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सीपरी ओवरब्रिज: पटरियों के ऊपर वाले हिस्से में छह दिन में रखे जाएंगे छह गार्डर
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झांसी। रेलवे जल्द ही सीपरी ओवरब्रिज का बाकी काम तीन चरणों में शुरू करने जा रहा है। सबसे पहले पटरियों के ऊपर छह दिन में छह गार्डर रखे जाएंगे। ताकि रेल यातायात रोकने की समस्या जल्द खत्म हो जाए। बाद में पानी की टंकी की तरफ गार्डर रखने का काम होगा। अभी 50 मीटर के तीन गार्डर आना बाकी रह गए हैं, जो 30 अगस्त तक झांसी आ जाएंगे। अमर उजाला लगातार इस मुहिम को चला रहा है।
ओवरब्रिज का बाकी काम पिछले डेढ़ साल से 50 मीटर के छह गार्डर न आने के कारण बंद चल रहा है। कंपनी ने ये सभी गार्डर तैयार कर लिए हैं और इनमें तीन गार्डर आ चुके हैं। बाकी के तीन गार्डर भी नोएडा स्थित कंपनी से निकल चुके हैं। चित्रा चौराहे के पास पहले से रखे 36 मीटर के छह और अभी आए 50 मीटर के गार्डरों को कसने (गार्डर अलग- अलग हिस्सों में आते हैं) का काम शुरू हो गया है। इन सब गार्डर के कसने के बाद तीन चरणों में काम शुरू होगा।
पहले चरण में पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह गार्डर रखने का काम होगा। इस काम को छह दिन में ब्लाक लेकर पूरा किया जाएगा। पहले दिन गार्डर रखने के लिए कंक्रीट का बेस तैयार होगा। दूसरे दिन एक और दो नंबर गार्ड रखे जाएंगे। तीसरे दिन फिर कंक्रीट का काम होगा। चौथे दिन तीन और चार नंबर गार्डर रखे जाएंगे। पांचवें दिन पांच और छह नंबर गार्डर रखने का काम होगा। छठवें दिन स्टील के ढांचे का काम होगा। पहले चरण के लिए कुल आठ ब्लाक 10.50 घंटे के लिए जाएंगे, जिनके बीच रेल और सड़क यातायात रोका जाएगा। इस अवधि में बीना- पलवल और झांसी- कानपुर ट्रैक के ट्रेन संचालन को बंद रखा जाएगा।
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दूसरे चरण में सड़क यातायात रोककर पानी की टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम होगा। तीसरे चरण में गार्डर के ऊपर सड़क डालने का काम होगा। निर्माण खंड के एक अधिकारी ने बताया कि सभी गार्डर कसने के बाद ही काम शुरू होगा। ताकि बीच में काम को रोकना न पड़े। ब्लाक लेने के लिए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त से अनुमति मांगी गई है। 15 सितंबर के बाद गार्डर रखने शुरू हो जाएंगे। दिसंबर तक काम पूरा करना है।
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ओवरब्रिज का बाकी काम पिछले डेढ़ साल से 50 मीटर के छह गार्डर न आने के कारण बंद चल रहा है। कंपनी ने ये सभी गार्डर तैयार कर लिए हैं और इनमें तीन गार्डर आ चुके हैं। बाकी के तीन गार्डर भी नोएडा स्थित कंपनी से निकल चुके हैं। चित्रा चौराहे के पास पहले से रखे 36 मीटर के छह और अभी आए 50 मीटर के गार्डरों को कसने (गार्डर अलग- अलग हिस्सों में आते हैं) का काम शुरू हो गया है। इन सब गार्डर के कसने के बाद तीन चरणों में काम शुरू होगा।
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पहले चरण में पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह गार्डर रखने का काम होगा। इस काम को छह दिन में ब्लाक लेकर पूरा किया जाएगा। पहले दिन गार्डर रखने के लिए कंक्रीट का बेस तैयार होगा। दूसरे दिन एक और दो नंबर गार्ड रखे जाएंगे। तीसरे दिन फिर कंक्रीट का काम होगा। चौथे दिन तीन और चार नंबर गार्डर रखे जाएंगे। पांचवें दिन पांच और छह नंबर गार्डर रखने का काम होगा। छठवें दिन स्टील के ढांचे का काम होगा। पहले चरण के लिए कुल आठ ब्लाक 10.50 घंटे के लिए जाएंगे, जिनके बीच रेल और सड़क यातायात रोका जाएगा। इस अवधि में बीना- पलवल और झांसी- कानपुर ट्रैक के ट्रेन संचालन को बंद रखा जाएगा।
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दूसरे चरण में सड़क यातायात रोककर पानी की टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम होगा। तीसरे चरण में गार्डर के ऊपर सड़क डालने का काम होगा। निर्माण खंड के एक अधिकारी ने बताया कि सभी गार्डर कसने के बाद ही काम शुरू होगा। ताकि बीच में काम को रोकना न पड़े। ब्लाक लेने के लिए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त से अनुमति मांगी गई है। 15 सितंबर के बाद गार्डर रखने शुरू हो जाएंगे। दिसंबर तक काम पूरा करना है।