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ससुराल से आया 50 लीटर पानी
amarujala
Updated Sun, 17 Jun 2018 01:34 AM IST
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water, jhansi news
- फोटो : demo
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पानी का संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है। आंतियाताल के पास शारदा हिल्स कालोनी में स्थिति बहुत खराब हो गई है। सुबह और शाम 15 मिनट के लिए पेयजल आपूर्ति हो रही है। यदि बिजली मिले तो ठीक अन्यथा पानी का इंतजार करना पड़ रहा है। अगर किसी के यहां कोई मेहमान आ रहा है तो उसे अपने साथ पानी लाना पड़ रहा है। पानी का संकट पानी बरसने के बाद तक जारी रहने की उम्मीद है।
ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित वीआईपी कॉलोनी शारदा हिल्स में सुबह और शाम दस से पंद्रह मिनट की जलापूर्ति हो रही है। अगर, इस बीच बिजली चली जाए तो यह पानी भी हाथ से निकल जाता है। पानी की कमी के कारण यहां के लोग कूलर की जगह पंखे की गरम हवा में रातें काटने को मजबूर हैं। यहां रहने वाले सचिन कुमार के दो सालों की शादी पिछले महीने हुई थी, शुक्रवार को उनको निमंत्रण में बुलाया गया था। चूंकि, ससुराल वाले जानते थे कि शारदा हिल्स कॉलोनी में पानी की समस्या चल रही है। इस कारण वह निमंत्रण में आते समय कंटेनर में 50 लीटर पानी भरकर साथ में लाए। यही स्थिति गोला कुआं की है। यहां पर भी नल नहीं आने के कारण लोगों को बाजार से खाना बनाने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है।
परकोटा के अंदर बसे पुराने शहर में जलसंकट गहराता जा रहा है। यहां हैंडपंप कुछ देर पानी देने के बाद साथ छोड़ दे रहे हैं। पाइप लाइनों का पानी टुल्लू पंप खींच ले रहे हैं। इन क्षेत्रों में टैंकरों से भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही हैं, जिससे लोगों को अब
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इक्का- दुक्का हैंडपंप का ही सहारा है।
यदि बरसात जल्द शुरू नहीं हुई तो जलसंकट गहरा सकता है। भीषण गर्मी पड़ रही है। पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। गोलाकुआं क्षेत्र में आने वाले लक्ष्मणगंज, मोहल्ला पन्नालाल, पुरानी पसरट, गोपाल नीखरा, पुरानी नझाई, सूजे खां खिड़की, भैरों खिड़की, सिजरिया कॉलोनी, चार खंभा समेत आसपास के मुहल्लों का जल स्तर गिरने के कारण अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जो हैंडपंप पानी दे भी रहे हैं, वह थोड़ी देर के बाद साथ छोड़ दे रहे हैं। बोरिंग भी सूख गई हैं। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों ने नलों में टुल्लू पंप लगा रखे हैं, इससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यही नहीं, जिन मोहल्लों में पिछले 50 साल से कभी पानी की कमी नहीं हुई, अब वहां पर भी पानी पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। इससे मोहल्ला नरसिंह राव टौरिया, इतवारी गंज, नझाई बाजार, शारदा हिल्स कालोनी में भी बूंद- बूंद पानी की मारामारी मची हुई है। जल संस्थान ने इन क्षेत्रों में पानी के टैंकर नहीं लगाए हैं, मजबूरन यहां के लोगों को दूर-दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ रहा है।
कुछ ऐसा ही हाल करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवर्टगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्ध नगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा इलाकों का बना हुआ है। यहां पर भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। हालांकि, जल संस्थान इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है। लेकिन, वह भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं।
अगर किसी क्षेत्र में पानी की समस्या है तो वहां के लोग शिकायती पत्र देकर उन्हें स्थिति से अवगत करा सकते हैं। जिन भी क्षेत्रों से पानी संबंधी शिकायतें आ रही हैं, वहां तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
- कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
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ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित वीआईपी कॉलोनी शारदा हिल्स में सुबह और शाम दस से पंद्रह मिनट की जलापूर्ति हो रही है। अगर, इस बीच बिजली चली जाए तो यह पानी भी हाथ से निकल जाता है। पानी की कमी के कारण यहां के लोग कूलर की जगह पंखे की गरम हवा में रातें काटने को मजबूर हैं। यहां रहने वाले सचिन कुमार के दो सालों की शादी पिछले महीने हुई थी, शुक्रवार को उनको निमंत्रण में बुलाया गया था। चूंकि, ससुराल वाले जानते थे कि शारदा हिल्स कॉलोनी में पानी की समस्या चल रही है। इस कारण वह निमंत्रण में आते समय कंटेनर में 50 लीटर पानी भरकर साथ में लाए। यही स्थिति गोला कुआं की है। यहां पर भी नल नहीं आने के कारण लोगों को बाजार से खाना बनाने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है।
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परकोटा के अंदर बसे पुराने शहर में जलसंकट गहराता जा रहा है। यहां हैंडपंप कुछ देर पानी देने के बाद साथ छोड़ दे रहे हैं। पाइप लाइनों का पानी टुल्लू पंप खींच ले रहे हैं। इन क्षेत्रों में टैंकरों से भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही हैं, जिससे लोगों को अब
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इक्का- दुक्का हैंडपंप का ही सहारा है।
यदि बरसात जल्द शुरू नहीं हुई तो जलसंकट गहरा सकता है। भीषण गर्मी पड़ रही है। पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। गोलाकुआं क्षेत्र में आने वाले लक्ष्मणगंज, मोहल्ला पन्नालाल, पुरानी पसरट, गोपाल नीखरा, पुरानी नझाई, सूजे खां खिड़की, भैरों खिड़की, सिजरिया कॉलोनी, चार खंभा समेत आसपास के मुहल्लों का जल स्तर गिरने के कारण अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जो हैंडपंप पानी दे भी रहे हैं, वह थोड़ी देर के बाद साथ छोड़ दे रहे हैं। बोरिंग भी सूख गई हैं। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों ने नलों में टुल्लू पंप लगा रखे हैं, इससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यही नहीं, जिन मोहल्लों में पिछले 50 साल से कभी पानी की कमी नहीं हुई, अब वहां पर भी पानी पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। इससे मोहल्ला नरसिंह राव टौरिया, इतवारी गंज, नझाई बाजार, शारदा हिल्स कालोनी में भी बूंद- बूंद पानी की मारामारी मची हुई है। जल संस्थान ने इन क्षेत्रों में पानी के टैंकर नहीं लगाए हैं, मजबूरन यहां के लोगों को दूर-दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ रहा है।
कुछ ऐसा ही हाल करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवर्टगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्ध नगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा इलाकों का बना हुआ है। यहां पर भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। हालांकि, जल संस्थान इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है। लेकिन, वह भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं।
अगर किसी क्षेत्र में पानी की समस्या है तो वहां के लोग शिकायती पत्र देकर उन्हें स्थिति से अवगत करा सकते हैं। जिन भी क्षेत्रों से पानी संबंधी शिकायतें आ रही हैं, वहां तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
- कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान