{"_id":"613faf078ebc3ebd6d796c4c","slug":"seven-postal-workers-suspended-in-three-months-outrage-jhansi-news-jhs204240974","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी : तीन माह में सात डाक कर्मियों को किया निलंबित, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी : तीन माह में सात डाक कर्मियों को किया निलंबित, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश
Tue, 14 Sep 2021 05:22 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 05:22 PM IST
सार
भारतीय डाक विभाग के प्रवर डाक अधीक्षक ने तीन महीने के भीतर ही सात डाक कर्मियों को अनुशासनहीनता और मेडिकल क्लेम की जांच के चलते निलंबित कर दिया है। सिर्फ नाम और पदनाम भर कर निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय डाक विभाग के प्रवर डाक अधीक्षक ने तीन महीने के भीतर ही सात डाक कर्मियों को अनुशासनहीनता और मेडिकल क्लेम की जांच के चलते निलंबित कर दिया है। प्रवर डाक अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि प्रवर डाक अधीक्षक द्वारा सभी डाकघरों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिसके चलते विभागीय कर्मचारियों ने प्रवर डाक अधीक्षक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। मांग पूरी नहीं होने पर निलंबित करने का आरोप लगाते हुए कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
निरीक्षण के दौरान मामूली सी भी कमी मिलते ही संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया जा रहा है। बताया कि निलंबन पत्र को जेब में रखकर ही चला जा रहा है। सिर्फ नाम और पदनाम भर कर निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। परेशान करने की नियत से कई कर्मचारियों को आरोप पत्र थमाया गया है। बहाली के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। उधर, प्रवर डाक अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोप बेबुनियाद हैं।
मेडिकल क्लेम की जांच और अनियमितताएं मिलने पर कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जबकि, एक कर्मचारी को सीनियर पोस्टमास्टर द्वारा निलंबित किया गया है। निरीक्षण के दौरान कोई भी बड़ी गलती अथवा चूक नहीं मिली थी। सिर्फ मामूली बात को लेकर निलंबित कर दिया गया है। बहाली के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है।
विज्ञापन
ओपी पाल, उप डाकपाल
योजना के तहत निरीक्षण किया जा रहा है। विजिट के दौरान छोटी-मोटी खामियां मिलने पर पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। बहाली के नाम पर एक लाख की मांग की जा रही है।
बलराम रायकवार, उप डाकपाल
विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लगातार परेशान किया जा रहा है। कोविड काल के दौरान पत्नी कोविड पॉजिटिव हो गई थी। लेकिन मेरी छुट्टियां निरस्त कर दी गईं थी।
राजेंद्र सिंह, उप डाकपाल
प्रवर डाक अधीक्षक सस्पेंशन ऑर्डर को साथ लेकर चल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान किसी भी कर्मचारी को निलंबित कर देते हैं। बिचौलियों के माध्यम से रुपयों की मांग की जा रही है।
राम कुमार राय, सहायक डाकपाल
कुछ दिन पहले मुझे सस्पेंड कर दिया गया था। एसएसपीओ के कहने पर एक इंस्पेक्टर द्वारा बहाल करने के एक लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। मांग नहीं मानने पर बड़ी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।
राजाराम प्रजापति, डाक सहायक
पुराने मेडिकल मामले को लेकर मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि पूरे प्रकरण का ऑडिट भी हो चुका है। अब निलंबित कर दिया गया है। रुपयों की मांग की जा रही है।
रोहित शर्मा, डाक सहायक
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान मामूली सी भी कमी मिलते ही संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया जा रहा है। बताया कि निलंबन पत्र को जेब में रखकर ही चला जा रहा है। सिर्फ नाम और पदनाम भर कर निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। परेशान करने की नियत से कई कर्मचारियों को आरोप पत्र थमाया गया है। बहाली के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। उधर, प्रवर डाक अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोप बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन
मेडिकल क्लेम की जांच और अनियमितताएं मिलने पर कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जबकि, एक कर्मचारी को सीनियर पोस्टमास्टर द्वारा निलंबित किया गया है। निरीक्षण के दौरान कोई भी बड़ी गलती अथवा चूक नहीं मिली थी। सिर्फ मामूली बात को लेकर निलंबित कर दिया गया है। बहाली के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है।
विज्ञापन
ओपी पाल, उप डाकपाल
योजना के तहत निरीक्षण किया जा रहा है। विजिट के दौरान छोटी-मोटी खामियां मिलने पर पर निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। बहाली के नाम पर एक लाख की मांग की जा रही है।
बलराम रायकवार, उप डाकपाल
विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लगातार परेशान किया जा रहा है। कोविड काल के दौरान पत्नी कोविड पॉजिटिव हो गई थी। लेकिन मेरी छुट्टियां निरस्त कर दी गईं थी।
राजेंद्र सिंह, उप डाकपाल
प्रवर डाक अधीक्षक सस्पेंशन ऑर्डर को साथ लेकर चल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान किसी भी कर्मचारी को निलंबित कर देते हैं। बिचौलियों के माध्यम से रुपयों की मांग की जा रही है।
राम कुमार राय, सहायक डाकपाल
कुछ दिन पहले मुझे सस्पेंड कर दिया गया था। एसएसपीओ के कहने पर एक इंस्पेक्टर द्वारा बहाल करने के एक लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। मांग नहीं मानने पर बड़ी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।
राजाराम प्रजापति, डाक सहायक
पुराने मेडिकल मामले को लेकर मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि पूरे प्रकरण का ऑडिट भी हो चुका है। अब निलंबित कर दिया गया है। रुपयों की मांग की जा रही है।
रोहित शर्मा, डाक सहायक