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Jhansi News: दुकानें खाली कराने की बात से दुकानदारों की बढ़ी परेशानी, बोले- अचानक कारोबार समेटना आसान नहीं
Thu, 03 Sep 2026 02:08 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:08 AM IST
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गुरसराय। नगर की सब्जी मंडी में निजी भूमि पर अस्थायी रूप से किराए पर संचालित दुकानों को खाली कराने की बात सामने आने के बाद दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। वर्षों से इसी कारोबार के सहारे परिवार का भरण-पोषण कर रहे दुकानदारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की चिंता सताने लगी है।
दुकानदारों का कहना है कि दुकानें भले ही निजी भूमि पर अस्थायी रूप से किराए पर संचालित हैं, लेकिन उनका कारोबार यहीं जम चुका है। दुकान में रखा सामान, तराजू, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामग्री को अचानक समेटकर दूसरी जगह ले जाना उनके लिए आसान नहीं है। वहीं, नई जगह दुकान लगाने के लिए दोबारा खर्च करना पड़ेगा ।
दुकानदारों का कहना है कि दुकान खाली कराने से पहले उन्हें पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपना सामान हटा सकें और कारोबार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। उनका कहना है कि अचानक दुकानें बंद होने से केवल उनका कारोबार ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो सकता है।
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‘एकाएक दुकान बंद हुई तो परिवार कैसे चलेगा’
दुकानदारों का कहना है कि उनका कारोबार रोज की बिक्री पर निर्भर है। सब्जी और अन्य सामान का व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों के लिए एक-दो दिन भी कारोबार बंद रहना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे में उनका कहना है कि उनकी मजबूरी को समझते हुए उन्हें पर्याप्त मोहलत दी जाए, जिससे उनके सामने अचानक रोजी-रोटी का संकट न खड़ा हो।
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दुकानदारों का कहना है कि दुकानें भले ही निजी भूमि पर अस्थायी रूप से किराए पर संचालित हैं, लेकिन उनका कारोबार यहीं जम चुका है। दुकान में रखा सामान, तराजू, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामग्री को अचानक समेटकर दूसरी जगह ले जाना उनके लिए आसान नहीं है। वहीं, नई जगह दुकान लगाने के लिए दोबारा खर्च करना पड़ेगा ।
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दुकानदारों का कहना है कि दुकान खाली कराने से पहले उन्हें पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपना सामान हटा सकें और कारोबार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। उनका कहना है कि अचानक दुकानें बंद होने से केवल उनका कारोबार ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो सकता है।
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दुकानदारों का कहना है कि उनका कारोबार रोज की बिक्री पर निर्भर है। सब्जी और अन्य सामान का व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों के लिए एक-दो दिन भी कारोबार बंद रहना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे में उनका कहना है कि उनकी मजबूरी को समझते हुए उन्हें पर्याप्त मोहलत दी जाए, जिससे उनके सामने अचानक रोजी-रोटी का संकट न खड़ा हो।