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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में खंगाला जा रहा डॉक्टर का नेटवर्क
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शिक्षक भर्ती
- फोटो : ?????? ?????
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झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा का मास्टर माइंड डॉक्टर का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में नेटवर्क खंगाला जा रहा है। 2019 में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर नौकरी दिलाने वाले रैकेट से डॉक्टर का कनेक्शन होने का शक है। ऐसे में इलाहाबाद, बुंदेलखंड के अलावा पश्चिमी यूपी तक जांच का दायरा फैला हुआ है। जल्द ही कई नए खुलासे होने की संभावना है।
झांसी के बंगरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नोटा में मेडिकल ऑफिसर के पद पर साल 2017 से तैनात रहा डॉ. केएल पटेल प्राथमिक विद्यालयों में 69000 शिक्षकों की भर्ती प्रकरण का मास्टर माइंड निकला है। लंबे समय से वह सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़ा करा रहा था। प्रदेश ही नहीं देश भर में इसका बड़ा सिंडिकेट है, जो नियुक्तियां निकलते ही सक्रिय हो जाता था। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2019 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 50 से ज्यादा लोगों की फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर शिक्षक पद पर नियुक्ति करा दी गई थी। हालांकि, बाद में मामला पकड़ में आ गया था। अब 69000 शिक्षक भर्ती का मामला पकड़ में आने के बाद हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कासगंज, आगरा समेत 20 जिलों में पटेल का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। इस फर्जीवाड़े के तार भी पटेल से जुड़े होने का शक है।
झांसी में जल्द जांच को आएगी एसटीएफ
प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े की जांच एसटीएफ को सौंपी है। अब जल्द ही एसटीएफ जांच के लिए झांसी आ सकती है। यहां आने के बाद एसटीएफ डॉक्टर से जुड़े तमाम बिंदुओं पर पड़ताल करेगी। अभी पूछताछ के दौरान झांसी से जुड़े अहम सबूत एसटीएफ के हाथ लगे हैं।
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परीक्षा केंद्रों से मिलीभगत के खुल रहे राज
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर और उसके सिंडिकेट से जुड़े जालसाजों के परीक्षा केंद्रों से मिलीभगत के राज खुलने लगे हैं। बुंदेलखंड समेत कई केंद्रों के नाम सामने आए हैं, जो पटेल के साथ सेटिंग करके नकल कराते थे। ऐसे में कुछ और लोगों की धरपकड़ भी संभव है।
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झांसी के बंगरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नोटा में मेडिकल ऑफिसर के पद पर साल 2017 से तैनात रहा डॉ. केएल पटेल प्राथमिक विद्यालयों में 69000 शिक्षकों की भर्ती प्रकरण का मास्टर माइंड निकला है। लंबे समय से वह सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़ा करा रहा था। प्रदेश ही नहीं देश भर में इसका बड़ा सिंडिकेट है, जो नियुक्तियां निकलते ही सक्रिय हो जाता था। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2019 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 50 से ज्यादा लोगों की फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर शिक्षक पद पर नियुक्ति करा दी गई थी। हालांकि, बाद में मामला पकड़ में आ गया था। अब 69000 शिक्षक भर्ती का मामला पकड़ में आने के बाद हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कासगंज, आगरा समेत 20 जिलों में पटेल का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। इस फर्जीवाड़े के तार भी पटेल से जुड़े होने का शक है।
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झांसी में जल्द जांच को आएगी एसटीएफ
प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े की जांच एसटीएफ को सौंपी है। अब जल्द ही एसटीएफ जांच के लिए झांसी आ सकती है। यहां आने के बाद एसटीएफ डॉक्टर से जुड़े तमाम बिंदुओं पर पड़ताल करेगी। अभी पूछताछ के दौरान झांसी से जुड़े अहम सबूत एसटीएफ के हाथ लगे हैं।
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परीक्षा केंद्रों से मिलीभगत के खुल रहे राज
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर और उसके सिंडिकेट से जुड़े जालसाजों के परीक्षा केंद्रों से मिलीभगत के राज खुलने लगे हैं। बुंदेलखंड समेत कई केंद्रों के नाम सामने आए हैं, जो पटेल के साथ सेटिंग करके नकल कराते थे। ऐसे में कुछ और लोगों की धरपकड़ भी संभव है।