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Jhansi News: बीज घोटाला... जांच के दौरान ही बांट दी थी अनुदान राशि
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। 98 लाख रुपये के बीच घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। यही नहीं जांच के दौरान ही कृषि विभाग ने किसानों को अनुदान राशि भी बांट दी थीं। पात्रता सूची में किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं तो पात्रों का सत्यापन भी नहीं किया गया है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं हैं। डीएम के आदेश पर 12 फरवरी को जांच टीम का गठन किया गया था। जांच में कई अन्य अनियमितताएं भी पाईं गईं हैं। अब किसानों को कार्रवाई का इंतजार है।
कलस्टर योजना में वितरण किए जाने वाले बीज के लिए गांव का चयन पहले ही किया जाता है। इसमें चयन करने पर उच्च अधिकारियों से अनुमोदन करना होता है। इस अवधि यदि किसी गांव को बदला जा रहा है। इसके लिए भी जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुमति और अनुमोदन करना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने चयनित गांव बदलकर 21 नए गांव को शामिल किया। इसके बाद भी किसी अधिकारी से इसका अनुमोदन नहीं लिया गया है।
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कार्रवाई के लिए डीएम ने शासन को भेजा पत्र
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। मामले में तीन गांवों की जांच कराई गई थी। विस्तृत जांच के लिए व कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने संस्तुति करते हुए शासन को पत्र लिखा है। संवाद
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ललितपुर। 98 लाख रुपये के बीच घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। यही नहीं जांच के दौरान ही कृषि विभाग ने किसानों को अनुदान राशि भी बांट दी थीं। पात्रता सूची में किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं तो पात्रों का सत्यापन भी नहीं किया गया है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं हैं। डीएम के आदेश पर 12 फरवरी को जांच टीम का गठन किया गया था। जांच में कई अन्य अनियमितताएं भी पाईं गईं हैं। अब किसानों को कार्रवाई का इंतजार है।
कलस्टर योजना में वितरण किए जाने वाले बीज के लिए गांव का चयन पहले ही किया जाता है। इसमें चयन करने पर उच्च अधिकारियों से अनुमोदन करना होता है। इस अवधि यदि किसी गांव को बदला जा रहा है। इसके लिए भी जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुमति और अनुमोदन करना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने चयनित गांव बदलकर 21 नए गांव को शामिल किया। इसके बाद भी किसी अधिकारी से इसका अनुमोदन नहीं लिया गया है।
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कार्रवाई के लिए डीएम ने शासन को भेजा पत्र
डीएम अक्षय त्रिपाठी ने विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। मामले में तीन गांवों की जांच कराई गई थी। विस्तृत जांच के लिए व कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने संस्तुति करते हुए शासन को पत्र लिखा है। संवाद
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