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Jhansi News: छह फर्जी फर्मों ने लगाया 13 करोड़ का चूना
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बोगस फर्माें के नाम पर टैक्स चोरी का बड़ा खेल चल रहा है। सीजीएसटी में पंजीकृत छह फर्माें ने न केवल फर्जीवाड़ा किया, बल्कि 13 करोड़ की टैक्स चोरी भी की। एसजीएसटी की जांच में पकड़े गए मामले में कार्रवाई के लिए सीजीएसटी को पत्र लिखा गया है। साथ ही इन फर्माें ने जिनके साथ कारोबार किया, उनकी भी कुंडली खंगाली जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
कारोबारी बोगस कंपनियों के नाम पर व्यापार कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर फर्जी आईटीसी क्लेम भी लिए जा रहे हैं। संदेह के घेरे में आने पर एसजीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर पुनीत अग्निहोत्री ने इसकी जांच की तो छह फर्में पकड़ में आईं। इन फर्माें की खरीद शून्य थी, लेकिन इनके द्वारा ई-वे बिलों को बम्पर तरीके से डाउनलोड किया जा रहा था। बगैर खरीद के माल की सप्लाई लगातार दिखाई जा रही थी। गहराई से जांच हुई तो ये बोगस निकलीं। चूंकि ये सभी छह फर्म सीजीएसटी में पंजीकृत थीं, जिसके चलते डिप्टी कमिश्नर ने पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। जांच में पाया गया कि उक्त फर्माें ने कई अन्य फर्माें को माल बेचना दिखाया है। ऐसे में उन फर्माें की भी जांच कराई जा रही है।
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बॉक्स में -
ये हैं बोगस फर्म
फर्म टैक्स चोरी
राहुल इंटरप्राइजेज 3.94 करोड़
शिव इंडस्ट्रीज 3.56 करोड़
खाटू श्याम 2.88 करोड़
राहुल इंटरप्राइजेज 2.05 करोड़
एजे इंडस्ट्रीज 1.00 करोड़
श्याम ट्रेडर्स 30.26 लाख
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बॉक्स में -
केंद्रीय व राज्य कर विभाग मिलकर कर रहे काम
- जीएसटी नंबर ले चुकी फर्म और डीलर के भौतिक सत्यापन का काम केंद्रीय कर और राज्य कर विभाग के अधिकारियों की टीमें संयुक्त रूप से कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस मुहिम का मूल उद्देश्य फर्जी तरीके से लिए जा रहे इनपुट टैक्स क्रेडिट को रोकना और बोगस फर्म पूरी तरह खत्म करना है, जिससे वास्तविक व्यापार करने वाले ही जीएसटी में रह सकें।
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वर्जन -
- सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत छह फर्म जो बगैर खरीद के माल की सप्लाई कर रही थीं, उनके द्वारा ई-वे बिल को भी बड़ी संख्या में डाउनलोड किया जा रहा था। संदेह होने पर जांच की गई तो ये बोगस निकलीं। इन फर्माें के जीएसटी पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई के साथ उन फर्माें पर भी कार्रवाई की जा रही है, जिन्हें इनके द्वारा माल बेचना दिखाया गया है।
- पुनीत अग्निहोत्री, डिप्टी कमिश्नर एसआईबी
सीजीएसटी, झांसी।