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मोदी सरकार में आपातकाल जैसी स्थिति: प्रदीप जैन
ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2015 01:18 AM IST
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झांसी। कांग्रेसियों ने 31 अक्तूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस व लौह पुरष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकाले जाने वाले शांति मार्च को लेकर जनसंपर्क किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन व शहर कांग्रेस अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन समेत कांग्रेसियों ने सिंधी चौराहा, मानिक चौक, रानी महल, बड़ाबाजार, मिनर्वा चौराहा व गोविंद चौराहा पर लोगों को पर्चे बांटे।
इस मौके पर प्रदीप जैन ने कहा कि मोदी सरकार के 18 माह के शासन में देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। देश के बौद्धिक वर्ग लेखक, साहित्यकार, वैज्ञानिक व फिल्मकार केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पुरस्कार लौटा रहे हैं। कहा कि कें द्र व प्रदेश सरकार सांप्रदायिक ताकतों को रोकने में विफल रही है।
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इस दौरान राजेंद्र राजा, अरविंद वशिष्ठ, देवी सिंह कुशवाहा, अफजाल हुसैन, भरत राय, अमीर चंद्र आर्य, मनीराम कुशवाहा, अनिल रिछारिया, जगमोहन मिश्रा, राजेेंद्र विद्यार्थी, राकेश अमरया, मुकुट बिहारी, मेवालाल, रशीद, ज्ञान वाल्मीकि, संदीप भटनागर व दयाल दास आदि शमिल रहे।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन व शहर कांग्रेस अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन समेत कांग्रेसियों ने सिंधी चौराहा, मानिक चौक, रानी महल, बड़ाबाजार, मिनर्वा चौराहा व गोविंद चौराहा पर लोगों को पर्चे बांटे।
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इस मौके पर प्रदीप जैन ने कहा कि मोदी सरकार के 18 माह के शासन में देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। देश के बौद्धिक वर्ग लेखक, साहित्यकार, वैज्ञानिक व फिल्मकार केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पुरस्कार लौटा रहे हैं। कहा कि कें द्र व प्रदेश सरकार सांप्रदायिक ताकतों को रोकने में विफल रही है।
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इस दौरान राजेंद्र राजा, अरविंद वशिष्ठ, देवी सिंह कुशवाहा, अफजाल हुसैन, भरत राय, अमीर चंद्र आर्य, मनीराम कुशवाहा, अनिल रिछारिया, जगमोहन मिश्रा, राजेेंद्र विद्यार्थी, राकेश अमरया, मुकुट बिहारी, मेवालाल, रशीद, ज्ञान वाल्मीकि, संदीप भटनागर व दयाल दास आदि शमिल रहे।