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चपरासी को दे दिया प्रथम श्रेणी लिपिक का काम
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झांसी। नगर निगम में एक निलंबित चपरासी को बहाल कर प्रथम श्रेणी लिपिक के समकक्ष कार्य दिया गया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निगम के प्रमुख व्यावसायिक लाइसेंस और स्वास्थ्य विभाग के सर्किल पांच के अधिष्ठान का काम सौंपा गया है। इसे लेकर नगर निगम के कर्मचारियों में चर्चा का आलम है। वहीं, पार्षदों ने भी इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है।
नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 16 दिसंबर 2019 को इलाइट चौराहे पर देश के नए कानून के विरोध में धरना देने पर शासकीय सेवा आचरण नियमावली का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया था। मामले में अपर नगर आयुक्त को जांच सौंपी गई। जिसमें कर्मचारी से जवाब तलब करते हुए आंशिक दोषी मानकर तीन अक्तूबर 2020 को बहाल कर दिया गया। इसके नौ दिन बाद ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को व्यावसायिक लाइसेंस और स्वास्थ्य विभाग सर्किल - पांच के अधिष्ठान का काम सौंप दिया गया। इसे लेकर कर्मचारियों और पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। पार्षदों का कहना है कि कई लिपिक हैं, तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लिपिक का काम क्यों दिया गया? पार्षदों ने महापौर से शिकायत करने की तैयारी की है। नगर आयुक्त अवनीश राय ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी की जाएगी।
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नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 16 दिसंबर 2019 को इलाइट चौराहे पर देश के नए कानून के विरोध में धरना देने पर शासकीय सेवा आचरण नियमावली का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया था। मामले में अपर नगर आयुक्त को जांच सौंपी गई। जिसमें कर्मचारी से जवाब तलब करते हुए आंशिक दोषी मानकर तीन अक्तूबर 2020 को बहाल कर दिया गया। इसके नौ दिन बाद ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को व्यावसायिक लाइसेंस और स्वास्थ्य विभाग सर्किल - पांच के अधिष्ठान का काम सौंप दिया गया। इसे लेकर कर्मचारियों और पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। पार्षदों का कहना है कि कई लिपिक हैं, तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लिपिक का काम क्यों दिया गया? पार्षदों ने महापौर से शिकायत करने की तैयारी की है। नगर आयुक्त अवनीश राय ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी की जाएगी।
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