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मेडिकल कॉलेज में अब गंभीर मरीज ही होंगे भर्ती
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में अब गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया जाएगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते यह फैसला लिया गया है। ताकि, गंभीर रोगियों के लिए बेड की उपलब्धता बनी रहे।
मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कोविड अस्पताल बना हुआ है। यहां पर 230 बेड हैं। पिछले चार दिनों में तीन दिन 50 से अधिक मामले सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज में रोजाना काफी संख्या में मरीज भर्ती हो रहे हैं। मौजूदा समय में कोविड अस्पताल में डेढ़ सौ बेड भर चुके हैं। मात्र 80 बेड की ही उपलब्धता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फैसला किया है कि अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए बिना लक्षण वाले 15 वर्ष से ज्यादा और 50 साल से कम उम्र के गैर गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा। अभी कोरोना के मामले घटने के बाद ऐसे मरीजों को भी कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाने लगा था, जो गंभीर नहीं हैं। मगर कोरोना के लगातार बढ़ते केसों के मद्देनजर अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गंभीर रोगियों को ही भर्ती करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में अब गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जाएगा। बिना लक्षण वाले 15 वर्ष से ज्यादा और 50 साल से कम उम्र के गैर गंभीर रोगियों को भर्ती नहीं किया जाएगा। ताकि, गंभीर रोगियों के लिए बेड की कमी न रहे। वहीं, जिन लोगों को बुखार है और कोरोना जांच रिपोर्ट आने में समय लग रहा है, वो आइवरवेक्टिन की टेबलेट खा सकते हैं। विटामिन डी का भी सेवन करते रहें। - डॉ. अंशुल जैन, नोडल अधिकारी, कोविड, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कोविड अस्पताल बना हुआ है। यहां पर 230 बेड हैं। पिछले चार दिनों में तीन दिन 50 से अधिक मामले सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज में रोजाना काफी संख्या में मरीज भर्ती हो रहे हैं। मौजूदा समय में कोविड अस्पताल में डेढ़ सौ बेड भर चुके हैं। मात्र 80 बेड की ही उपलब्धता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फैसला किया है कि अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए बिना लक्षण वाले 15 वर्ष से ज्यादा और 50 साल से कम उम्र के गैर गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा। अभी कोरोना के मामले घटने के बाद ऐसे मरीजों को भी कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाने लगा था, जो गंभीर नहीं हैं। मगर कोरोना के लगातार बढ़ते केसों के मद्देनजर अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गंभीर रोगियों को ही भर्ती करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में अब गंभीर रोगियों को ही भर्ती किया जाएगा। बिना लक्षण वाले 15 वर्ष से ज्यादा और 50 साल से कम उम्र के गैर गंभीर रोगियों को भर्ती नहीं किया जाएगा। ताकि, गंभीर रोगियों के लिए बेड की कमी न रहे। वहीं, जिन लोगों को बुखार है और कोरोना जांच रिपोर्ट आने में समय लग रहा है, वो आइवरवेक्टिन की टेबलेट खा सकते हैं। विटामिन डी का भी सेवन करते रहें। - डॉ. अंशुल जैन, नोडल अधिकारी, कोविड, मेडिकल कॉलेज।
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