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जबरन फीस मांगने पर प्राइवेट स्कूलों पर होगी कार्रवाई
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भाजपा कार्यालय में इलाहाबाद झांसी स्नातक विधायक के चुनाव की मतगणना के लिए आयोजित बैठक में वोलते ?
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झांसी। प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री ने जो प्राइवेट स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए थे। उनका सबको पालन करना होगा। अगर कोई निजी विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक से जबरन फीस मांगता है तो शिकायत पर संबंधित प्राइवेट स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होगी। बुधवार को भाजपा कार्यालय पर उन्होंने ये बात पत्रकारों से कही। वे स्नातक एमएलसी चुनाव की मंडलीय समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने झांसी आए थे।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद मुख्यमंत्री प्राइवेट स्कूल संचालकों को निर्देश दिए थे कि वे अभिभावकों से वाहन शुल्क नहीं लेंगे। हर साल होने वाली पांच से दस प्रतिशत फीस बढ़ोतरी नहीं करेंगे। तीन- तीन महीने की जगह एक- एक महीने की फीस लेंगे। जो अभिभावक फीस देने में सक्षम नहीं हैं, उन पर दबाव नहीं बनाया जाए। प्राइमरी व जूनियर छात्र- छात्राओं के लिए विद्यालय कब से खोले जाएंगे? इस पर उनका कहना था कि बच्चों को मास्क पहनकर स्कूल भेजना ठीक नहीं है। केंद्र सरकार से दिशा निर्देश मिलने के बाद ही स्कूल खोलने पर निर्णय होगा। फिलहाल दिसंबर तक विद्यालय खोले जाने की कोई उम्मीद नहीं है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री अमर पाल मौर्य, जमुना कुशवाहा, मुकेश मिश्रा व संजीव श्रृंगीऋषि मौजूद रहे।
शिक्षक नेताओं ने राज्यमंत्री को बतायीं समस्याएं
सूबे के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री से जनपद के कई शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, महामंत्री धर्मेंद्र चौधरी, देवेश शर्मा, शिव कुमार पाराशर, आनंद मोहन मिश्रा, मुकेश वर्मा, डॉ. अनिरुद्ध रावत ने, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम ने, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील पांडेय, मंत्री राकेश गुबरेले, संरक्षक कमलेश परिहार, धीरेंद्र पुरोहित आदि ने राज्यमंत्री से मुलाकात की। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की समस्याएं बतायी। साथ ही मांग की, कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण करके समस्त शिक्षकों को मनचाहे ब्लॉक में तैनाती दी जाए।
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उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद मुख्यमंत्री प्राइवेट स्कूल संचालकों को निर्देश दिए थे कि वे अभिभावकों से वाहन शुल्क नहीं लेंगे। हर साल होने वाली पांच से दस प्रतिशत फीस बढ़ोतरी नहीं करेंगे। तीन- तीन महीने की जगह एक- एक महीने की फीस लेंगे। जो अभिभावक फीस देने में सक्षम नहीं हैं, उन पर दबाव नहीं बनाया जाए। प्राइमरी व जूनियर छात्र- छात्राओं के लिए विद्यालय कब से खोले जाएंगे? इस पर उनका कहना था कि बच्चों को मास्क पहनकर स्कूल भेजना ठीक नहीं है। केंद्र सरकार से दिशा निर्देश मिलने के बाद ही स्कूल खोलने पर निर्णय होगा। फिलहाल दिसंबर तक विद्यालय खोले जाने की कोई उम्मीद नहीं है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री अमर पाल मौर्य, जमुना कुशवाहा, मुकेश मिश्रा व संजीव श्रृंगीऋषि मौजूद रहे।
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शिक्षक नेताओं ने राज्यमंत्री को बतायीं समस्याएं
सूबे के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री से जनपद के कई शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, महामंत्री धर्मेंद्र चौधरी, देवेश शर्मा, शिव कुमार पाराशर, आनंद मोहन मिश्रा, मुकेश वर्मा, डॉ. अनिरुद्ध रावत ने, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम ने, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील पांडेय, मंत्री राकेश गुबरेले, संरक्षक कमलेश परिहार, धीरेंद्र पुरोहित आदि ने राज्यमंत्री से मुलाकात की। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की समस्याएं बतायी। साथ ही मांग की, कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण करके समस्त शिक्षकों को मनचाहे ब्लॉक में तैनाती दी जाए।
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