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सेप्सिस भी घातक, हर साल 20 फीसदी मौतें

Sat, 05 Dec 2020 12:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Dec 2020 12:45 AM IST
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Sepsis also diseases dangerous,20 percent dead every year
झांसी। सेप्सिस, सेप्सिसिमिया या रक्तपूतिता एक गंभीर रक्त संबंधित रोग है। यह बीमारी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में आसानी से हो सकती है। इससे ग्रस्त होने की संभावनाएं तब और बढ़ जाती है, जब शरीर पहले से ही किसी अन्य संक्रमण जनित रोग से जूझ रहा हो। यह संक्रमण शरीर के स्वस्थ हिस्से और रक्त को भी क्षति पहुंचाता है, जो रोगी के स्वस्थ होने में बाधक है। डब्ल्यूएचओ के आठ सितंबर 2020 के नवीनतम रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि कोरोना संक्रमण या दूसरे किसी संक्रमण के रोगियों में सेप्सिस होने की संभावनाएं बहुत बढ़ जाती है। प्रत्येक वर्ष विश्व में होने वाली मृत्यु के आंकड़ों में 20 प्रतिशत मृत्यु का कारण सेप्सिस है।
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समय, लक्षण पहचान कर निदान करना जरूरी है अन्यथा देर होने से शरीर के अंग लीवर, किडनी आदि काम करना बंद कर सकते हैं। यह परिस्थिति रोगी के लिए नुकसानदायक हो सकती है। सेप्सिस किसी को भी हो सकता है। विशेष तौर पर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली या प्रतिरोधक शक्ति वाले व्यक्तियों, नवजात शिशुओं, बच्चों, गर्भवतियों, बुजुर्गों, किसी संक्रमण से संक्रमित, एड्स या एचआइवी पॉजिटिव, कैंसर, लिवर सिरोसिस, गुर्दा या प्लीहा संबंधित रोगों से ग्रसित व्यक्ति को मौजूदा कोरोना संक्रमण के दौर ने इसकी संभावनाएं और ज्यादा बढ़ा दी है।
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क्या है लक्षण और उपाय
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इसमें बुखार और कंपकंपी, सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना या तेज होना, हृदय की धड़कन का तेज होना, मानसिक स्वास्थ्य में बदलाव या बेचैनी, असामान्य रक्तचाप, शरीर पर धब्बे या चकत्ते, दस्त, मतली या उल्टी, पेशाब कम आना और शरीर में अत्यधिक दर्द जैसे लक्षण होते हैं।
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स्वच्छता और पोषण से बचाव संभव
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शाहिदा परवीन ने बताया सेप्सिस होने पर उसका इलाज घरेलू उपायों से नहीं हो सकता है। इसका मुख्य कारण स्वच्छता के अभाव में फैला संक्रमण है। इसलिए अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखकर संक्रमित होने से बचें। दूषित पानी और उससे बने भोजन से बचें। भोजन की गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए विटामिन सी युक्त आहार लें और पर्याप्त जल पीयें।
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