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थोक कपड़ा बाजार में सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:45 AM IST
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dhrna, jhansi news
- फोटो : amar ujala
झांसी।
जीएसटी और सूरत में कपड़ा व्यापारियों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में व्यापारियों के प्रदर्शन के चलते कपड़ा बाजार में सन्नाटा रहा। मालिनों का चौराहा समेत मुख्य बाजारों में प्रतिष्ठान बंद रहे। वित्त मंत्री अरुण जेटली की बुद्धि-शुद्धि के लिए आज व्यापारी हवन-पूजन करेंगे।
शनिवार को थोक कपड़ा व्यापारियों ने कपड़े को जीएसटी से मुक्त रखने के लिए मालिन चौराहे पर नारेबाजी की। विरोध में महानगर के करीब 125 थोक कपड़ा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इससे मालिनों का चौराहा के पास गली, मानिक चौक और आसपास के बाजार में सन्नाटा रहा। झांसी थोक वस्त्र व्यापार मंडल ने आठ जुलाई से 96 घंटे बंद का आह्वान किया है।
इसके तहत नौ जुलाई को शाम तीन बजे से छह बजे तक मालिनों का चौराहा पर वित्तमंत्री अरुण जेटली की बुद्धि-शुद्धि के लिए सुंदर कांड, हवन और प्रसाद वितरण करेंगे।
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प्रदर्शन में थोक कपड़ा व्यापार मंडल के सचिव संजय सेठ, महेेंद्र मर, महेंद्र अग्रवाल, नरेंद्र गुप्ता, राकेश सरावगी, विनीत अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, रवींद्र सिंघल, राजेश सिंधी, संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, अशोक सिंघल, राजेंद्र पटवारी, अमरनाथ दुबे, अनिल पटवारी, पंकज अग्रवाल, सुधीर सेठ, राजीव गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, अलंकार जैन, प्रीतम आदि शामिल रहे।
कफन पर भी लग रहा टैक्स
मुस्लिमों को कफन के लिए 18 मीटर और हिंदुओं को छह मीटर कपड़े की आवश्यकता पड़ती है। जीएसटी में तो कफन के कपड़े पर भी टैक्स का प्रावधान किया है। यह काम अभी तक किसी सरकार ने नहीं किया।
- राजेंद्र पटवारी, थोक कपड़ा व्यापारी।
दुष्परिणाम सामने आएंगे
देश से अगर जीएसटी नहीं हटता है तो इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। इस व्यापार से हजारों परिवार जुड़े हैं, जिसका सीधा असर उन पर पड़ेगा। हम किसी भी हालत में जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराएंगे।
- ताहिर खान, थोक कपड़ा व्यापारी।
बर्बाद हो जाएगा व्यापारी
उधारी पर चलने वाले कपड़े के व्यापार पर टैक्स लगने से व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। जबकि, जीएसटी में व्यापारी को समय पर टैक्स भरना है। सरकार कपड़ा व्यापारियों की इस परेशानी को समझ नहीं रही है। इसके विरोध में पूरे देश में कपड़ा व्यापारी सड़क पर उतर आया है।
- ओम प्रकाश मर, थोक कपड़ा व्यापारी।
बगैर सूचना के थोपा जा रहा टैक्स
आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया और बगैर किसी पूर्व सूचना के यह थोपा जा रहा है। सरकार को चाहिए कि यार्न (धागा) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी की जगह जीएसटी लगा दिया जाए।
- अशोक सिंघल, थोक कपड़ा व्यापारी।
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जीएसटी और सूरत में कपड़ा व्यापारियों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में व्यापारियों के प्रदर्शन के चलते कपड़ा बाजार में सन्नाटा रहा। मालिनों का चौराहा समेत मुख्य बाजारों में प्रतिष्ठान बंद रहे। वित्त मंत्री अरुण जेटली की बुद्धि-शुद्धि के लिए आज व्यापारी हवन-पूजन करेंगे।
शनिवार को थोक कपड़ा व्यापारियों ने कपड़े को जीएसटी से मुक्त रखने के लिए मालिन चौराहे पर नारेबाजी की। विरोध में महानगर के करीब 125 थोक कपड़ा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इससे मालिनों का चौराहा के पास गली, मानिक चौक और आसपास के बाजार में सन्नाटा रहा। झांसी थोक वस्त्र व्यापार मंडल ने आठ जुलाई से 96 घंटे बंद का आह्वान किया है।
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इसके तहत नौ जुलाई को शाम तीन बजे से छह बजे तक मालिनों का चौराहा पर वित्तमंत्री अरुण जेटली की बुद्धि-शुद्धि के लिए सुंदर कांड, हवन और प्रसाद वितरण करेंगे।
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प्रदर्शन में थोक कपड़ा व्यापार मंडल के सचिव संजय सेठ, महेेंद्र मर, महेंद्र अग्रवाल, नरेंद्र गुप्ता, राकेश सरावगी, विनीत अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, रवींद्र सिंघल, राजेश सिंधी, संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, अशोक सिंघल, राजेंद्र पटवारी, अमरनाथ दुबे, अनिल पटवारी, पंकज अग्रवाल, सुधीर सेठ, राजीव गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, अलंकार जैन, प्रीतम आदि शामिल रहे।
कफन पर भी लग रहा टैक्स
मुस्लिमों को कफन के लिए 18 मीटर और हिंदुओं को छह मीटर कपड़े की आवश्यकता पड़ती है। जीएसटी में तो कफन के कपड़े पर भी टैक्स का प्रावधान किया है। यह काम अभी तक किसी सरकार ने नहीं किया।
- राजेंद्र पटवारी, थोक कपड़ा व्यापारी।
दुष्परिणाम सामने आएंगे
देश से अगर जीएसटी नहीं हटता है तो इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। इस व्यापार से हजारों परिवार जुड़े हैं, जिसका सीधा असर उन पर पड़ेगा। हम किसी भी हालत में जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराएंगे।
- ताहिर खान, थोक कपड़ा व्यापारी।
बर्बाद हो जाएगा व्यापारी
उधारी पर चलने वाले कपड़े के व्यापार पर टैक्स लगने से व्यापारी बर्बाद हो जाएगा। जबकि, जीएसटी में व्यापारी को समय पर टैक्स भरना है। सरकार कपड़ा व्यापारियों की इस परेशानी को समझ नहीं रही है। इसके विरोध में पूरे देश में कपड़ा व्यापारी सड़क पर उतर आया है।
- ओम प्रकाश मर, थोक कपड़ा व्यापारी।
बगैर सूचना के थोपा जा रहा टैक्स
आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने कभी कपड़े पर टैक्स नहीं लगाया और बगैर किसी पूर्व सूचना के यह थोपा जा रहा है। सरकार को चाहिए कि यार्न (धागा) पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी की जगह जीएसटी लगा दिया जाए।
- अशोक सिंघल, थोक कपड़ा व्यापारी।