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Jhansi News: परिवहन विभाग की सेवाएं ऑनलाइन, फिर भी दलालों पर नहीं लग रही लगाम

Wed, 02 Aug 2023 12:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:03 AM IST
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Services of Transport Department online, yet brokers are not being restrained
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। प्रदेश सरकार ने भले ही परिवहन विभाग की अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है, लेकिन विभाग को दलालों के चंगुल से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। आलम यह है कि ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहन हस्तांतरण और परमिट, नवीनीकरण सहित ज्यादातर काम दलालों के जरिए ही किए जा रहे हैं। वहीं, कुछ जागरूक आवेदक यदि विभाग की ऑनलाइन सेवाओं के जरिए स्वयं काम कराने कार्यालय जाता है, तो उसको कार्यालय में बैठे बाबू इतना परेशान करते हैं, कि उसको मजबूरन दलालों की मदद लेनी पड़ती है। वहीं, विभागीय अफसरों की अनदेखी के चलते सरकार की योजना फेल साबित हो रही है। मंगलवार को कार्यालय जाकर इसकी हकीकत जानी।
बाक्स
वाहन स्थानांतरण के लिए दो हजार की वसूली
वाहन को हस्तांतरण कराने के लिए भी दलालों ने अपने रेट फिक्स किए हुए हैं। परिवहन कार्यालय के बाहर छोटे-छोटे काउंटर लगाकर और वाहनों में पूरा खेल करते हैं। जिन कामों के लिए आवेदक एक-एक महीने तक भटकते हैं, वे काम दलाल आसानी से कुछ दिनों में कराने का दावा करते हैं। कार्यालय में मौजूद एक दलाल से वाहन के हस्तांतरण के लिए पूछा, तो उसने दो हजार रुपये में दो पहिया वाहन के हस्तांतरण कराने की बात कही। बोला दो हजार रुपये दो और सभी दस्तावेज दो से तीन दिन में मिल जाएंगे और कार्यालय भी नहीं आना पड़ेगा। जबकि सरकार ने दो पहिया वाहन के 150 रुपये और चार पहिया वाहन के 300 रुपये ऑनलाइन फीस तय की है। वहीं, दलाल आवेदकों से दो पहिया के 15 और चार पहिया के दो हजार रुपये वसूल रहे हैं।
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बीस दिनों से कार्यालय के काट रहे चक्कर, फिर नहीं हुआ काम
नाम नहीं छापने की शर्त पर एआरटीओ कार्यालय आए आवेदकों ने बताया कि सरकार ने भले ही सभी सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया हो, लेकिन इसका कोई लाभ आमजन को नहीं मिल रहा है। बताया कि विगत 20 दिनों से वह वाहन के हस्तांतरण के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहा है। एक बार कार्यालय आने पर एक हजार का तेल लगता है। वह तीन से चार बार कार्यालय भी वाहन को लाया है। इसके बाद भी बाबू अपनी मनमानी कर रहे हैं। मजबूरन दलाल को 15 हजार रुपये देकर काम कराना पड़ रहा है। दलाल ने सात दिनों में वाहन के हस्तांतरण कराने का दावा किया है। वहीं, पाली के रहने वाले एक आवेदक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वाहन की फिटनेस कराने के लिए विगत दस दिनों से कार्यालय आ रहे हैं। बार-बार वाहन में एक के बाद एक कमी दिखाकर वाहन को अनफिट बताकर वापस कर दिया जाता है बहुत परेशान हैं।
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सरकारी फीस दलालों के रेट
दो पहिया वाहन- 150 1500 से 2000
चार पहिया - 300 2000 से 2500
कामर्शियल - 500 2500 से 3000


किसी आवेदक को कोई समस्या आती है, तो वह आकर बताए। कार्यालय में पूरी तरह से दलालों का प्रवेश वर्जित है। आवेदकों की समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। - मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ
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