया जाएगा।
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इस पार्क पर ध्यान क्यों नहीं?
मसीहागंज में मान्यवर कांशीराम पार्क बदहाल है। देखरेख के अभाव में पार्क की स्थिति बहुत खराब हो गई है। लाइटें चोरी हो गईं और स्टील के पिलर भी गायब हैं। फव्वारा अरसे से बंद है। पार्क में अंधेरा रहता है।
सिक्योरिटी मनी जमा रहेगी
अमृत योजना के अंतर्गत तीन पार्क बनाए जा रहे हैं। पार्कों का ठेका लेने वाले ठेकेदारों की सिक्योरिटी मनी पांच साल तक जमा रहेगी। हर साल मेंटीनेंस के बाद बराबर किस्तों में पैसा रिलीज किया जाएगा।
- एके शर्मा
अधिशासी अभियंता
दुरुस्त होगा पार्क
चार- पांच पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मान्यवर कांशीराम पार्क के मेंटीनेंस पर ध्यान दें। जल्द ही पार्क दुरुस्त नहीं होता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को चिट्ठी लिखेंगे।
- किरन वर्मा
महापौर
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लहरगिर्द में गैस गोदाम के पास 12140 वर्ग मीटर में पार्क बनेगा। इस पर 2.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां फुटपाथ, फव्वारा, लाइटिंग और हरी घास लगाई जाएगी। आधा पैसा केंद्र और आधा पैसा राज्य सरकार देगी। इसी तरह गरिया गांव में 4,200 वर्ग मीटर में पार्क बनाया जाएगा। इस पर 2.8 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह सिविल लाइन स्थित किला रोड पर डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क का भी कायाकल्प किया जाएगा। इस पर 3.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दस दिन पहले पार्कों के टेंडर निकाले गए थे, लेकिन बाद में इन्हें निरस्त कर दिया गया। नई गाइड लाइन के तहत ठेका उसी को दिया जाएगा, जो पार्कों का रखरखाव भी करेगा। अब फिर से पार्कों के टेंडर निकाले गए हैं।
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रखरखाव पर भी निर्माण जितना खर्च
तीन पार्कों के निर्माण में लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च आएगा। लगभग इतना ही खर्च रखरखाव में आएगा।
लक्ष्य तय
सबसे पहले लहरगिर्द पार्क, गरियागांव पार्क और डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क का निर्माण और कायाकल्प होगा। इसके बाद रघुनाथ राव महल और सूजे खां खिड़की स्थित पार्क को विकसित किया जाएगा। अगले साल नई तहसील के सामने खाली पड़ी जमीन पर करीब 1.83 करोड़ रुपये की लागत से पार्क बनाया जाएगा।
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इस पार्क पर ध्यान क्यों नहीं?
मसीहागंज में मान्यवर कांशीराम पार्क बदहाल है। देखरेख के अभाव में पार्क की स्थिति बहुत खराब हो गई है। लाइटें चोरी हो गईं और स्टील के पिलर भी गायब हैं। फव्वारा अरसे से बंद है। पार्क में अंधेरा रहता है।
सिक्योरिटी मनी जमा रहेगी
अमृत योजना के अंतर्गत तीन पार्क बनाए जा रहे हैं। पार्कों का ठेका लेने वाले ठेकेदारों की सिक्योरिटी मनी पांच साल तक जमा रहेगी। हर साल मेंटीनेंस के बाद बराबर किस्तों में पैसा रिलीज किया जाएगा।
- एके शर्मा
अधिशासी अभियंता
दुरुस्त होगा पार्क
चार- पांच पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मान्यवर कांशीराम पार्क के मेंटीनेंस पर ध्यान दें। जल्द ही पार्क दुरुस्त नहीं होता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को चिट्ठी लिखेंगे।
- किरन वर्मा
महापौर