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Jhansi News: अष्टधातु मूर्तियां चुराने के 17 साल पुराने मामले में सात साल की कैद
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बैद्यराज स्थित प्राचीन जैन मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी करने वाले अभियुक्त प्रमोद कुमार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी करार देते हुए सात साल कैद समेत जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 20 जनवरी 2008 को कोतवाली में अष्टधातु मूर्तियों के चोरी होने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कुछ दिनों के भीतर बैद्यराज मोहल्ला निवासी प्रमोद उर्फ राजू को उसके एक अन्य साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसकी सुरागकशी के बाद पुलिस ने उसके पास से 70 मूर्तियां बरामद की। इनमें भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति भी शामिल थी। इसमें 19 छोटी मूर्तियां, 22 अष्टधातु की छोटी मूर्ति समेत 13 अन्य प्रकार की मूर्तियां भी शामिल थीं। चोरी की मूर्तियां बरामद करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना के पश्चात कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह मामला पिछले सत्रह साल से कोर्ट में चलता रहा। लंबी जिरह और अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने अभियुक्त प्रमोद को दोषी ठहराया। कोर्ट ने चोरी के आरोप में सिद्ध दोष करार देते हुए उसे सात साल की कैद समेत साढ़े तीन हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। अभियुक्त को दंडित कराने में पीओ अखिलेश कुमार मौर्य, विवेचक कृष्ण कुमार तिवारी, कोर्ट मुहर्रिर ज्ञानवती, पैरोकार कुमकुम का योगदान अहम रहा।
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झांसी। बैद्यराज स्थित प्राचीन जैन मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी करने वाले अभियुक्त प्रमोद कुमार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी करार देते हुए सात साल कैद समेत जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 20 जनवरी 2008 को कोतवाली में अष्टधातु मूर्तियों के चोरी होने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कुछ दिनों के भीतर बैद्यराज मोहल्ला निवासी प्रमोद उर्फ राजू को उसके एक अन्य साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसकी सुरागकशी के बाद पुलिस ने उसके पास से 70 मूर्तियां बरामद की। इनमें भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति भी शामिल थी। इसमें 19 छोटी मूर्तियां, 22 अष्टधातु की छोटी मूर्ति समेत 13 अन्य प्रकार की मूर्तियां भी शामिल थीं। चोरी की मूर्तियां बरामद करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना के पश्चात कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह मामला पिछले सत्रह साल से कोर्ट में चलता रहा। लंबी जिरह और अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने अभियुक्त प्रमोद को दोषी ठहराया। कोर्ट ने चोरी के आरोप में सिद्ध दोष करार देते हुए उसे सात साल की कैद समेत साढ़े तीन हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। अभियुक्त को दंडित कराने में पीओ अखिलेश कुमार मौर्य, विवेचक कृष्ण कुमार तिवारी, कोर्ट मुहर्रिर ज्ञानवती, पैरोकार कुमकुम का योगदान अहम रहा।
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