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बुंदेलखंड के सात बांध गाद से भरे, पानी के भंडारण की क्षमता रह गई आधी

Tue, 19 Jul 2022 12:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 12:24 AM IST
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Seven dams of Bundelkhand filled with silt, water storage capacity reduced to half
झांसी। एक दशक पहले पचास साल की उम्र पूरी कर चुके बुंदेलखंड के माताटीला, गोविंद सागर समेत सात बांध गाद से भर चुके हैं। स्थिति यह है कि अब इनमें पानी के भंडारण की क्षमता आधी रह गई है। इन सभी बांधों में करीब 1800 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी स्टोर करने की क्षमता थी लेकिन अब इनमें सिर्फ 898.8 एमसीएम पानी ही स्टोर हो पा रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में इस सूखाग्रस्त इलाके में पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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बुंदेलखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 22 बांध झांसी मंडल में बनाए गए थे। पथरीली जमीन होने के नाते बांधों में पानी रोककर उनका इस्तेमाल पीने से लेकर सिंचाई तक में होता है। इनमें 9 बांध ललितपुर में जबकि 13 झांसी में हैं। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि समय के साथ यह बांध पुराने पड़ते जा रहे हैं। बांध की उम्र अधिकतम 50 वर्ष मानी जाती है। इस अवस्था तक पहुंचते-पहुंचते बांध के अंदर काफी गाद भर जाती है। इसके चलते नीचे के स्लूज भी नहीं खुल पाते। इससे बांधों की सफाई नहीं हो पाती। धीरे-धीरे बांधों में पानी सहेजने की क्षमता खत्म होती जाती है। मंडल के सात बांधों की क्षमता भी घटकर पचास फीसदी ही रह गई है। इनमें पारीछा बांध बेतवा, सुकुवां बांध बेतवा, गोविंद सागर शहजाद, रोहिणी बांध रोहिणी नदी पर, रोहणी नदी पर ही दूसरा बांध रोहिणी लोअर है। वहीं पहूंज नदी पर पहूंज बांध बना है। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि इनमें से पारीछा, सुकुवां ढुकुवा एवं गोविंद सागर आजादी के पहले से बने हुए हैं। लिहाजा इनकी क्षमता काफी कम हो गई है। इसी तरह माताटीला बांध वर्ष 2014 में अपनी उम्र पूरी कर चुका। इसके बाद से इस बांध में भी काफी गाद भर चुकी। यही हाल पारीछा एवं सुकुवां ढुकुवां एवं गोविंद सागर बांध का भी है। इन सभी का बमुश्किल पचास प्रतिशत ही इस्तेमाल हो पाता है। माताटीला बांध के एक्सईएन मो.फरीद का कहना है कि अधिक समय हो जाने से बांधों के भंडारण क्षमता काफी हद तक प्रभावित होती है। माताटीला बांध में ही अब पचास फीसदी पानी स्टोर हो पाता है।
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मंडल में पचास साल से पुराने बांध
निर्माण वर्ष पूर्व की भंडारण क्षमता (एमसीएम में) मौजूदा भंडारण क्षमता (एमसीएम में)
पारीछा बांध 1885 180.24 78.74
सुकुवां ढुकुवां 1900 150.76 57.76
गोविंद सागर 1942 225.42 96.76
माताटीला 1964 1142 641.24
रोहिणी 1970 28.05 12.11
रोहिणी लोवर 1975 30.07 12.27
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