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काम दिखाओ, पैसा पाओ
ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2016 12:35 AM IST
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झांसी। प्लास्टिक कचरा निस्तारित कर उससे लंबर व अन्य सामान बनाने के लिए प्लांट लगाने का काम मार्च 2016 तक पूरा होता नहीं दिख रहा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने नगर निगम से कहा है कि प्लास्टिक वेस्ट को मैनेज करने के लिए अपना काम दिखाओ उसके बाद पैसा जारी किया जाएगा। नगर निगम ने मंत्रालय के अधिकारियों का निरीक्षण कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
शहर से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को नगर निगम अलग से एकत्र कर रहा है। इस प्लास्टिक कचरे को उपयोग में लाने के लिए नगर निगम बिजौली में प्लांट लगा रहा है, इसमें लंबर (फर्नीचर बनाने की सीट) एवं अन्य सामान बनाया जाएगा।
15 करोड़ रुपये के पूरे प्रोजेक्ट में नगर निगम तीन करोड़ रुपये खर्च करेगा, जबकि 12 करोड़ रुपये केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्वीकृत कर दिए हैं। नगर निगम को पैसा जारी करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने काम का निरीक्षण कराने को कहा है।
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मंत्रालय के अधिकारियों का निरीक्षण कराने के लिए नगर निगम ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। घर-घर से प्लास्टिक कचरा कलेक्ट करने वाले रैगपिकर्स से प्लास्टिक खरीदने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाने का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
दिल्ली की जैन हाइड्रोलिक कंपनी कलेक्शन सेंटर के लिए पोटा केबिन बनाने का काम करेगी। कंपनी के इंजीनियर अजय जैन, नगर निगम के जेई एसके ओझा, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के समन्वयक राकेश सोलंकी ने चयनित सभी तीस स्थानों का सर्वे किया। साथ ही बिजौली में बनने वाले प्लांट में मशीनें लगाने के लिए नक्शा बनाने का काम भी कंपनी ने शुरू कर दिया है।
पूर्व में नगर निगम ने मार्च 2016 तक प्लांट शुरू करने का दावा किया था, लेकिन जिस गति से काम हो रहा है उस हिसाब से मार्च तक काम पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। प्लांट के लिए भवन बनाने का स्टीमेट ही नहीं बना है।
प्लांट का काम तेज गति से कराया जा रहा है। जेई को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टीमेट बनते ही टेंडर जारी करके काम शुरू करा दिया जाएगा।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त, नगर निगम झांसी।
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शहर से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को नगर निगम अलग से एकत्र कर रहा है। इस प्लास्टिक कचरे को उपयोग में लाने के लिए नगर निगम बिजौली में प्लांट लगा रहा है, इसमें लंबर (फर्नीचर बनाने की सीट) एवं अन्य सामान बनाया जाएगा।
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15 करोड़ रुपये के पूरे प्रोजेक्ट में नगर निगम तीन करोड़ रुपये खर्च करेगा, जबकि 12 करोड़ रुपये केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्वीकृत कर दिए हैं। नगर निगम को पैसा जारी करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने काम का निरीक्षण कराने को कहा है।
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मंत्रालय के अधिकारियों का निरीक्षण कराने के लिए नगर निगम ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। घर-घर से प्लास्टिक कचरा कलेक्ट करने वाले रैगपिकर्स से प्लास्टिक खरीदने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाने का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
दिल्ली की जैन हाइड्रोलिक कंपनी कलेक्शन सेंटर के लिए पोटा केबिन बनाने का काम करेगी। कंपनी के इंजीनियर अजय जैन, नगर निगम के जेई एसके ओझा, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के समन्वयक राकेश सोलंकी ने चयनित सभी तीस स्थानों का सर्वे किया। साथ ही बिजौली में बनने वाले प्लांट में मशीनें लगाने के लिए नक्शा बनाने का काम भी कंपनी ने शुरू कर दिया है।
पूर्व में नगर निगम ने मार्च 2016 तक प्लांट शुरू करने का दावा किया था, लेकिन जिस गति से काम हो रहा है उस हिसाब से मार्च तक काम पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। प्लांट के लिए भवन बनाने का स्टीमेट ही नहीं बना है।
प्लांट का काम तेज गति से कराया जा रहा है। जेई को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टीमेट बनते ही टेंडर जारी करके काम शुरू करा दिया जाएगा।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त, नगर निगम झांसी।