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विज्ञान को प्रकृति की नजर से देखें: प्रो. वर्मा
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और शिक्षा सोपान कानपुर द्वारा आयोजित ‘अमर उजाला विज्ञान संवाद’ के दौरान सोमवार को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ प्रो. एचसी वर्मा ने कहा कि विज्ञान की नजर से प्रकृति को नहीं देखना चाहिए। प्रकृति की नजर से विज्ञान को देखें। यही हमारी संस्कृति का परिचय है।
समापन कार्यक्रम में प्रो. वर्मा ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को एक्सपाइज सॉफ्टवेयर की किट भी दी। कहा कि ये नवीनतम उपकरण बहुत सस्ता है। इसके जरिए छात्र प्रयोगशाला के बाहर भी लैपटॉप में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके प्रयोग कर सकते हैं। इस सॉफ्टवेयर से पहले पायथन प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक गणना की जाती थी। सालों से इसे कई विश्वविद्यालय के कोर्सों में शामिल किया गया है। बड़ी संख्या में संस्थान इसे परीक्षण उपकरण के रूप में और विज्ञान, इंजीनियरिंग परियोजनाओं को करने के लिए उपयोग कर रहे हैं। एक्सपाइज-17 पहले के संस्करणों की तुलना में बहुत उन्नत है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से इलेक्ट्रिकल साउंड मेकेनिकल और थर्मल के विभिन्न प्रयोग किए जा सकते हैं। वर्कशॉप के दौरान कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय, प्रो. आशीष मुखोपाध्याय, प्रो. उचित चक्रवर्ती, संयोजक डॉ. संजीव श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर आदि मौजूद रहे।
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समापन कार्यक्रम में प्रो. वर्मा ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को एक्सपाइज सॉफ्टवेयर की किट भी दी। कहा कि ये नवीनतम उपकरण बहुत सस्ता है। इसके जरिए छात्र प्रयोगशाला के बाहर भी लैपटॉप में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके प्रयोग कर सकते हैं। इस सॉफ्टवेयर से पहले पायथन प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक गणना की जाती थी। सालों से इसे कई विश्वविद्यालय के कोर्सों में शामिल किया गया है। बड़ी संख्या में संस्थान इसे परीक्षण उपकरण के रूप में और विज्ञान, इंजीनियरिंग परियोजनाओं को करने के लिए उपयोग कर रहे हैं। एक्सपाइज-17 पहले के संस्करणों की तुलना में बहुत उन्नत है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से इलेक्ट्रिकल साउंड मेकेनिकल और थर्मल के विभिन्न प्रयोग किए जा सकते हैं। वर्कशॉप के दौरान कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय, प्रो. आशीष मुखोपाध्याय, प्रो. उचित चक्रवर्ती, संयोजक डॉ. संजीव श्रीवास्तव, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर आदि मौजूद रहे।
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